प्रतापगढ़ के सेमलोपुर खेड़ा में बड़ा हादसा, बकरियां चराते समय तालाब में डूबने से 9 साल की मासूम की मौत राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में बकरियां चराने गई नौ साल की बच्ची शारदा का पैर फिसलने से वह गहरे तालाब में डूब गई, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला स्थित रठांजना थाना क्षेत्र के सेमलोपुर खेड़ा गांव में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। गांव की रहने वाली नौ साल की बालिका शारदा मीणा बकरियां चराने के दौरान एक तालाब में गिर गई और पानी में डूबने से उसकी अकाल मृत्यु हो गई। कक्षा 3 में पढ़ने वाली मासूम बच्ची दोपहर के समय घर से बाहर निकली थी, लेकिन कुछ ही देर में यह हादसा घटी और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बकरियां चराते समय चांदा तलाई में फिसला पैर प्राप्त जानकारी के अनुसार सेमलोपुर खेड़ा निवासी मजदूर किशोर मीणा की सबसे बड़ी बेटी शारदा शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अपने घर के निकट बकरियां चराने के लिए निकली थी। बकरियां चराते हुए वह गांव में ही स्थित चांदा तलाई नामक तालाब के किनारे पहुंची। वहां अचानक उसका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर सीधे तालाब के गहरे पानी में जा गिरी। बालिका को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह पानी में डूबने लगी और छटपटाने लगी। घटना की सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजन जिस समय यह हादसा हुआ, उस दौरान तालाब के पास ही एक छोटा बच्चा मौजूद था। उसने शारदा को पानी में डूबते देखा तो तुरंत दौड़कर उसके परिवार वालों को मामले की जानकारी दी। खबर मिलते ही परिजन और आसपास के लोग घबराए हुए मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत तालाब में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला और बिना समय गंवाए निजी वाहन से उसे प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव इस हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक शारदा अपने माता-पिता की चार संतानों में सबसे बड़ी थी, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। उसके पिता किशोर मीणा परिवार का गुजर-बसर करने के लिए जयपुर शहर में मजदूरी का काम करते हैं। घटना के बाद पुलिस प्रशासन को भी सूचित किया गया, जिसके बाद बालिका के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। इसका आप पर असर ग्रामीण क्षेत्रों में खुले जल स्रोतों और तालाबों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह घटना एक गंभीर चेतावनी प्रस्तुत करती है। • भारत में: देश भर के ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद भरे खुले तालाबों और पोखरों के पास सुरक्षा फेंसिंग या चेतावनी बोर्ड न होने से आए दिन मासूम हादसों का शिकार होते हैं। स्थानीय प्रशासनों को जल स्रोतों की बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था मजबूत करनी होगी। • राजस्थान में: प्रतापगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चराने जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि तालाबों के किनारे फिसलने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। ऐसा क्यों हुआ यह दर्दनाक हादसा तालाब के किनारे सुरक्षा व्यवस्था की कमी और ढलान पर पैर फिसलने के कारण घटित हुआ। • फिसलन भरा किनारा: तालाब की मिट्टी गीली और ढलानदार होने के कारण बच्ची का पैर फिसल गया और वह संतुलन संभाल नहीं सकी। • गहरा पानी और तैरना न आना: चांदा तलाई में पानी गहरा था और मासूम बच्ची को तैरना नहीं आता था, जिससे वह पानी से बाहर निकलने में असमर्थ रही। • सुरक्षा घेरे का अभाव: ग्रामीण क्षेत्र के तालाबों पर किसी तरह की फेंसिंग या सुरक्षा दीवार न होने के कारण बच्चे सीधे पानी के किनारे तक पहुँच जाते हैं। सवाल-जवाब 1. प्रतापगढ़ में यह हादसा कहाँ और कब हुआ? यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 3 बजे राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में रठांजना थाना क्षेत्र के सेमलोपुर खेड़ा गांव स्थित चांदा तलाई तालाब पर हुआ। 2. हादसे का शिकार हुई बालिका की पहचान क्या है? मृतक बालिका की पहचान 9 वर्षीय शारदा मीणा के रूप में हुई है, जो कक्षा 3 की छात्रा थी। 3. हादसा कैसे घटित हुआ? शारदा गांव के पास बकरियां चरा रही थी, तभी चांदा तलाई तालाब के किनारे उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गई। 4. परिजनों को इस घटना के बारे में कैसे पता चला? तालाब के पास मौजूद एक छोटे बच्चे ने शारदा को डूबते देखा और तुरंत दौड़कर उसके परिजनों को सूचना दी। https://trendkia.com/rajasthan/pratapgarh-ke-semlopur-kheda-men-bara-hadasa-bakariyan-charate-samaya-talaba-men-dubane-se-9-sala-ki-masuma-ki-mauta-31878 TrendKia — Har trend, sabse pehle.