केकड़ी की राजनीति में यू-टर्न, 48 घंटे के भीतर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे कमलेश साहू राजस्थान के केकड़ी में निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा ज्वाइन करने के महज 48 घंटे बाद कमलेश साहू ने वीडियो जारी कर वापस कांग्रेस में लौटने का ऐलान किया है। राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी क्षेत्र में आगामी निकाय चुनाव 2026 से ठीक पहले राजनीतिक घटनाक्रम में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दो दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले कांग्रेस के पूर्व पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू ने अपने पद से जुड़ा एक वीडियो सार्वजनिक किया है। इस वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ने और कांग्रेस पार्टी के साथ ही मजबूती से खड़े रहने का खुला ऐलान कर दिया है। कमलेश साहू के इस ताजा रुख ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। उनका दावा है कि उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक मोर्चे पर भारी दबाव का सामना करना पड़ा था तथा धमकियां मिलने के कारण ही उन्हें मजबूरी में भाजपा की सदस्यता लेनी पड़ी थी। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद से ही क्षेत्र की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और दोनों प्रमुख दलों के बीच खींचतान तेज हो गई है। वीडियो संदेश में माफी और सफाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने इस वीडियो के माध्यम से कमलेश साहू ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह हमेशा से कांग्रेस के सिपाही रहे हैं और आगे भी इसी परिवार का हिस्सा बने रहेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि 26 अगस्त को उन्हें भारी दबाव और धमकियों के बीच भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम और भाजपा का मंच साझा करने को लेकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सभी पदाधिकारियों और अपने स्थानीय कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेसी खेमे में जहां राहत और उत्साह का माहौल है, वहीं भाजपा की तरफ से इन गंभीर आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। केकड़ी में पिछले दो दिनों का राजनीतिक घटनाक्रम स्थानीय निकाय चुनावों के टिकट वितरण को लेकर केकड़ी विधानसभा और नगरपालिका क्षेत्र में नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला तेजी से चल रहा है। पिछले कुछ दिनों में यहां की राजनीतिक तस्वीर काफी तेजी से बदली है। • अनिल मित्तल की कांग्रेस में वापसी: पच्चीस अगस्त को भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल ने केसरिया खेमा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था, जिसे स्थानीय स्तर पर भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना गया था। • भाजपा का पलटवार: अनिल मित्तल के जाने के बाद भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने तेजी दिखाते हुए राजनीतिक दांव चला और कांग्रेस के पूर्व पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू के साथ-साथ सरवाड़ नगर पालिका के पूर्व पालिकाध्यक्ष शंकर सिंह राठौड़ को भी भाजपा में शामिल करा लिया था। • पलट गया पासा: भाजपा के इस जवाबी सियासी कदम के महज अड़तालीस घंटे बाद ही कमलेश साहू के इस वीडियो बयान ने पूरे खेल को पूरी तरह से पलटकर रख दिया है। निकाय चुनाव से पहले शह और मात का खेल एक तरफ अनिल मित्तल का कांग्रेस में शामिल होना और दूसरी तरफ कमलेश साहू का चंद घंटों में अपनी पुरानी पार्टी में वापस लौट आना, इन दोनों वाक्यों ने केकड़ी की राजनीति को बेहद दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनावों के टिकट वितरण से ठीक पहले हो रही इस तरह की उठापटक दोनों ही दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कमलेश साहू की ओर से लगाए गए दबाव और धमकियों के इन संगीन आरोपों पर भाजपा की तरफ से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है। इसका आप पर असर केकड़ी के इस राजनीतिक घटनाक्रम का सीधा असर स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान टिकट बंटवारे और मतदाताओं के समीकरणों पर पड़ेगा। • भारत में: राजनीतिक दलों में लगातार हो रहे इस तरह के दल-बदल से स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीतियां प्रभावित होती हैं और कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनती है। • केकड़ी में: स्थानीय मतदाताओं और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच सरगर्मी बढ़ गई है, जिससे आगामी चुनावों में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ दलबदल का मुद्दा भी अहम भूमिका निभाएगा। सवाल-जवाब 1. कमलेश साहू ने किस पार्टी में वापसी की घोषणा की है? कमलेश साहू ने भाजपा छोड़कर वापस कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की घोषणा की है। 2. कमलेश साहू ने भाजपा छोड़ने की क्या वजह बताई है? उन्होंने दावा किया है कि उन्हें भारी प्रशासनिक व राजनीतिक दबाव और धमकियों के कारण मजबूरी में भाजपा में शामिल कराया गया था। 3. कमलेश साहू ने भाजपा कितने दिनों के भीतर छोड़ी है? उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेने के महज 48 घंटे के भीतर ही वापस लौटने का ऐलान किया है। 4. केकड़ी में अनिल मित्तल ने किस पार्टी का दामन थामा था? अनिल मित्तल ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी का हाथ थामा था। https://trendkia.com/rajasthan/political-twist-in-kekri-kamlesh-sahu-returns-to-congress-within-48-hours-of-joining-bjp-24041 TrendKia — Har trend, sabse pehle.