# राजस्थान निकाय चुनाव 2026: वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में बीजेपी को मात, कांग्रेस ने दर्ज की बड़ी जीत

> राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के परिणामों में वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले क्षेत्र झालावाड़ में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस ने झालावाड़ नगर परिषद सहित चार निकायों में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि बीजेपी के खाते में केवल तीन निकाय आए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-civic-body-elections-2026-major-setback-for-bjp-in-jhalawar-32114 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान निकाय चुनाव, वसुंधरा राजे, झालावाड़, कांग्रेस जीत, बीजेपी हार, हाड़ौती क्षेत्र

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के हालिया परिणामों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, विशेष तौर पर हाड़ौती क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले गृह जिले झालावाड़ में पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस चुनाव में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ताधारी दल के इस मजबूत किले को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए स्पष्ट बहुमत अपने नाम कर लिया है। जिले कुल आठ नगरीय निकायों में से चार स्थानों पर कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जिससे पार्टी खेमे में भारी उत्साह का माहौल है। इस अप्रत्याशित चुनावी नतीजे ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि इस क्षेत्र को लंबे समय से बीजेपी का सबसे सुरक्षित और मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

## झालावाड़ नगर परिषद और अन्य निकायों का हाल
झालावाड़ नगर परिषद के चुनाव परिणामों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं क्योंकि यहां लंबे समय से बीजेपी का बोर्ड काबिज था। कुल 45 वार्डों वाले इस निकाय में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 सीटों पर कब्जा जमाया और स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। इसके विपरीत, बीजेपी महज 13 वार्डों में सिमट कर रह गई, जबकि एक वार्ड में आम आदमी पार्टी और दो वार्डों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। कांग्रेस इस जीत को एक बड़ी उपलब्धि मान रही है। गौर करने वाली बात यह है कि झालावाड़ नगर परिषद झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां से वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह लगातार पांच बार से सांसद हैं और उनसे पहले खुद वसुंधरा राजे भी इसी सीट से पांच बार सांसद रह चुकी हैं। इस प्रकार, इस वीआईपी क्षेत्र में बीजेपी की हार उसके शीर्ष नेतृत्व के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश है।

## कांग्रेस का दबदबा और अन्य निकायों की स्थिति
केवल झालावाड़ नगर परिषद ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य महत्वपूर्ण निकायों में भी कांग्रेस पार्टी ने अपना परचम लहराया है। कांग्रेस ने झालावाड़ के अलावा भवानी मंडी, खानपुर और डग नगर निकायों में भी बहुमत हासिल करने में सफलता प्राप्त की है। भवानी मंडी निकाय में कांग्रेस को 26 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी के खाते में 13 सीटें आईं और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। इसी तरह खानपुर नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस ने 18 सीटों पर जीत हासिल की और बीजेपी केवल 7 सीटों पर ही सिमट गई। डग नगर पालिका में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही रही, जहां कांग्रेस को 14 और बीजेपी को केवल 6 सीटों से संतोष करना पड़ा। इन सभी परिणामों ने स्थानीय स्तर पर सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है।

## बीजेपी और आम आदमी पार्टी की स्थिति
दूसरी ओर, बीजेपी के हाथ केवल तीन निकाय ही लग पाए हैं, जिनमें झालरापाटन, अकलेरा और मनोहरथाना शामिल हैं। झालरापाटन विधानसभा सीट से खुद वसुंधरा राजे विधायक हैं, और राहत की बात यह रही कि यहां बीजेपी अपना बोर्ड बनाने की स्थिति में है। झालरापाटन नगर पालिका चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिला है जहां पार्टी ने 22 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 8 और आम आदमी पार्टी को 5 सीटों पर संतोष करना पड़ा। इसके अलावा अकलेरा नगर पालिका में बीजेपी को 25 और कांग्रेस को 8 सीटें मिलीं, साथ ही दो सीटों पर निर्दलीय जीते। मनोहरथाना में कुल 20 सीटों में से बीजेपी ने 11 पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 6 और निर्दलीय को 3 सीटें मिलीं। वहीं पिड़ावा नगर पालिका का परिणाम त्रिशंकु रहा है, जहां किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। पिड़ावा में कांग्रेस 8 सीटों के साथ आगे चल रही है, बीजेपी को 6 सीटें मिली हैं, और आम आदमी पार्टी ने 5 सीटें जीतकर किंग मेकर की भूमिका हासिल कर ली है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय विजयी रहा है।

## इसका आप पर असर
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के इन परिणामों का सीधा असर स्थानीय प्रशासनिक नियंत्रण और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर पड़ेगा, जिससे हाड़ौती क्षेत्र में सत्ता संतुलन बदल गया है।

- **भारत में:** इन परिणामों को राज्य स्तर पर राजनीतिक बदलाव के एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
- **झालावाड़ में:** स्थानीय नागरिकों और मतदाताओं के लिए नगर निकायों में नए नेतृत्व के आने से स्थानीय विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं की प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
झालावाड़ जिले में बीजेपी के गढ़ में हुई यह हार स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों और जनता के बदलते रुझान का परिणाम है।

- **स्थानीय सत्ता विरोधी रुझान:** कई वार्डों में लंबे समय से एक ही पार्टी का कब्जा रहने के कारण मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया।
- **संगठन की रणनीति:** कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय स्तर पर मजबूत गोलबंदी की और झालावाड़ के अलावा भवानी मंडी, खानपुर और डग जैसे निकायों में सुनियोजित प्रचार किया।
- **गठबंधन और निर्दलियों की भूमिका:** पिड़ावा जैसे निकायों में त्रिशंकु परिणाम आने से आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार किंग मेकर की भूमिका में उभरे।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में झालावाड़ नगर परिषद में किस पार्टी को जीत मिली है?
कांग्रेस पार्टी ने झालावाड़ नगर परिषद में 29 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।

### 2. झालावाड़ नगर परिषद में बीजेपी को कितनी सीटें मिलीं?
बीजेपी झालावाड़ नगर परिषद में केवल 13 वार्डों में सिमट कर रह गई।

### 3. वसुंधरा राजे किस विधानसभा सीट से विधायक हैं?
वसुंधरा राजे झालावाड़ जिले की झालरापाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं।

### 4. झालावाड़-बारां लोकसभा सीट से सांसद कौन हैं?
इस सीट से वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं।

### 5. कांग्रेस ने झालावाड़ के अलावा किन अन्य निकायों में बहुमत प्राप्त किया है?
कांग्रेस ने झालावाड़ के अलावा भवानी मंडी, खानपुर और डग निकायों में भी पूर्ण बहुमत हासिल किया है।

### 6. पिड़ावा नगर पालिका चुनाव के परिणाम कैसे रहे हैं?
पिड़ावा में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जहां कांग्रेस 8 और बीजेपी 6 सीटों के साथ आगे है जबकि आम आदमी पार्टी को 5 सीटें मिली हैं।

### 7. बीजेपी ने जिले के किन तीन निकायों में जीत दर्ज की है?
बीजेपी ने झालरापाटन, अकलेरा और मनोहरथाना निकायों में जीत हासिल की है।

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