# राजस्थान क्रिकेट संघ को बीसीसीआई से मिले 30 करोड़ रुपये, बैंक का पूरा कर्ज चुकाया

> भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने राजस्थान क्रिकेट संघ को खेल गतिविधियों के संचालन के लिए 30 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है, जिसके बाद प्रशासक ने संघ के पूरे बैंक ऋण का निपटारा कर दिया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-cricket-association-ko-bcci-se-mile-30-karora-rupaye-bainka-ka-pura-karja-chukaya-40648 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान क्रिकेट संघ, बीसीसीआई, भास्कर ए सावंत, देवजीत सेकिया, जयपुर क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट

जयपुर से राजस्थान के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के सुचारू संचालन और खेल गतिविधियों को गति देने के लिए 30 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि स्वीकृत कर जारी कर दी है। इस आर्थिक मदद के मिलते ही संघ ने अपने ऊपर बकाया बैंक ऋण की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान कर दिया है। यह कदम राज्य क्रिकेट के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि संघ लंबे समय से वित्तीय दबावों और संगठनात्मक अनिश्चितताओं से जूझ रहा था।

## प्रशासक की पहल पर बैंक ऋण का पूरी तरह निपटारा
राजस्थान क्रिकेट संघ के मामलों की देखरेख कर रहे प्रशासक और आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत ने इस वित्तीय सहायता और ऋण निपटान की पुष्टि की है। सावंत के अनुसार, बीसीसीआई से 30 करोड़ रुपये की किश्त प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर बैंक लोन के मद में देय पूरी रकम चुका दी गई। इससे संघ पर सालों से चला आ रहा वित्तीय दायित्व समाप्त हो गया है। बैंक का कर्ज पूरी तरह चुकता हो जाने से अब संघ की कार्यप्रणाली पर मंडरा रहे आर्थिक संकट के बादल छंट गए हैं, जिससे आगामी खेल आयोजनों के लिए संसाधन जुटाना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

## बीसीसीआई की बैठक और सचिव के साथ विचार-विमर्श
इस वित्तीय मदद की नींव तब पड़ी जब प्रशासक भास्कर ए. सावंत ने बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में राजस्थान क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व किया था। उस बैठक के दौरान सावंत ने बोर्ड के पदाधिकारियों के समक्ष राजस्थान क्रिकेट से संबंधित महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरतों और खेल गतिविधियों के संचालन में आ रही अड़चनों को विस्तृत प्रस्ताव के जरिए प्रस्तुत किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि राज्य में क्रिकेट के विकास के लिए तत्काल आर्थिक संबल की आवश्यकता है।

इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रशासक भास्कर ए. सावंत ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सेकिया के साथ भी एक अहम बैठक की थी। इस व्यक्तिगत मुलाकात में राजस्थान क्रिकेट संघ से जुड़े तमाम लंबित मामलों, खिलाड़ियों की सुविधाओं और विभिन्न आयु वर्गों के टूर्नामेंट्स के लिए अपेक्षित बजट पर गहन चर्चा हुई थी। सावंत के इन प्रशासनिक प्रयासों के फलस्वरूप क्रिकेट बोर्ड ने संघ के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए 30 करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण राशि जारी करने का निर्णय लिया।

## राज्य में खेल गतिविधियों को मिलेगा नया विस्तार
प्रशासक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई द्वारा उपलब्ध कराई गई इस 30 करोड़ रुपये की राशि का मुख्य उद्देश्य राजस्थान क्रिकेट संघ के अधीन होने वाली तमाम खेल गतिविधियों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाना है। इस कोष से स्थानीय स्तर पर घरेलू टूर्नामेंट्स का आयोजन, खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर, आधारभूत ढांचे की देखभाल और विभिन्न टीमों के संचालन में सहयोग मिलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक संसाधन उपलब्ध होने से राज्यभर के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर मौके मिल सकेंगे।

## चुनाव प्रक्रिया और कानूनी घटनाक्रम के बीच वित्तीय राहत
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब राजस्थान क्रिकेट संघ में पिछले काफी समय से तदर्थ प्रशासनिक व्यवस्था लागू है। जुलाई 2026 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को आरसीए का प्रशासक नियुक्त किया था और उन्हें निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने का दायित्व सौंपा था। अदालत के निर्देशों के तहत 29 सितंबर को संघ की नई कार्यकारिणी के चयन के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई।

मतदान संपन्न होने के बावजूद फिलहाल चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित नहीं किए जा सके हैं, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा पर अंतरिम रोक लगा रखी है और सभी मतपत्रों को सुरक्षित सीलबंद रखने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक गतिरोध के बीच 30 करोड़ रुपये की मदद मिलना और बैंक ऋण का पूरी तरह चुकता होना राज्य क्रिकेट प्रशासन के लिए एक राहत भरी खबर बनकर उभरा है।

## इसका आप पर असर
बीसीसीआई द्वारा जारी 30 करोड़ रुपये के कोष और बैंक कर्ज के पूर्ण भुगतान से राजस्थान में क्रिकेट का प्रशासनिक और खेल ढांचा आर्थिक संकट से बाहर आ गया है।

- **भारत में:** घरेलू क्रिकेट में राज्य संघों का वित्तीय रूप से मजबूत होना राष्ट्रीय टूर्नामेंट संरचना को स्थिरता प्रदान करता है। इससे बोर्ड के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन में कोई प्रशासनिक बाधा नहीं आएगी।
- **राजस्थान में:** राज्य के युवा क्रिकेटरों, कोचों और सहायक कर्मियों के लिए टूर्नामेंट्स और ट्रेनिंग कैंप्स का नियमित आयोजन सुनिश्चित होगा। बैंक लोन समाप्त होने से संघ का बजट अब खेल आयोजनों और खिलाड़ियों की सुविधाओं पर सीधे खर्च किया जा सकेगा।
- **प्रशासनिक असर:** कानूनी पेचीदगियों के बीच प्रशासनिक कामकाज को चालू रखने के लिए जरूरी नकदी उपलब्ध हो गई है। कर्मचारियों के वेतन और दैनिक प्रशासनिक खर्चों में रुकावट आने का खतरा टल गया है।
- **आगामी टूर्नामेंट्स:** विभिन्न आयु वर्ग की राज्य टीमों के चयन और अभ्यास सत्र समय पर संचालित किए जा सकेंगे। बुनियादी ढांचे और मैदानों की मरम्मत के कार्य अब बिना किसी वित्तीय अड़चन के पूरे होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
राजस्थान क्रिकेट संघ पिछले लंबे समय से प्रशासनिक खींचतान और गंभीर वित्तीय देनदारियों से जूझ रहा था, जिसे हल करने के लिए अदालत और क्रिकेट बोर्ड को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा।

- **बैंक कर्ज का भारी दबाव:** संघ पर लंबे समय से बैंक का भारी कर्ज बकाया था, जिसकी अदायगी न होने से दैनिक संचालन और खेल गतिविधियों के लिए फंड की कमी हो रही थी। प्रशासक ने आर्थिक गतिरोध समाप्त करने के लिए बोर्ड से वित्तीय सहायता की मांग की थी।
- **अदालती हस्तक्षेप और प्रशासक की नियुक्ति:** जुलाई 2026 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने प्रशासनिक अव्यवस्था को देखते हुए आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त किया था। सावंत ने जिम्मेदारी संभालते ही बोर्ड की आम बैठक और शीर्ष अधिकारियों के सामने संघ की आर्थिक जरूरतें रखीं।
- **बीसीसीआई से सीधा संवाद:** प्रशासक द्वारा बीसीसीआई सचिव देवजीत सेकिया के साथ की गई व्यक्तिगत बैठक में संघ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना पेश की गई। इसके आधार पर बोर्ड ने खेल गतिविधियों को जारी रखने के लिए 30 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की।
- **चुनाव प्रक्रिया पर कानूनी रोक:** संघ के चुनाव 29 सितंबर को कराए गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने परिणामों की घोषणा पर रोक लगा रखी है। इस राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में बोर्ड द्वारा सीधे धन मुहैया कराना ही खेल व्यवस्था को जिंदा रखने का एकमात्र विकल्प था।

## सवाल-जवाब

### 1. बीसीसीआई ने राजस्थान क्रिकेट संघ को कितनी राशि स्वीकृत की है?
बीसीसीआई ने राजस्थान क्रिकेट संघ की खेल गतिविधियों के संचालन के लिए 30 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।

### 2. बीसीसीआई से प्राप्त राशि का इस्तेमाल किस कार्य में किया गया?
इस राशि से संघ ने अपने ऊपर बकाया समस्त बैंक ऋण का पूर्ण भुगतान कर दिया है और बाकी राशि खेल गतिविधियों में लगाई जाएगी।

### 3. राजस्थान क्रिकेट संघ के वर्तमान प्रशासक कौन हैं?
आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत राजस्थान क्रिकेट संघ के प्रशासक हैं, जिन्हें जुलाई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने नियुक्त किया था।

### 4. आरसीए चुनाव की वर्तमान कानूनी स्थिति क्या है?
आरसीए चुनाव के लिए मतदान 29 सितंबर को हुआ था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने नतीजों की घोषणा पर रोक लगाते हुए वोटों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।

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