# पुष्कर मेले में विदेशी मेहमानों के लिए सजेगा फोटोग्राफी का मंच, ग्रामीण रंगों को कैमरे में उतारने पर मिलेगा इनाम

> अजमेर में 10 नवंबर से शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में विदेशी सैलानियों के लिए विशेष फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/pushkar-mele-men-videshi-mehamanon-ke-lie-sajega-photographi-ka-mncha-gramina-rngon-ko-kaimare-men-utarane-para-milega-inama-56344 · **Language:** Hindi
**Tags:** पुष्कर मेला, अजमेर, राजस्थान पर्यटन, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, विदेशी पर्यटक, राजस्थानी संस्कृति

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित तीर्थ नगरी पुष्कर में 10 नवंबर से अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का भव्य आगाज होने जा रहा है। दुनिया भर से आने वाले सैलानियों के बीच इस वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। मेले की रौनक बढ़ाने के लिए जहां ऊंटों और घोड़ों का पारंपरिक श्रृंगार आकर्षण का केंद्र बनता है, वहीं स्थानीय धार्मिक रीति रिवाज, ठेठ ग्रामीण रहन सहन और राजस्थानी लोक परंपराएं विदेशी पर्यटकों को सबसे अधिक लुभाती हैं। इस समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने इस बार विदेशी सैलानियों के लिए विशेष तौर पर 'बेस्ट फोटोग्राफी प्रतियोगिता' आयोजित करने का फैसला किया है।

## विदेशी सैलानियों के लिए विशेष प्रतियोगिता
इस प्रतियोगिता के जरिए मेले में पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों को राजस्थानी लोक जीवन के खूबसूरत और जीवंत पलों को अपने कैमरों में सहेजने का मौका मिलेगा। प्रशासन द्वारा आयोजित इस मुकाबले में विदेशी पर्यटकों द्वारा खींची गई तस्वीरों में से सबसे बेहतरीन और प्रभावशाली तस्वीर का चयन किया जाएगा। चयनित विजेता को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे यहां की लोक संस्कृति और ग्रामीण परिवेश की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ ले जा सकें।

## महीनों पहले से जुटने लगे विदेशी टूर ऑपरेटर
मेला अधिकारी डॉ. नवीन परिहार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्कर मेले के प्रति सैलानियों में भारी दीवानगी रहती है। इस आयोजन की तैयारियों, तारीखों और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विदेशी टूर ऑपरेटर तीन से चार महीने पहले से ही लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। वे मेले की निश्चित तिथियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं और निर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी जानकारी ले रहे हैं। महीनों पहले से शुरू हुई इस सक्रियता को देखते हुए स्पष्ट है कि इस वर्ष भी भारी तादाद में विदेशी सैलानी पुष्कर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।

## ठेठ ग्रामीण जीवन और पारंपरिक दिनचर्या का सम्मोहन
डॉ. परिहार ने स्पष्ट किया कि पुष्कर आने वाले विदेशी मेहमानों का आकर्षण केवल सजे-धजे पशुओं तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि वे यहां के सहज ग्रामीण जीवन को बेहद करीब से देखना पसंद करते हैं। मेले के पड़ावों में जब पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा पहने पशुपालक ऊंटनी का दूध निकालते हैं और ग्रामीण महिलाएं मिट्टी के पारंपरिक चूल्हों पर गर्म रोटियां सेकती हैं, तो ये दृश्य सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। विदेशी मेहमान इन सहज और सांस्कृतिक पलों को अपने कैमरे के लेंस में कैद करने के लिए विशेष रूप से उत्सुक नजर आते हैं।

## इसका आप पर असर
पुष्कर मेले में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को इस बार कई खास अनुभव और अवसर मिलने वाले हैं।

- **पर्यटकों के लिए:** विदेशी सैलानियों को मेले के दौरान आयोजित विशेष फोटोग्राफी प्रतियोगिता में भाग लेकर पुरस्कार जीतने का सीधा मौका मिलेगा। अगर आप 10 नवंबर के आसपास यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो लोक जीवन और पारंपरिक दृश्यों को कैमरे में कैद करके इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं।
- **अजमेर और पुष्कर में:** विदेशी टूर ऑपरेटरों की महीनों पहले से चल रही पूछताछ से स्थानीय होटल, गाइड और परिवहन कारोबारियों को अच्छे व्यवसाय की उम्मीद है। स्थानीय कारोबारियों को अपनी सेवाएं और आतिथ्य व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है।
- **ग्रामीण पशुपालकों के लिए:** पारंपरिक खानपान, दूध दोहने और चूल्हे पर रोटियां बनाने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों को वैश्विक पहचान और सराहना मिलेगी। इससे ग्रामीण कारीगरों और पशुपालकों की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।
- **सांस्कृतिक कार्यक्रमों में:** मेले में आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को राजस्थान के पारंपरिक लोक जीवन का प्रामाणिक अनुभव मिलेगा। आगंतुक निर्धारित तिथियों के अनुसार अपनी यात्रा का कार्यक्रम तय कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
प्रशासन ने विदेशी पर्यटकों के बढ़ते आकर्षण और उनकी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर इस बार विशेष फोटोग्राफी प्रतियोगिता शुरू करने का निर्णय लिया है।

- **अंतरराष्ट्रीय आकर्षण:** विदेशी सैलानी पुष्कर मेले में केवल पशु व्यापार नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन, चूल्हे की रोटियां और पारंपरिक वेशभूषा देखने आते हैं। प्रशासन ने उनकी इसी रुचि को रचनात्मक मंच देने के लिए यह प्रतियोगिता तैयार की।
- **वैश्विक टूर ऑपरेटरों की सक्रियता:** अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर तीन से चार महीने पहले से ही आयोजन की तारीखों और प्रतियोगिताओं की जानकारी जुटा रहे थे। इस अग्रिम मांग ने अधिकारियों को विदेशी मेहमानों के लिए विशेष कार्यक्रम जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
- **सैलानियों की सीधी भागीदारी:** केवल मूकदर्शक बने रहने के बजाय सैलानियों को मेले की गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल करने की योजना बनाई गई। इससे मेले की वैश्विक ब्रांडिंग और पर्यटन आकर्षण दोनों मजबूत होते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले की शुरुआत किस तारीख से होगी?
पुष्कर मेला अजमेर जिले में 10 नवंबर से शुरू होने जा रहा है।

### 2. विदेशी पर्यटकों के लिए प्रशासन द्वारा किस विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है?
विदेशी सैलानियों के लिए बेस्ट फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें सबसे अच्छी तस्वीर लेने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा।

### 3. मेला अधिकारी डॉ. नवीन परिहार के अनुसार विदेशी सैलानी किन दृश्यों को कैमरे में कैद करना पसंद करते हैं?
सैलानी पशुपालकों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में ऊंटनी का दूध निकालने और महिलाओं द्वारा मिट्टी के चूल्हे पर रोटियां बनाने जैसे ग्रामीण दृश्यों को कैद करना पसंद करते हैं।

### 4. विदेशी टूर ऑपरेटर कितने समय पहले से मेले की जानकारी ले रहे हैं?
विदेशी टूर ऑपरेटर मेले की तारीखों और कार्यक्रमों के लिए तीन से चार महीने पहले से ही अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।

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