# राजस्थान के बालिका सैनिक स्कूलों के लिए बनी नई नियमावली, एनसीसी प्रशिक्षण और शूटिंग कौशल होंगे अनिवार्य

> सीकर और बीकानेर में संचालित बालिका सैनिक स्कूलों के लिए नया शैक्षणिक और प्रशिक्षण मॉडल तय किया गया है, जिसके तहत प्रवेश परीक्षा, विज्ञान संकाय और सैन्य कौशल को प्राथमिकता दी जाएगी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-balika-sainika-skulon-ke-lie-bani-nai-niyamavali-ncc-prashikshana-aura-shutinga-kaushala-honge-anivarya-32456 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान सैनिक स्कूल, सीकर न्यूज, बीकानेर, एनसीसी, एनडीए प्रवेश, शिक्षा नीति

राजस्थान के सीकर जिला स्थित मोहनपुरा गांव के महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल तथा बीकानेर स्थित बालिका सैनिक स्कूल में अध्ययन प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह से नया स्वरूप दिया जा रहा है। राज्य सरकार की नई नियमावली के तहत इन संस्थानों का संचालन अब चित्तौड़गढ़ और झुंझुनूं में स्थित स्थापित सैनिक स्कूलों की कार्यप्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य छात्राओं को न केवल गुणात्मक शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है, बल्कि उन्हें अनुशासित जीवन और सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए पूरी तरह तैयार करना है। संस्थागत सुधारों के तहत प्रवेश, पाठ्यक्रम, शारीरिक क्षमता संवर्धन और प्रशासनिक निगरानी के नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

## प्रवेश प्रक्रिया और शैक्षणिक पाठ्यक्रम में बदलाव
नए नियमों के अनुसार, इन बालिका सैनिक स्कूलों में शिक्षा का मुख्य माध्यम अंग्रेजी रहेगा। शैक्षणिक आधार को मजबूत करने के लिए कक्षा छह से कक्षा दस तक सामान्य विषयों का अध्ययन कराया जाएगा, जबकि 11वीं और 12वीं में केवल विज्ञान विषय की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा, निर्धारित शर्तों और पात्रता मानकों को पूरा करने के बाद स्कूलों को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्थान पर सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध कराने का विकल्प भी नियमावली में रखा गया है। इससे बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में भाग लेने का सीधा लाभ मिलेगा।

## लिखित परीक्षा और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था
नामांकन प्रणाली को पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने के लिए लिखित परीक्षा को प्रवेश का प्राथमिक आधार घोषित किया गया है। कक्षा छह में प्रवेश चाहने वाली छात्राओं के लिए भाषा, गणित और बुद्धिमत्ता से जुड़े प्रश्नों पर आधारित लिखित परीक्षा ली जाएगी। वहीं, कक्षा नौ के स्तर पर गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों का आकलन करने वाली लिखित परीक्षा आयोजित होगी। शुरुआती दो वर्षों के दौरान प्रवेश केवल कक्षा छह में ही दिया जाएगा। इसके बाद, जब कक्षा नौ की शुरुआत होगी, तब उपलब्ध रिक्त सीटों को भरने के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा ली जाएगी।

## सैन्य प्रशिक्षण, एनसीसी और छात्रवृत्ति से जुड़े नियम
छात्राओं में शारीरिक क्षमता, नेतृत्व गुण और आत्मरक्षा के कौशल विकसित करने के लिए विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। कक्षा 11वीं तक सभी छात्राओं के लिए एनसीसी गतिविधियों में भागीदारी अनिवार्य रहेगी। इसके साथ ही शूटिंग, हॉरस राइडिंग और सेल्फ डिफेंस जैसे विशेष कौशलों का नियमित अभ्यास कराया जाएगा। शैक्षणिक भ्रमण, साहसिक अभियान और कठिन शारीरिक श्रम को भी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, जो छात्राएं सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ उठाएंगी, उनके लिए एनडीए अथवा अन्य रक्षा सेवाओं की प्रवेश परीक्षाओं में बैठना अनिवार्य होगा। हालांकि, शुल्क देकर पढ़ने वाली गैर-छात्रवृत्ति प्राप्त बालिकाओं पर यह नियम लागू नहीं होगा।

## आरक्षण, कुल क्षमता और प्रशासनिक प्रबंधन
स्कूलों में नामांकित होने वाली सीटों के लिए कोटा प्रणाली तय की गई है। कुल प्रवेश क्षमता का 25 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है, जिसमें से 20 प्रतिशत सीटें संबंधित प्रशासनिक संभाग के सेवारत सैन्यकर्मियों और पूर्व सैनिकों की बेटियों के लिए नियत होंगी। कक्षा छह से 12वीं तक चलने वाले इन स्कूलों में प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 80 छात्राओं को प्रवेश मिलेगा, जिससे पूरे विद्यालय की कुल छात्र क्षमता 560 तक सीमित रहेगी। प्रशासनिक और शैक्षणिक निगरानी के लिए शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस और शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा, स्कूल के प्रिंसिपल के पद पर लेफ्टिनेंट कर्नल या समकक्ष सैन्य अधिकारी तथा वार्डन के पद पर भी पूर्व सैन्य अधिकारी को ही तैनात किया जाएगा।

## आधुनिक बुनियादी ढांचा और खेल सुविधाएं
छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए परिसर के भीतर विश्वस्तरीय खेल और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हॉस्टल, कैंटीन और मेस के अतिरिक्त, बहुउद्देशीय इंडोर गेम्स हॉल, स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम, आधुनिक व्यायामशाला और एथलेटिक्स ट्रैक विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और हॉकी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले खेल मैदान तैयार करने का प्रावधान किया गया है।

## इसका आप पर असर
यह नई नीति बालिका शिक्षा और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को सीधे तौर पर बढ़ावा देती है।

- **भारत में:** सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों के बीच यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा। इससे राष्ट्रीय रक्षा सेवाओं में बालिकाओं का प्रतिनिधित्व मजबूत होगा।
- **राजस्थान में:** सीकर और बीकानेर संभाग के सेवारत और पूर्व सैनिकों के परिवारों को 20 प्रतिशत कोटा मिलने से सीधी मदद मिलेगी। स्थानीय बालिकाओं को एनसीसी, शूटिंग और एनडीए की तैयारी के लिए राज्य में ही विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्राप्त होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
राजस्थान सरकार ने बालिका सैनिक स्कूलों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने और प्रशासनिक एकरूपता लाने के लिए नई नियमावली जारी की है।

- **सैन्य स्कूलों की सफलता:** चित्तौड़गढ़ और झुंझुनूं के स्थापित सैनिक स्कूलों के सफल ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए बालिकाओं के लिए भी समान प्रशिक्षण ढांचा तैयार करने की आवश्यकता महसूस की गई।
- **रक्षा सेवाओं में अवसर:** एनडीए और अन्य रक्षा प्रवेश परीक्षाओं में महिलाओं के प्रवेश के बाद छात्राओं को शुरुआती स्तर से अनुशासित और तकनीकी शिक्षा देने की मांग बढ़ रही थी।
- **गुणवत्ता सुधार:** बोर्ड ऑफ गवर्नेंस और सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में स्कूल संचालन से अनुशासन और शैक्षणिक स्तर में सुधार लाना मुख्य उद्देश्य है।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रवेश परीक्षा किस कक्षा के लिए आयोजित की जाएगी?
शुरुआती दो वर्षों में केवल कक्षा 6 में लिखित परीक्षा द्वारा प्रवेश दिया जाएगा। बाद में कक्षा 9 शुरू होने पर खाली सीटों के लिए परीक्षा होगी।

### 2. 11वीं और 12वीं कक्षा में कौन से विषय पढ़ाए जाएंगे?
उच्च माध्यमिक स्तर यानी कक्षा 11वीं और 12वीं में केवल विज्ञान विषय (साइंस स्ट्रीम) की पढ़ाई कराई जाएगी।

### 3. सैन्यकर्मियों और पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए कितना आरक्षण है?
कुल 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों में से 20 प्रतिशत सीटें संबंधित संभाग के सेवारत रक्षाकर्मियों और पूर्व सैनिकों की बेटियों के लिए निर्धारित की गई हैं।

### 4. क्या एनडीए परीक्षा में बैठना सभी छात्राओं के लिए अनिवार्य है?
नहीं, एनडीए या अन्य रक्षा परीक्षाओं में बैठना केवल छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए ही अनिवार्य है।

### 5. स्कूल में प्रिंसिपल का पद कौन संभालेगा?
प्रिंसिपल पद पर लेफ्टिनेंट कर्नल या समकक्ष रैंक के सैन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।

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