प्रतापगढ़ में निकाय चुनाव का घमासान, टिकट कटने पर बागी हुए नेताओं ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की धड़कनें प्रतापगढ़ में निकाय चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन होने के कारण राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टिकट न मिलने से नाराज नेताओं के निर्दलीय उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय और बहुकोणीय हो गया है। प्रतापगढ़ में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन होने के कारण प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खासी चहल-पहल देखी जा रही है। अंतिम समय में अपने परचे दाखिल करने के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवार अपने समर्थकों के भारी हुजूम के साथ रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय पहुंच रहे हैं। विभिन्न दलों द्वारा टिकट वितरण से वंचित रह गए कई प्रमुख दावेदारों ने पार्टी के फैसलों से बगावत करते हुए अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी ताल ठोक दी है, जिससे यहाँ का चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गया है और मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। नामांकन के अंतिम दिन कार्यालयों में उमड़ी भीड़ नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन प्रतापगढ़ के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच गई है। सुबह से ही रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय के बाहर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का तांता लगा हुआ है। अपने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन पत्र जमा कराने पहुँच रहे प्रत्याशियों के कारण परिसरों में भारी भीड़ नजर आ रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। टिकट बंटवारे के बाद भाजपा में बगावत के सुर इस चुनाव में सबसे ज्यादा बगावती तेवर भारतीय जनता पार्टी के भीतर देखने को मिल रहे हैं। पार्टी की आधिकारिक सूची में अपने नाम न पाकर हताश और आक्रोशित कई मजबूत दावेदारों ने बगावत का रास्ता चुन लिया है। ये नेता अब आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ स्वतंत्र रूप से मैदान में उतर चुके हैं जिससे पार्टी के रणनीतिकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पारंपरिक दलों की आपसी खींचतान के बीच स्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। बहुकोणीय मुकाबले में बदला चुनावी परिदृश्य चुनावी मैदान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों से भारी तादाद में निर्दलीय उम्मीदवारों के उतरने से कई सीटों पर मुकाबला सीधे की बजाय बहुकोणीय हो गया है। आज नामांकन का समय समाप्त होने के बाद मैदान में डटे अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। इसके बाद पत्रों की विधिवत जाँच और नाम वापसी के चरणों के बाद ही चुनावी लड़ाई का अंतिम और वास्तविक स्वरूप जनता के सामने आएगा। इसका आप पर असर प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय चुनावों में बागी उम्मीदवारों के निर्दलीय मैदान में उतरने से मुकाबला काफी कड़ा हो गया है, जिससे मतदाताओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। • आम जनता पर प्रभाव: वार्ड स्तर पर बहुकोणीय मुकाबला होने से स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों पर अधिक चर्चा होगी, जिससे मतदाताओं को अपनी पसंद का सबसे उपयुक्त प्रतिनिधि चुनने का व्यापक विकल्प मिलेगा। • प्रतापगढ़ में: नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच सीधा संघर्ष देखने को मिलेगा, जिससे चुनावी अभियानों और जनसंपर्क गतिविधियों में तेजी आएगी। सवाल-जवाब 1. प्रतापगढ़ में निकाय चुनाव के नामांकन की आखिरी तारीख क्या है? प्रतापगढ़ में निकाय चुनाव के नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन आज है। 2. टिकट न मिलने पर दावेदारों ने क्या कदम उठाया है? टिकट से वंचित कई दावेदारों ने बागी तेवर अपनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। 3. किन राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं? चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। 4. किन दलों में बगावत के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं? इस बार भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर बगावत के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। 5. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे क्या होगा? नामांकन समाप्त होने के बाद पत्रों की जाँच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिसके बाद चुनावी मुकाबले की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। https://trendkia.com/rajasthan/pratapgarh-men-nikaya-chunava-ka-ghamasana-tikata-katane-para-bagi-hue-netaon-ne-barhai-rajanitika-dalon-ki-dharakanen-25168 TrendKia — Har trend, sabse pehle.