# राजस्थान के बांसवाड़ा में धर्मांतरण के नाम पर पैसे और नौकरी का लालच, मना करने पर पिटाई के आरोप में 16 नामजद

> बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट थाने में 16 लोगों पर एक युवक को ईसाई धर्म अपनाने के लिए धन, गाड़ी और आरएएस में चयन का प्रलोभन देने तथा इनकार करने पर मारपीट करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-banswara-men-dharmantarana-ke-nama-para-paise-aura-naukari-ka-lalacha-mana-karane-para-pitai-ke-aropa-men-16-namajada-37886 · **Language:** Hindi
**Tags:** बांसवाड़ा, धर्मांतरण, सल्लोपाट, राजस्थान पुलिस, एफआईआर, आरपीएससी, आरएएस

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में गैरकानूनी रूप से धर्म बदलवाने के इरादे से धन का लालच देने, प्रशासनिक पद का प्रलोभन परोसने और इनकार करने पर हिंसक हमला करने का एक संवेदनशील मामला दर्ज किया गया है। जिले के सल्लोपाट थाने में दर्ज हुई इस प्राथमिकी में कुल 16 व्यक्तियों को नामजद आरोपी बनाया गया है। यह कानूनी कार्रवाई कलिंजरा थाना क्षेत्र के माकड़ीचोर गांव में रहने वाले एक स्थानीय व्यक्ति की औपचारिक लिखित शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है। पीड़ित का कहना है कि उस पर ईसाई मत स्वीकार करने के लिए तरह-तरह के अनुचित दबाव बनाए गए और जब उसने इस मांग को ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने उसके साथ बर्बरता से मारपीट की। शिकायत के आधार पर पुलिस तंत्र अब पूरे घटनाक्रम की सत्यता तलाशने के लिए कानूनी जांच में जुट गया है।

## प्रशासनिक पद और मासिक भत्ते की पेशकश का आरोप
पुलिस को सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ने बेहद चौंकाने वाले प्रलोभनों का खुलासा किया है। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे ईसाई धर्म स्वीकार करने के बदले एकमुश्त 1 लाख रुपए देने और इसके साथ ही हर महीने 25 हजार रुपए नियमित भत्ता उपलब्ध कराने का खुला आश्वासन दिया था। इतना ही नहीं, उसे राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC के माध्यम से आयोजित होने वाली राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में सीधे चयन कराने का झांसा भी दिया गया। इसके अलावा एक चार पहिया वाहन उपलब्ध कराने और अन्य भौतिक सुविधाएं मुहैया कराने के दावे भी किए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने उस पर धार्मिक परिवर्तन के लिए निरंतर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दबाव बनाया। आरोप पत्र में यह भी दावा किया गया है कि उसे बपतिस्मा संस्कार करवाकर जबरन ईसाई धर्म की दीक्षा दिलाने की गंभीर कोशिश की गई थी।

## इनकार करने पर लाठियों से हमला और अपमानजनक टिप्पणियां
शिकायतकर्ता ने पुलिस के समक्ष स्पष्ट किया कि जब उसने बपतिस्मा लेने और ईसाई धर्म में शामिल होने के तमाम प्रस्तावों को पूरी दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया, तो आरोपी हिंसक रुख पर उतर आए। पीड़ित के अनुसार, मना करने से नाराज होकर आरोपियों ने उसे लात-घूंसों से पीटा और लट्ठ से बेरहमी से हमला किया। इस शारीरिक हिंसा के दौरान आरोपियों पर पीड़ित को निशाना बनाकर जातिसूचक गालियां देने और अपमानित करने का गंभीर आरोप भी लगा है। इसके अलावा, दर्ज कराई गई रिपोर्ट में यह बात भी रेखांकित की गई है कि आरोपियों ने बातचीत और विवाद के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद अमर्यादित व अपमानजनक टिप्पणियां कीं। सल्लोपाट थाना पुलिस ने शिकायत में दर्ज मारपीट, जातिगत अपमान और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इन तमाम आरोपों को आधार बनाकर प्राथमिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।

## 22 सितंबर के आयोजन और कथित विशाल नेटवर्क का उल्लेख
दर्ज प्राथमिकी में 22 सितंबर की तारीख को शिवपुरा नामक स्थान पर आयोजित हुए एक सामूहिक कार्यक्रम का भी प्रमुखता से जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस सभा में करीब 100 से 150 लोग एकत्रित हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम में बलवंत नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसके रिहायशी परिसर में कथित तौर पर चर्च की गतिविधियां संचालित होने का दावा किया गया है। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई है कि इस इलाके में एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है, जो अब तक करीब 10 हजार लोगों का धर्मांतरण करा चुका होने का दावा करता है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी बिंदु फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप हैं और निष्पक्ष पड़ताल के बाद ही इनकी जमीनी हकीकत सामने आ पाएगी।

## पुलिस अधिकारियों की निगरानी में विस्तृत कानूनी पड़ताल
सल्लोपाट थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 16 नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की कड़ाई से जांच कर रहा है। मामले से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय ग्रामीणों और नामजद लोगों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एडिशनल एसपी नरपत सिंह ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने विधिवत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत तफ्तीश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गहन जांच पूरी होने के उपरांत ही धर्म परिवर्तन के कथित दबाव, मौद्रिक प्रलोभन, प्रशासनिक सेवा में चयन के झांसे और शारीरिक हमले के दावों का वास्तविक सच सार्वजनिक हो सकेगा।

## इसका आप पर असर
यह घटना स्थानीय सामाजिक सद्भाव और गैरकानूनी धर्मांतरण व प्रलोभन से जुड़े सख्त कानूनी नियमों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **राजस्थान में:** राज्य में किसी भी व्यक्ति को लालच देकर अथवा जबरन धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास कानूनी अपराध की श्रेणी में आते हैं। नागरिकों को ऐसे अनुचित प्रलोभनों या दबाव की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में देनी चाहिए।
- **बांसवाड़ा में:** जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आए इस विवाद के बाद प्रशासन ने निगरानी कड़ी कर दी है। स्थानीय निवासियों के बीच शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
- **कानूनी सहायता:** जातिगत अपमान या धार्मिक आधार पर प्रताड़ना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति अनुसूचित जाति व जनजाति संरक्षण कानूनों के तहत भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ऐसी शिकायतों पर त्वरित प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के लिए बाध्य है।
- **प्रशासनिक पारदर्शी व्यवस्था:** सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आरएएस में चयन के झूठे दावों और दलालों के झांसे में आने से बचना आवश्यक है। प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल आधिकारिक योग्यता और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया ही मान्य होती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी मामला एक स्थानीय ग्रामीण द्वारा दी गई औपचारिक शिकायत के बाद दर्ज हुआ, जिसमें धर्म परिवर्तन से मना करने पर हिंसक झड़प और अपमान का आरोप लगाया गया है।

- **कथित प्रलोभन और दबाव:** शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित पर ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए नकदी, मासिक वेतन, वाहन और सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया था। पीड़ित द्वारा इन शर्तों को ठुकराए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
- **बपतिस्मा कराने का प्रयास:** पीड़ित का दावा है कि आरोपियों ने उसकी सहमति के बिना बपतिस्मा संस्कार कराकर उसका मत बदलने की चेष्टा की। इसी प्रतिरोध के परिणामस्वरूप कथित तौर पर लाठियों और घूंसों से शारीरिक हमला किया गया।
- **आयोजन और सामूहिक गतिविधियां:** प्राथमिकी में 22 सितंबर को शिवपुरा स्थित एक रिहायशी परिसर में 100 से 150 लोगों के जुटने और व्यापक धर्मांतरण गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। पुलिस फिलहाल इन सभी दावों के तथ्यात्मक आधार की गहराई से पड़ताल कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. बांसवाड़ा में कितने लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
सल्लोपाट थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर 16 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।

### 2. शिकायतकर्ता कहां का निवासी है?
शिकायतकर्ता कलिंजरा थाना क्षेत्र के माकड़ीचोर गांव का रहने वाला है।

### 3. धर्मांतरण के लिए क्या प्रलोभन देने के आरोप लगाए गए हैं?
शिकायत में 1 लाख रुपए नकद, 25 हजार रुपए मासिक, आरएएस में चयन और गाड़ी उपलब्ध कराने का प्रलोभन देने का आरोप है।

### 4. शिकायत में मारपीट को लेकर क्या कहा गया है?
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि धर्म परिवर्तन और बपतिस्मा से इनकार करने पर उसके साथ लात-घूंसों और लट्ठ से मारपीट की गई।

### 5. शिवपुरा में किस तारीख के कार्यक्रम का उल्लेख रिपोर्ट में है?
प्राथमिकी में 22 सितंबर को शिवपुरा में आयोजित हुए एक कार्यक्रम का जिक्र है, जिसमें 100 से 150 लोग शामिल बताए गए हैं।

### 6. मामले में पुलिस का क्या रुख है?
एडिशनल एसपी नरपत सिंह के अनुसार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तफ्तीश के बाद ही स्थिति साफ होगी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._