राजस्थान के धार्मिक स्थलों पर भीड़ थामने की तैयारी, खाटूश्यामजी-सालासर के लिए खास सुरक्षा प्लान खाटूश्यामजी में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने 30 सितंबर तक प्रदेशभर के धार्मिक-पर्यटन स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट कराने का आदेश दिया है, साथ ही नई ऐप को राजकॉप सिटीजन ऐप और पैनिक बटन से जोड़ने की तैयारी है. राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शुमार खाटूश्यामजी में हर सप्ताह श्रद्धालुओं की तादाद बढ़ती जा रही है, और अब इस बढ़ती भीड़ को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए पुलिस महकमा एक अलग रणनीति बना रहा है. सिर्फ खाटूश्यामजी ही नहीं, प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को परखने और मजबूत करने की कवायद शुरू हो चुकी है. 30 सितंबर तक पूरा होगा सिक्योरिटी ऑडिट पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने आदेश दिया है कि प्रदेशभर के पर्यटन और धार्मिक स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाए. इस ऑडिट के जरिए यह देखा जाएगा कि मौजूदा सुरक्षा इंतजाम कितने कारगर हैं और कहां सुधार की जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक बेहतर सुरक्षा पहुंचाई जा सके. सामान्य दिनों की भीड़ के लिए भी अलग योजना खाटूश्यामजी और सालासर जैसे मंदिरों में अक्सर यह माना जाता है कि भीड़ सिर्फ बड़े मेलों के दौरान ही ज्यादा होती है, लेकिन असल में सामान्य दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं का जमावड़ा बड़ी संख्या में लगता है. इसी वजह से पुलिस अब दोनों ही स्थितियों, यानी सामान्य दिन और मेलों के दिन, दोनों के लिए अलग-अलग सुरक्षा योजना तैयार करेगी. भीड़ अचानक बढ़ने पर प्रवेश, निकास, पार्किंग, यातायात और आपातकालीन सेवाओं को किस तरह संभाला जाए, इसका खाका पहले से ही तैयार रखा जाएगा ताकि अफरा-तफरी की नौबत न आए. पुलिस मुख्यालय में हुई अहम बैठक यह पूरा प्लान पुलिस मुख्यालय में हुई एक बैठक में तय हुआ, जिसमें पुलिस और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने साफ कहा कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए. बैठक में पर्यटन स्थलों की यातायात व्यवस्था, टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स यानी टीएएफ, पर्यटन थानों, सीसीटीवी कवरेज, पर्यटक सहायता बूथ और आपात चिकित्सा सुविधा जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई. जोर इस बात पर रहा कि सुरक्षा इंतजाम सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर मजबूत दिखें. सीसीटीवी से रहेगी बारीक नजर खाटूश्यामजी जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों में भीड़ नियंत्रण के लिए सीसीटीवी नेटवर्क को अहम हथियार माना जा रहा है. संवेदनशील जगहों पर ज्यादा कैमरे लगाए जाएंगे ताकि निगरानी और पुख्ता हो सके. मकसद यह है कि भीड़ के बीच कोई संदिग्ध हरकत, रास्ते में कोई रुकावट या अचानक बनी आपात स्थिति तुरंत पकड़ में आ जाए. इसके लिए पर्यटन पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच तालमेल और बेहतर किया जाएगा. पर्यटन आयुक्त ने रखी रिपोर्ट बैठक में पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की मौजूदा स्थिति और वहां पर्यटन विभाग की तरफ से दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी. उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर अब तक हुए काम की अनुपालना रिपोर्ट भी सामने रखी. साथ ही बताया गया कि डीओआईटी की मदद से एक खास ऐप तैयार किया जा रहा है, जो जल्द लॉन्च होने वाला है. यह ऐप पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मदद पहुंचाने की प्रक्रिया को और आसान बना सकता है. ऐप को पैनिक बटन से जोड़ने का निर्देश डीजीपी ने निर्देश दिया है कि इस नए ऐप को राजकॉप सिटीजन ऐप और पैनिक बटन से जोड़ा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तुरंत पुलिस सहायता मिल सके. इसके अलावा पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने और टीएएफ को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है. इन कदमों से खाटूश्यामजी और सालासर जैसे धार्मिक स्थलों पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को सुरक्षा के साथ-साथ तेज और भरोसेमंद मदद मिल सकेगी. इसका आप पर असर यह फैसला सीधे तौर पर उन लाखों श्रद्धालुओं को प्रभावित करेगा जो हर हफ्ते खाटूश्यामजी और सालासर जैसे मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं. • भारत में: देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब यात्रा के दौरान बेहतर सुरक्षा, साफ-सुथरी पार्किंग और यातायात व्यवस्था मिलने की उम्मीद रहेगी. 30 सितंबर तक होने वाला ऑडिट यह तय करेगा कि किन जगहों पर तुरंत सुधार की जरूरत है. • राजस्थान में: खाटूश्यामजी और सालासर जाने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के आसपास ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और पर्यटन थाने दिखेंगे. इससे भीड़ के दौरान गुमशुदगी, चोरी या अव्यवस्था जैसी घटनाओं पर तेजी से काबू पाया जा सकेगा. • ऐप और पैनिक बटन: डीओआईटी की नई ऐप राजकॉप सिटीजन ऐप और पैनिक बटन से जुड़ने पर श्रद्धालु एक बटन दबाकर सीधे पुलिस मदद मांग सकेंगे, जिससे आपात स्थिति में समय की बचत होगी. • यात्रा योजना: जो लोग आने वाले दिनों में खाटूश्यामजी या सालासर जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें बढ़ी हुई सुरक्षा जांच और संभावित नई व्यवस्थाओं के चलते थोड़ा अतिरिक्त समय साथ रखना बेहतर रहेगा. • टीएएफ का विस्तार: टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स मजबूत होने से पर्यटन स्थलों पर भटके या मुश्किल में फंसे यात्रियों को तुरंत मदद मिलने की संभावना बढ़ेगी. सवाल-जवाब 1. सिक्योरिटी ऑडिट किसने और कब तक पूरा करने का आदेश दिया है? पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने प्रदेशभर के पर्यटन और धार्मिक स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट 30 सितंबर तक पूरा करने का आदेश दिया है. 2. यह प्लान किन धार्मिक स्थलों के लिए बनाया जा रहा है? मुख्य रूप से खाटूश्यामजी और सालासर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए, हालांकि ऑडिट प्रदेश के सभी पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर होगा. 3. भीड़ प्रबंधन योजना में क्या शामिल होगा? प्रवेश, निकास, पार्किंग, यातायात और आपातकालीन व्यवस्थाओं को भीड़ बढ़ने की स्थिति में बेहतर तरीके से संभालने की योजना शामिल होगी. 4. नई ऐप का क्या मकसद है? डीओआईटी की मदद से तैयार हो रही यह ऐप पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सहायता देने के लिए राजकॉप सिटीजन ऐप और पैनिक बटन से जोड़ी जाएगी. 5. बैठक में पर्यटन विभाग की ओर से किसने जानकारी दी? पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड ने प्रमुख पर्यटन स्थलों की मौजूदा स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी. 6. सुरक्षा बढ़ाने के लिए और क्या कदम उठाए जाएंगे? संवेदनशील स्थानों पर ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी और टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स को मजबूत किया जाएगा. https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-dharmika-sthalon-para-bhira-thamane-ki-taiyari-khatu-shyam-ji-salasar-ke-lie-khasa-suraksha-plana-28121 TrendKia — Har trend, sabse pehle.