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  "title": "राजस्थान के किसानों को भजनलाल सरकार की बड़ी सौगात, अटकी हुई 156 करोड़ की सब्सिडी का रास्ता साफ",
  "summary": "राजस्थान सरकार ने अटल भूजल योजना के तहत पिछले तीन साल से अटकी 156 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी करने का बड़ा फैसला लिया है। इससे 17 जिलों के हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।",
  "content": "जयपुर के अन्नदाताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान प्रशासन ने सूबे के किसानों के हित में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्र की अटल भूजल योजना के तहत पिछले तीन वर्षों से अटकी पड़ी 156 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि के भुगतान को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस संवेदनशील कदम से राज्य के 17 जिलों में खेती-किसानी से जुड़े हजारों लोगों को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचेगा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि किसानों को उनका हक समय पर देना सरकार की पहली प्राथमिकता है।\n\nकिन योजनाओं में मिलेगी सब्सिडी और क्यों अटकी थी राशि\nभारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की देखरेख में चलने वाली अटल भूजल योजना का दायरा राजस्थान के 17 चुने हुए जिलों में 01 अप्रैल 2020 से लागू किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद भूजल स्तर के प्रबंधन को बेहतर करना और सिंचाई के दौरान पानी की बचत करना था। इसके तहत खेतों में डिग्गी, फार्म पौंड, सिंचाई पाइपलाइन, आधुनिक कृषि यंत्र, फसल बदलाव मिनिकिट, फव्वारा, मिनी स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाने पर अनुदान दिया जाता था। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से 15 अक्टूबर 2025 के बाद इस योजना के अगले चरणों पर रोक लगा दी गई थी। योजना के बंद होने से किसानों का अनुदान बीच में ही लटक गया था, जिसमें कृषि विभाग का 90.91 करोड़ रुपये और हॉर्टिकल्चर विभाग का 66.16 करोड़ रुपये का बकाया शामिल था, जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे।\n\nराज्य सरकार के प्रयास और राज्य निधि से भुगतान का फैसला\nइस अटकी हुई राशि को जारी करवाने के लिए राज्य प्रशासन ने केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ लगातार पत्राचार किया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि और उद्यानिकी मंत्री, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष तथा मुख्य सचिव स्तर पर कई दौर की बैठकें और बातचीत हुई। मगर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में शुरुआती देरी और तय तारीख के बाद केंद्रीय योजना के समाप्त होने के चलते केंद्र सरकार ने अनुदान देने में असमर्थता जताई। किसानों की इस बड़ी परेशानी को भांपते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने तय किया कि भले ही केंद्र से बजट न मिले, लेकिन राज्य सरकार अपने खुद के संसाधनों से अन्नदाताओं का एक भी पैसा बकाया नहीं रखेगी। इसके तहत इन सभी देनदारियों का पूरा भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया।\n\nवित्त विभाग की हरी झंडी और डीबीटी के जरिए खातों में ट्रांसफर\nमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य के वित्त विभाग ने अटल भूजल योजना के इन लंबित भुगतानों को चुकाने के लिए औपचारिक रूप से अपनी मंजूरी दे दी है। कृषि आयुक्त नरेश गोयल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित जिलों के जिला परिषदों और जिला कृषि अधिकारियों को बजट आवंटन के निर्देश जारी कर दिए हैं। स्थानीय स्तर के अधिकारियों को यह हिदायत दी गई है कि वे पात्र किसानों के दावों का तुरंत भौतिक सत्यापन करें और डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में राशि भेजना सुनिश्चित करें। इस समय कृषि विभाग की लगभग 90 करोड़ रुपये की बकाया राशि बांटी जा चुकी है, जबकि उद्यानिकी विभाग के 66.16 करोड़ रुपये के बकाए का काम भी अंतिम चरण में है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने दोहराया है कि सरकार हर हाल में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।\n\nइसका आप पर असर\nयह फैसला राजस्थान के 17 जिलों के हजारों किसानों को सीधे तौर पर बड़ी आर्थिक राहत प्रदान करेगा जिनका अनुदान लंबे समय से रुका हुआ था।\n\n• राजस्थान में: राज्य के 17 चयनित जिलों के किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से रुकी हुई सब्सिडी की राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है। इससे उन किसानों को वित्तीय संकट से उबरने में मदद मिलेगी जिन्होंने ड्रिप सिंचाई, पाइपलाइन और कृषि उपकरणों पर निवेश किया था।\n• वित्तीय लाभ: कृषि और उद्यानिकी विभागों के अंतर्गत लंबित पड़े 156 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान से ग्रामीण इलाकों में नकदी का प्रवाह सुधरेगा।\n• पारदर्शिता: जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद पात्र व्यक्तियों के खातों में पैसे भेजे जाने से प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी।\n• कृषि विकास: इस आर्थिक मदद मिलने से किसानों को भविष्य में जल संरक्षण और आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकों को अपनाने में प्रोत्साहन मिलेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअटल भूजल योजना के तहत मिलने वाला अनुदान केंद्र सरकार की समयसीमा समाप्त होने के कारण रुक गया था, जिसे राज्य प्रशासन ने अपने संसाधनों से पूरा करने का निर्णय लिया।\n\n• योजना की समाप्ति: भारत सरकार द्वारा 15 अक्टूबर 2025 के बाद इस केंद्रीय योजना के आगे के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई थी।\n• बकाया राशि: प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी और योजना बंद होने के कारण कृषि विभाग की 90.91 करोड़ और उद्यानिकी विभाग की 66.16 करोड़ की राशि अटक गई थी।\n• केंद्र की असमर्थता: तय समय सीमा के बाद केंद्रीय स्तर से फंड जारी करने में असमर्थता जताए जाने के बाद राज्य को खुद कदम उठाना पड़ा।\n• राज्य का हस्तक्षेप: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से इस पूरे बकाये को चुकाने का ऐतिहासिक फैसला किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राजस्थान सरकार ने कौन सी योजना के तहत रुकी हुई सब्सिडी जारी करने का फैसला किया है?\nराज्य सरकार ने अटल भूजल योजना के तहत पिछले तीन साल से लंबित सब्सिडी जारी करने का फैसला किया है।\n\n2. कुल कितनी राशि का भुगतान किया जाएगा?\nसरकार द्वारा 156 करोड़ रुपये से अधिक की लंबित देनदारियों का भुगतान किया जा रहा है।\n\n3. इस फैसले से कितने जिलों के किसानों को फायदा मिलेगा?\nइस निर्णय से राज्य के 17 चयनित जिलों के हजारों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।\n\n4. बकाया राशि का भुगतान किस फंड से किया जा रहा है?\nयह भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के जरिए किया जा रहा है।\n\n5. किसानों के खातों में पैसे कैसे भेजे जाएंगे?\nपात्र किसानों के भौतिक सत्यापन के बाद डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जा रही है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-17",
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    "राजस्थान किसान",
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