# राजस्थान एएनटीएफ ने बिहार के रक्सौल से दबोचा 75 हजार का इनामी तस्कर सोहनलाल विश्नोई

> छह साल से फरार चल रहे कुख्यात नशा तस्कर सोहनलाल विश्नोई को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल से गिरफ्तार किया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-antf-ne-bihar-ke-raxaul-se-dabocha-75-hajara-ka-inami-taskara-sohanlal-bishnoi-45982 · **Language:** Hindi
**Tags:** एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, सोहनलाल विश्नोई, रक्सौल, नशा तस्करी, बालोतरा, राजस्थान पुलिस, ऑपरेशन विषनहस

नारकोटिक्स नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने छह वर्ष से चकमा दे रहे 75 हजार रुपये के इनामी नशा तस्कर सोहनलाल विश्नोई को भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित बिहार के रक्सौल से हिरासत में ले लिया है। बालोतरा का मूल निवासी यह आरोपी राजस्थान पुलिस की सर्वाधिक वांछित नार्को-25 सूची में शामिल था। टास्क फोर्स ने यह पूरी कार्रवाई अपने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन विषनहस’ के तहत अंजाम दी है।

## भारत-नेपाल सीमा पर विशेष अभियान से मिली कामयाबी
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी का विवरण साझा करते हुए टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय और लंबे समय से बच रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार सुनियोजित कार्रवाई की जा रही है। सोहनलाल की गिरफ्तारी भी इसी निरंतर अभियान का परिणाम है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने राजस्थान के शीर्ष 25 नशा तस्करों को चिन्हित करके यह सूची तैयार की थी, जिसमें ऐसे अपराधियों को रखा जाता है जिनकी तलाश सबसे गहन स्तर पर की जा रही होती है।

सोहनलाल पिछले छह साल से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और उस पर कानून व्यवस्था की ओर से 75 हजार रुपये का नकद पुरस्कार रखा गया था। टास्क फोर्स को जब उसकी गतिविधि की गुप्त सूचना प्राप्त हुई, तो टीम ने फौरन ‘ऑपरेशन विषनहस’ को सक्रिय किया। बिहार के सीमावर्ती शहर रक्सौल में जाल बिछाकर सुरक्षा दस्ते ने उसे सफलतापूर्वक अपनी गिरफ्त में ले लिया।

## शराब के अवैध कारोबार से शुरू होकर डोडा-चूरा नेटवर्क तक का सफर
जांच से जुड़े विवरणों के अनुसार, बालोतरा निवासी सोहनलाल विश्नोई ने शुरुआत में अवैध शराब की तस्करी के जरिए अपराध की दुनिया में कदम रखा था। समय बीतने के साथ वह अधिक मुनाफे वाले डोडा-चूरा के काले कारोबार में उतर गया। उसने अपनी गतिविधियों का दायरा केवल गृह राज्य तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश और पंजाब में भी अपने तस्करी नेटवर्क को फैला दिया था।

कई राज्यों में फैले इस गिरोह के तार जोड़ने और मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के दृष्टिकोण से जांच अधिकारी इस गिरफ्तारी को अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहे हैं। हालांकि, इस धरपकड़ के तत्काल बाद उसके व्यापक तंत्र में शामिल अन्य सहयोगियों के संदर्भ में विस्तृत तथ्य अभी आधिकारिक तौर पर सामने आने शेष हैं।

## टास्क फोर्स के अभियान में अब तक 103 तस्कर गिरफ्तार
नशे के संगठित अपराध पर प्रहार करने के उद्देश्य से गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अपने अभियान के तहत अब तक कुल 103 बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इस विशेष दस्ते का मुख्य एजेंडा वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात सरगनाओं को कानून के दायरे में लाना है।

सोहनलाल विश्नोई जैसे 75 हजार रुपये के इनामी और छह साल से अदालती प्रक्रिया से दूर भाग रहे अपराधी की गिरफ्तारी इस रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाती है। रक्सौल में संपन्न हुए ‘ऑपरेशन विषनहस’ के उपरांत, अब सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान सोहनलाल से पूछताछ कर उसके अंतरराज्यीय सिंडिकेट के अन्य संपर्कों और वित्तीय कड़ियों को उजागर करने पर केंद्रित रहेगा।

## इसका आप पर असर
सीमावर्ती और अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर नकेल कसने से अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति और स्थानीय अपराध में कमी आएगी।

- **भारत में:** कई राज्यों में फैले नशा तस्करी सिंडिकेट पर चोट पहुंचने से मादक पदार्थों के परिवहन नेटवर्क में रुकावट आएगी। इससे युवाओं तक पहुंचने वाले अवैध डोडा-चूरा और नशीले पदार्थों के प्रवाह को कमजोर करने में मदद मिलेगी।
- **राजस्थान में:** सीमावर्ती इलाकों और बालोतरा क्षेत्र में सक्रिय तस्करों के नेटवर्क की पहचान होने से स्थानीय सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य संपर्कों पर कार्रवाई तेज करेगी जिससे स्थानीय नशाखोरी पर रोक लगेगी।
- **कानूनी कार्रवाई:** लंबे समय से फरार आरोपियों के पकड़े जाने से अन्य वांछित अपराधियों पर कानूनी दबाव बढ़ेगा। टास्क फोर्स द्वारा चलाए जा रहे अभियानों से नशा तस्करों की संपत्तियों और सहयोगियों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
- **नागरिक जागरूकता:** नशा मुक्ति और सुरक्षा अभियानों के तहत स्थानीय लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आम नागरिक अपने आसपास मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को देकर सहयोग कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह गिरफ्तारी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा लंबे समय से फरार चल रहे शीर्ष नशा तस्करों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन विषनहस' के कारण संभव हुई। आरोपी छह साल से पुलिस को चकमा दे रहा था और लगातार अपनी जगह बदल रहा था।

- **लगातार निगरानी और सूचना:** सोहनलाल विश्नोई राजस्थान के शीर्ष 25 वांछित तस्करों में शामिल था और उस पर 75 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस खुफिया तंत्र उसकी गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखे हुए था।
- **अंतरराज्यीय सीमा पर ठिकाना:** गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी भारत-नेपाल सीमा के पास बिहार के रक्सौल में छिपा हुआ था। टास्क फोर्स ने सटीक सूचना मिलने पर सीमावर्ती इलाके में दबिश देकर उसे पकड़ा।
- **तस्करी के नेटवर्क का विस्तार:** आरोपी ने पहले अवैध शराब और बाद में डोडा-चूरा की तस्करी शुरू की थी, जिसका जाल राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश और पंजाब तक फैला हुआ था। इसी विस्तृत नेटवर्क के कारण एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थीं।

## सवाल-जवाब

### 1. सोहनलाल विश्नोई को किस जगह से गिरफ्तार किया गया?
उसे बिहार के रक्सौल से पकड़ा गया, जो भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है।

### 2. आरोपी पर कितना इनाम घोषित था और वह कब से फरार चल रहा था?
सोहनलाल विश्नोई पर 75 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह छह साल से फरार था।

### 3. आरोपी को पकड़ने के लिए किस अभियान के तहत कार्रवाई की गई?
उसे एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 'ऑपरेशन विषनहस' के तहत गिरफ्तार किया।

### 4. सोहनलाल विश्नोई किस प्रकार के नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था?
वह पहले शराब की अवैध तस्करी करता था और बाद में डोडा-चूरा के धंधे में शामिल हो गया।

### 5. आरोपी का तस्करी नेटवर्क किन-किन राज्यों में फैला हुआ था?
उसका तस्करी नेटवर्क राजस्थान के अतिरिक्त मध्यप्रदेश और पंजाब में सक्रिय था।

### 6. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अब तक कितने बड़े तस्करों को पकड़ चुकी है?
टास्क फोर्स अपने अभियान के तहत अब तक 103 बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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