राजस्थान के अलवर में सेकंड हैंड स्कूटी की डील होते ही भड़की आग, बाजार में मची भगदड़ अलवर के व्यस्त नंगली सर्किल पर पुरानी स्कूटी का सौदा तय होते ही वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। दमकल कर्मियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। राजस्थान के अलवर जिले में एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जहाँ एक सेकंड हैंड दोपहिया वाहन की बिक्री पूरी होते ही वह आग की लपटों में घिर गया। शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्त नंगली सर्किल स्थित पुराने वाहनों के क्रय-विक्रय बाजार में यह घटना घटी। वाहन की खरीद-फरोख्त का सौदा तय होते ही अचानक हुए इस हादसे से बाजार में मौजूद व्यापारी, खरीदार और राहगीर दंग रह गए। सौदा फाइनल होते ही उठा धुएं का गुबार नंगली सर्किल पर स्थित पुराने वाहनों की एक दुकान पर एक ग्राहक स्कूटी खरीदने के इरादे से पहुंचा था। वाहन की हालत जांचने-परखने और मोलभाव के बाद खरीदार व विक्रेता के बीच कीमत पर सहमति बन गई। दोनों पक्षों ने सौदा तय कर लिया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जैसे ही दोपहिया वाहन को चालू करके ले जाने की तैयारी की गई, वैसे ही उसके भीतरी हिस्से से अचानक गाढ़ा धुआं निकलने लगा। वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक वाहन से भीषण लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों के प्रयास रहे नाकाम बाजार के बीचों-बीच वाहन में आग भड़कते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने उसे बुझाने की कोशिशें शुरू कर दीं। लोगों ने आग पर पानी और पास में मौजूद मिट्टी फेंककर लपटों को दबाने का प्रयास किया। हालांकि, वाहन में मौजूद पेट्रोल और तेजी से जलने वाले प्लास्टिक फाइबर के पुर्जों की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे दोपहिया वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। भीड़भाड़ वाले इलाके में उठते काले धुएं और लपटों को देखकर मौके पर लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। दमकल कर्मियों ने संभाला मोर्चा हालात को गंभीर होता देख स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए दमकल केंद्र को मामले की सूचना दी। शहर के बीचों-बीच मुख्य चौराहे का मामला होने के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने तुरंत पानी की तेज बौछारें शुरू कर दीं और कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जा सकी, तब तक पूरा वाहन जलकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। इसका आप पर असर इस घटना से पुराने दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत रेखांकित होती है। • भारत में: पुराना दोपहिया वाहन खरीदते समय वायरिंग और फ्यूल लाइन की जांच किसी प्रमाणित मैकेनिक से कराना बेहद जरूरी है। अनदेखी करने पर शॉर्ट सर्किट या लीकेज से ऐसे जानलेवा हादसों का जोखिम बना रहता है। • अलवर में: नंगली सर्किल जैसे घने व्यावसायिक क्षेत्रों के व्यापारियों को अपनी दुकानों पर आपातकालीन अग्निशामक उपकरण अनिवार्य रूप से रखने चाहिए। इससे किसी भी अप्रिय स्थिति में दमकल के पहुंचने से पहले शुरुआती स्तर पर आग रोकी जा सकती है। • वाहन खरीदारों के लिए: किसी भी इस्तेमाल किए गए वाहन का सौदा पक्का करने से पहले उसकी पूरी तकनीकी जांच करवाएं। स्टार्ट करने से पहले बैटरी टर्मिनल और ईंधन की नली में रिसाव की पुष्टि कर लेना आर्थिक नुकसान से बचा सकता है। • बाजार में मौजूद नागरिकों के लिए: पेट्रोल वाले वाहन में आग लगने पर सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित करना चाहिए। पास जाकर वीडियो बनाने या अपर्याप्त साधनों से बुझाने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना एक पुराने दोपहिया वाहन की खरीद प्रक्रिया पूरी होने के ठीक बाद अप्रत्याशित रूप से घटी। • सीधा कारण: सौदा पक्का होने के तुरंत बाद जब स्कूटी को चालू करने का प्रयास किया गया, तभी उसके आंतरिक हिस्से से अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अंदरूनी हिस्से में शॉर्ट सर्किट या फ्यूल लीकेज को संभावित वजह माना जा सकता है, हालांकि आधिकारिक कारण की जांच बाकी है। • आग भड़कने की परिस्थितियां: वाहन के प्लास्टिक पुर्जों और पेट्रोल टैंक में मौजूद ईंधन ने लपटों को तेजी से भड़का दिया। स्थानीय लोगों द्वारा पानी और मिट्टी डालने के बावजूद यह ज्वलनशील सामग्री आग को विकराल बनाती चली गई। • आपातकालीन प्रतिक्रिया: स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख लोगों ने दमकल विभाग को फोन किया, जिसने तुरंत पहुंचकर आग को बुझाया। सवाल-जवाब 1. अलवर में स्कूटी में आग लगने की घटना कहाँ हुई? यह घटना अलवर शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक नंगली सर्किल पर स्थित पुराने वाहनों के बाजार में हुई। 2. स्कूटी में आग किस समय लगी? ग्राहक और विक्रेता के बीच स्कूटी का सौदा तय होने के तुरंत बाद वाहन को स्टार्ट करने की प्रक्रिया के दौरान आग लगी। 3. स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के लिए क्या किया? दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने लपटों पर पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग बेकाबू हो गई। 4. आग पर काबू कैसे पाया गया? सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने पानी की बौछार कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 5. क्या हादसे में स्कूटी को बचाया जा सका? नहीं, जब तक दमकल कर्मियों ने आग बुझाई, तब तक स्कूटी पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-alwar-men-seknda-hainda-skuti-ki-dila-hote-hi-bharaki-aga-bajara-men-machi-bhagadara-43215 TrendKia — Har trend, sabse pehle.