# राजस्थान के दूदू में मानसून में नहीं थमेगा पहिया, चार सड़कों पर पुलिया और कलवर्ट निर्माण के लिए 3.15 करोड़ रुपये मंजूर

> डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अनुशंसा पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने दूदू क्षेत्र की चार अहम ग्रामीण और जिला सड़कों के लिए 3.15 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी जारी की है, जिससे बारिश के दिनों में जलभराव और संपर्क टूटने की समस्या दूर होगी.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-dudu-men-manasuna-men-nahin-thamega-pahiya-chara-sarakon-para-puliya-aura-kalavarta-nirmana-ke-lie-3-15-karora-rupaye-42952 · **Language:** Hindi
**Tags:** दूदू, राजस्थान, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर, पीडब्ल्यूडी, प्रेमचंद बैरवा, पुलिया निर्माण, ग्रामीण विकास

राजस्थान के दूदू क्षेत्र में मानसून के दौरान तेज बारिश और उफनते नालों की वजह से गांवों का संपर्क कटने की पुरानी समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है. क्षेत्र की चार प्रमुख सड़कों पर पानी के तेज बहाव से निपटने के लिए हाई-लेवल पुलिया और कलवर्ट बनाए जाएंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कुल 3.15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है. यह मंजूरी डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अनुशंसा पर दी गई है, जिसका सीधा मकसद बरसात के दिनों में जल निकासी को सुचारु बनाकर ग्रामीण आबादी के आवागमन को सुरक्षित और निरंतर बनाए रखना है.

दूदू और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम में नालों का जलस्तर बढ़ने से कई बार संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो जाते थे. पानी सड़कों के ऊपर से बहने लगता था, जिससे आवागमन घंटों तक ठप रहता था. इस रुकावट का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था, दूध आपूर्ति, एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं और स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता था. नए जल निकासी ढांचे के तैयार होने से पानी सड़क के नीचे से आसानी से निकल सकेगा और मूसलाधार बारिश के बावजूद यातायात बिना किसी व्यवधान के जारी रहेगा.

## चार प्रमुख सड़कों पर होगा मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण
पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी वित्तीय विवरण के अनुसार, स्वीकृत राशि को क्षेत्र के चार अलग-अलग मार्गों पर उनकी आवश्यकता के मुताबिक आवंटित किया गया है. इनमें सबसे बड़ा हिस्सा सेवा से कल्याणपुरा मार्ग को मिला है, जो मुख्य जिला सड़क (एमडीआर) नेटवर्क का हिस्सा है. इस मार्ग पर हाई-लेवल कलवर्ट बनाने के लिए 90 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. यह सड़क आसपास के दर्जनों गांवों को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन मानी जाती है. यहां मजबूत कलवर्ट बनने से पानी के तेज बहाव के कारण सड़क कटने की समस्या खत्म होगी और जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कभी बाधित नहीं होगा.

इसी तरह ग्रामीण सड़कों की श्रेणी में कल्याणपुरा से मूंगी थला के बीच बनने वाली पुलिया के लिए भी 90 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. वहीं रसीली से लोरडी के बीच बिलों रोड पर जरूरी निर्माण के लिए 75 लाख रुपये जारी किए गए हैं. इसके अलावा मौजमाबाद से खेड़ी सुआ के बीच ग्रामीण सड़क पर नए स्ट्रक्चर के लिए 60 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. इन चारों जगहों पर जलभराव और उफनते पानी के स्तर को ध्यान में रखकर आधुनिक तकनीक से निर्माण कार्य कराया जाएगा, ताकि पानी सड़क की सतह पर न चढ़ सके.

## नीची रपटों के कारण घंटों फंसे रहने को मजबूर थे ग्रामीण
स्वीकृत किए गए चार प्रोजेक्ट्स में से तीन मार्ग पूरी तरह ग्रामीण श्रेणी के हैं, जहां अब तक पुरानी और नीची रपटें बनी हुई थीं. स्थानीय ग्रामीणों को मामूली बारिश होने पर भी इन रपटों पर पानी चढ़ जाने की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. नाले उफान पर आने के बाद लोगों को पानी उतरने के इंतजार में सड़क के दोनों किनारों पर घंटों खड़े रहना पड़ता था. इसका सबसे ज्यादा नुकसान रोजमर्रा की मजदूरी करने वालों, कॉलेज व स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों को उठाना पड़ता था. स्थायी हाई-लेवल पुलिया और कलवर्ट बनने से ग्रामीणों को इस मौसमी परेशानी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी.

## किसानों और दूध सप्लाई से जुड़े लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
यह पूरा इलाका कृषि और पशुपालन प्रधान है, इसलिए सड़कों का यह सुधार स्थानीय किसानों के लिए बेहद मददगार साबित होगा. खरीफ और रबी दोनों ही फसलों के सीजन में किसानों को अपनी उपज नजदीकी कृषि उपज मंडियों तक पहुंचानी होती है. बारिश के दिनों में रास्ते बंद हो जाने से किसानों को या तो घंटों इंतजार करना पड़ता था या फिर काफी लंबा चक्कर लगाकर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे परिवहन लागत बढ़ जाती थी. इसके अलावा क्षेत्र से शहरों को होने वाली दूध की दैनिक सप्लाई भी प्रभावित होती थी. बारहमासी सुगम संपर्क मिलने से कृषि उत्पादों और दूध का परिवहन बिना किसी रुकावट के हो सकेगा.

## अगले मानसून से पहले निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
स्वीकृत कार्यों को जमीन पर उतारने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं. औपचारिक कागजी प्रक्रियाएं पूरी होते ही इन सभी निर्माण कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे. विभाग की योजना है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू कराकर अगले बारिश के मौसम की शुरुआत से पहले सभी पुलियाओं और कलवर्ट का काम पूरा कर लिया जाए. पीडब्ल्यूडी फागी के अधिशासी अभियंता संदीप टाटीवाल के अनुसार, इन चारों कार्यों के पूरा होते ही दूदू क्षेत्र का सड़क नेटवर्क और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर काफी मजबूत हो जाएगा. हाई-लेवल स्ट्रक्चर बनने से बरसात के दौरान तेज पानी के बहाव से सड़कों को होने वाला कटाव रुकेगा और आम जनता के लिए आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.

## इसका आप पर असर
दूदू क्षेत्र की चार महत्वपूर्ण सड़कों पर 3.15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई पुलिया और कलवर्ट से बारिश के दिनों में ग्रामीणों, किसानों और दैनिक यात्रियों का आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और सुगम होगा.

- **राजस्थान भर में:** ग्रामीण कनेक्टिविटी और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की सरकारी पहलों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मौसमी जलभराव से होने वाले नुकसान में कमी आएगी. समय पर टेंडर और निर्माण होने से अन्य जिलों में भी बुनियादी ढांचे के ऐसे सुधारों की रफ्तार तेज होगी.
- **दूदू और आसपास के क्षेत्र में:** बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भरने से घंटों तक फंसे रहने की समस्या खत्म होगी और दूध सप्लाई व एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं बिना रुकावट जारी रहेंगी. सेवा, कल्याणपुरा, मूंगी थला, रसीली, लोरडी और मौजमाबाद के किसानों को अपनी फसल मंडी ले जाने के लिए अतिरिक्त फेरा लगाने या पानी उतरने का इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी.
- **दैनिक यात्रियों और विद्यार्थियों के लिए:** स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल जाने वाले लोगों को खराब मौसम में रास्ते बंद होने की चिंता नहीं रहेगी. पक्के और ऊंचे स्ट्रक्चर बनने से पैदल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर काफी सुरक्षित हो जाएगा.
- **स्थानीय व्यापार के लिए:** गांवों और तहसील मुख्यालय के बीच बारहमासी संपर्क बना रहने से रोजमर्रा के सामान की आवाजाही सामान्य रहेगी. व्यापारिक गतिविधियों में मौसमी मंदी नहीं आएगी और परिवहन लागत नियंत्रित रहेगी.

## ऐसा क्यों हुआ
दूदू क्षेत्र में चार सड़कों पर 3.15 करोड़ रुपये की लागत से नए स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय मानसून के दौरान होने वाली गंभीर जलभराव समस्याओं और ग्रामीण संपर्क टूटने के चलते लिया गया है. पुरानी नीची रपटें बढ़ते पानी के दबाव को झेलने में असमर्थ थीं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता था.

- **नीची रपटों पर पानी का तेज बहाव:** इन ग्रामीण और जिला सड़कों पर पहले से बनी रपटें काफी नीची थीं, जिसके चलते सामान्य बारिश में भी नाले उफनकर सड़क के ऊपर बहने लगते थे. पानी की तेज धारा सड़क को काट देती थी और दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग जाती थीं.
- **आवश्यक सेवाओं और कृषि व्यापार पर असर:** रास्ते बंद होने से गांवों में दूध का संग्रह रुक जाता था, आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती थी और किसानों की फसल मंडियों तक नहीं पहुंच पाती थी. इस निरंतर आर्थिक और मानवीय संकट के चलते जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की थी.
- **डिप्टी सीएम की अनुशंसा पर वित्तीय मंजूरी:** स्थानीय लोगों की दिक्कतों को देखते हुए डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पीडब्ल्यूडी को प्रस्ताव तैयार करने और फंड स्वीकृत करने की अनुशंसा की. इसी के आधार पर विभाग ने प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 3.15 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया.
- **आगामी कदम:** विभाग अब जल्द टेंडर जारी कर ठेकेदारों का चयन करेगा ताकि अगले मानसून सीजन के शुरू होने से पहले निर्माण कार्य धरातल पर पूरा हो सके.

## सवाल-जवाब

### 1. दूदू क्षेत्र में सड़क और ड्रेनेज कार्यों के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है?
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने चार सड़कों पर पुलिया और कलवर्ट निर्माण के लिए कुल 3.15 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है.

### 2. यह बजट किसकी अनुशंसा पर मंजूर किया गया है?
यह वित्तीय मंजूरी राजस्थान के डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अनुशंसा पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जारी की गई है.

### 3. किन चार मार्गों पर नए निर्माण किए जाएंगे?
सेवा से कल्याणपुरा, कल्याणपुरा से मूंगी थला, रसीली से लोरडी और मौजमाबाद से खेड़ी सुआ मार्ग पर पुलिया और कलवर्ट बनाए जाएंगे.

### 4. सबसे अधिक बजट किस सड़क के लिए आवंटित किया गया है?
सेवा से कल्याणपुरा मुख्य जिला सड़क पर हाई-लेवल कलवर्ट और कल्याणपुरा से मूंगी थला मार्ग पर पुलिया के लिए 90-90 लाख रुपये का सर्वाधिक बजट रखा गया है.

### 5. इन पुलियाओं और कलवर्ट के बनने से ग्रामीणों को क्या मुख्य राहत मिलेगी?
बरसात के दिनों में नालों का पानी सड़क पर नहीं चढ़ेगा, जिससे गांवों का सड़क संपर्क नहीं टूटेगा और दूध सप्लाई, एंबुलेंस व किसानों का आवागमन सुचारु रहेगा.

### 6. पीडब्ल्यूडी ने इन निर्माण कार्यों को कब तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है?
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराया जाएगा और अगले बारिश के मौसम से पहले निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है.

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