राजस्थान में कांग्रेस का हाल बेहाल, पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह का नेतृत्व पर करारा प्रहार कांग्रेस से त्यागपत्र देने के बाद भरतपुर के वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह ने संगठन पर तीखा वार करते हुए कहा कि पार्टी अपनी ही जड़ें खोद रही है और स्वाभिमानी नेताओं की अनदेखी हो रही है। भरतपुर से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद संगठन के शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। छह दशक तक देश की सत्ता संभालने वाली कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान के भीतर पार्टी पूरी तरह से दिशाहीन हो चुकी है और अब केवल ईश्वर के सहारे ही चल रही है। उन्होंने संगठन के मौजूदा ढर्रे की तुलना खुद अपने ही आशियाने को उजाड़ने वाले रवैये से की और कहा कि पार्टी के जिम्मेदार चेहरे जिस डाल पर बैठे हैं, उसी पर कुल्हाड़ी चलाने में लगे हैं। इस घुटन भरे माहौल में स्वाभिमानी कार्यकर्ताओं और नेताओं का टिकना बेहद कठिन हो गया है। घमंड और भ्रम की सियासत छोड़ने की दी नसीहत विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के रणनीतिकारों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी के कर्ताधर्ताओं को अपने अहंकार और गलतफहमी के दायरे से तुरंत बाहर निकलना चाहिए। उनके अनुसार संगठन में पुराने और अनुभवी वरिष्ठ नेताओं के आदर-सत्कार की भारी कमी दिखाई दे रही है। इसके साथ ही नए उभरते युवाओं को जरूरी मार्गदर्शन देने और महिला शक्ति को प्रोत्साहित कर आगे लाने की सोच पूरी तरह गायब हो चुकी है। अपनी कार्यशैली पर अडिग रुख जाहिर करते हुए उन्होंने दो टूक कहा, “चापलूसी न मेरे खून में है, न कभी करूंगा।” खुद को गिरिराज धनी का निष्ठावान सेवक बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सिद्धांतों और सच्चाई के रास्ते पर ही आगे बढ़ते रहेंगे। अगले सियासी कदम का जिम्मा जनता की अदालत में अपने आगे के राजनीतिक सफर को लेकर उन्होंने अपनी पूरी निष्ठा क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति समर्पित कर दी। विश्वेंद्र सिंह ने साफ लफ्जों में ऐलान किया कि उनके भविष्य की दिशा का फैसला जनता करेगी और आम अवाम का जो भी हुक्म होगा, वे उसे पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करेंगे। अपने सार्वजनिक वक्तव्य के समापन में उन्होंने गिरिराज महाराज का जयघोष करते हुए भरतपुर संभाग के नागरिकों के प्रति अपना विशेष आदर और प्रणाम व्यक्त किया। इस कड़े रुख के बाद राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। इसका आप पर असर इस बड़े सियासी घटनाक्रम का राज्य और क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों पर सीधा असर पड़ेगा। • राजस्थान में: पार्टी में अंदरूनी खींचतान बढ़ने से विपक्षी दलों को लाभ मिलने की संभावना प्रबल होगी। आगामी राजनीतिक बहसों और चुनावों में नेतृत्व के फैसलों पर कार्यकर्ताओं का दबाव बढ़ेगा। • भरतपुर में: स्थानीय स्तर पर विश्वेंद्र सिंह के जनाधार के कारण जमीनी निष्ठाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। क्षेत्र के मतदाता और समर्थक अब उनके अगले आधिकारिक सियासी कदम की प्रतीक्षा करेंगे। • कार्यकर्ताओं के लिए: पार्टी संगठन में वफादारी और असंतोष के बीच नए समीकरण तैयार होंगे। कई स्थानीय कार्यकर्ता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर नए विकल्प तलाश सकते हैं। • युवा और महिला नेतृत्व पर: संगठन के भीतर नए चेहरों की हिस्सेदारी और सम्मान का मुद्दा चर्चा का केंद्र बनेगा। जमीनी स्तर पर नेतृत्व की जवाबदेही को लेकर बहस तेज होगी। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर उपजे गहरे असंतोष और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की पृष्ठभूमि में सामने आया है। • सीधा कारण: विश्वेंद्र सिंह का कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से औपचारिक त्यागपत्र देना इस विवाद का मुख्य कारण बना। इस्तीफे के बाद उन्होंने नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया। • संगठनात्मक उपेक्षा: वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को दरकिनार किए जाने से उपजा रोष लंबे समय से सुलग रहा था। विश्वेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि संगठन में आदर-सम्मान की लगातार कमी महसूस की जा रही थी। • भावी रणनीति: चुनावी राजनीति में जनता के समर्थन को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हुए उन्होंने सीधे जनता से संवाद साधा। इससे यह साफ होता है कि वे अपने क्षेत्र में स्वतंत्र आधार मजबूत करना चाहते हैं। सवाल-जवाब 1. विश्वेंद्र सिंह ने किस पार्टी से इस्तीफा दिया है? विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया है। 2. विश्वेंद्र सिंह किस क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं? वे राजस्थान के भरतपुर संभाग से ताल्लुक रखते हैं। 3. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर क्या मुख्य आरोप लगाए? उन्होंने पार्टी में अहंकार, वरिष्ठ नेताओं के अनादर तथा युवाओं और नारी शक्ति की अनदेखी का आरोप लगाया। 4. विश्वेंद्र सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में क्या कहा? उन्होंने कहा कि उनके भविष्य का फैसला जनता करेगी और जनता का जो भी आदेश होगा, वह उन्हें स्वीकार होगा। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-congress-in-disarray-as-vishvendra-singh-mounts-fierce-attack-on-state-leadership-45198 TrendKia — Har trend, sabse pehle.