राजस्थान के कई जिलों में स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए मतदान जारी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम राजस्थान में वर्ष 2026 के नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान जारी है, जिसमें सीकर, दौसा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों के मतदाता शाम छह बजे तक वोट डालेंगे। राजस्थान में स्थानीय स्वशासन सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 के नगर निकाय चुनावों का प्रथम चरण आज सुबह 7 बजे प्रारंभ हुआ। राज्य भर की विभिन्न नगर परिषदों एवं पालिकाओं में नए प्रतिनिधि चुनने के लिए सवेरे से ही नागरिक पोलिंग बूथों पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शाम 6 बजे तक जारी रहने वाली इस वोटिंग प्रक्रिया को बाधा रहित और भयमुक्त वातावरण में पूरा कराने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। वोटिंग आरंभ होने से ठीक पहले सभी केंद्रों पर नियमानुसार मॉकपोल संपन्न कराया गया था, जिसके बाद पोलिंग एजेंट्स की उपस्थिति में मतदान शुरू हुआ। दौसा और बूंदी में प्रशासनिक मुस्तैदी तथा तकनीकी स्थिति दौसा जिले की 6 अलग-अलग निकायों में वोट डालने का कार्य चल रहा है। यहाँ कुल 1.23 लाख नागरिक 915 प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का निर्धारण ईवीएम के माध्यम से करेंगे। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिले भर में 183 मतदान केंद्र निर्मित किए गए हैं, जिनमें से 157 केंद्रों की पहचान संवेदनशील बूथ के रूप में की गई है। शांति बनाए रखने हेतु 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी सौम्या झा एवं एसपी पीयूष दीक्षित स्वयं क्षेत्र में घूमकर सभी केंद्रों का जायजा ले रहे हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। दूसरी ओर, बूंदी जिले में शुरुआत में कुछ तकनीकी अड़चनें देखने को मिलीं। यहाँ के तीन पोलिंग सेंटर्स पर ईवीएम में अचानक आई खराबी की वजह से कुछ देर के लिए वोटिंग रोकनी पड़ी। हालांकि, जानकारी मिलते ही निर्वाचन विभाग के विशेषज्ञों ने तुरंत पहुंचकर तकनीकी खामी को दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद मतदान दोबारा शुरू हो सका। वर्तमान में बूंदी नगर परिषद के 94 पोलिंग बूथों समेत देई, इंदरगढ़ तथा केशवरायपाटन नगर पालिकाओं में वोटिंग सुचारू रूप से चल रही है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से लोकतंत्र के इस उत्सव में शत-प्रतिशत भागीदारी की अपील की है। सीकर और पाली के निकायों में दिखा उत्साह सीकर जिले में स्थित 10 नगरीय निकायों के लिए वोटिंग प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई। नीमकाथाना, खाटूश्यामजी, फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ जैसी प्रमुख निकायों में मतदाता सुबह से ही कतारबद्ध नजर आ रहे हैं। जिले में दर्ज 3,02,069 मतदाता शाम 6 बजे तक अपना वोट कास्ट कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा अति-संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है, जिससे सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे। पाली जिले की 4 नगर पालिकाओं में भी सुबह से गहमागहमी जारी है। उम्मीदवारों की स्थिति देखें तो सोजत सिटी के 40 वार्डों से 132 प्रत्याशी, सोजत रोड के 25 वार्डों से 92 प्रत्याशी, मारवाड़ जंक्शन के 25 वार्डों से 92 प्रत्याशी और रानी नगर पालिका के 20 वार्डों से 77 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इस प्रकार पाली की इन चारों पालिकाओं को मिलाकर 393 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। मुख्य रूप से कांग्रेस, बीजेपी और स्वतंत्र प्रत्याशियों के मध्य सीधी टक्कर दिखाई दे रही है। मॉकपोल के सफल समापन के बाद शुरू हुई यह वोटिंग प्रक्रिया पूरे जिले में बिना किसी परेशानी के चल रही है। चित्तौड़गढ़, राजसमंद और करौली का वोटिंग पैटर्न चित्तौड़गढ़ जिले की 3 निकायों के 135 वार्डों में कुल 1.60 लाख से ज्यादा वोटर अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। इनमें चित्तौड़ नगर परिषद (60 वार्ड तथा 96,701 वोटर), रावतभाटा नगर पालिका (40 वार्ड तथा 38,265 वोटर) एवं बेगू नगर पालिका (35 वार्ड तथा 25,582 वोटर) शामिल हैं। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। राजसमंद जिले की बात करें तो नाथद्वारा (40 वार्ड) और आमेट (25 वार्ड) को मिलाकर निर्मित 65 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की सख्त व्यवस्था के तहत वोट डाले जा रहे हैं। नाथद्वारा क्षेत्र में 29,355 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 15,244 पुरुष, 14,109 महिलाएं तथा 2 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। यहाँ वार्ड नंबर 2 में सबसे ज्यादा 1012 वोटर हैं, जबकि वार्ड नंबर 12 में सबसे कम 406 वोटर पंजीकृत हैं। स्थानीय पुलिस-प्रशासन पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था संभाल रहा है। करौली जिले में करौली नगर परिषद के अलावा मंडरायल और सपोटरा नगर पालिका क्षेत्रों में मतदान जारी है। इन तीनों निकायों में दर्ज कुल 78,423 मतदाता मैदान में डटे 493 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे। प्रत्याशियों के आंकड़े देखें तो करौली क्षेत्र में 325, सपोटरा क्षेत्र में 82 तथा मंडरायल में 86 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। सुरक्षा के नजरिए से करौली के 30, मंडरायल के 6 और सपोटरा के 4 क्रिटिकल केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराने के साथ-साथ पुलिस बल बढ़ाया गया है। अलवर, हनुमानगढ़ एवं प्रतापगढ़ में आंकड़ों का गणित अलवर जिले की 5 निकायों में पहले चरण के तहत सवेरे 7:00 बजे से लेकर सायं 6:00 बजे तक वोट डाले जा रहे हैं, जहाँ 3,28,710 नागरिक पंजीकृत हैं। अकेले अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में 2.68 लाख वोटर 344 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। जिला चुनाव तंत्र निष्पक्ष वोटिंग सुनिश्चित कर रहा है। हनुमानगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली 5 नगर पालिकाओं में मतदाताओं का कुल आंकड़ा 1.45 लाख से ऊपर है, जो सभी 170 वार्डों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। नोहर में 41,604, भादरा में 33,940, रावतसर में 31,676, संगरिया में 27,575 तथा टिब्बी में 10,357 मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस प्रशासन क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क मोड पर तैनात है। प्रतापगढ़ जिले की दो निकायों में सवेरे 7:00 बजे से लेकर सायं 6:00 बजे के दौरान 41,085 मतदाता 172 उम्मीदवारों का चुनाव कर रहे हैं। इनमें प्रतापगढ़ नगर परिषद के 40 वार्डों (35,895 वोटर, 107 प्रत्याशी) के लिए 42 बूथ बनाए गए हैं, जबकि अरनोद नगर पालिका के 20 वार्डों (5,190 वोटर, 65 प्रत्याशी) के लिए 20 बूथ गठित किए गए हैं। आगामी चरण एवं मतगणना की समयसारणी चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, हनुमानगढ़ जिले की बची हुई निकायों (हनुमानगढ़, गोलूवाला, पीलीबंगा) और अलवर जिले की शेष 7 निकायों के लिए आगामी 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसका आप पर असर राजस्थान नगर निकाय चुनाव के प्रथम चरण के मतदान से स्थानीय नागरिकों के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: स्थानीय निकाय चुनावों से शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत होती है। इससे बुनियादी सेवाओं के बजट आवंटन और स्थानीय विकास परियोजनाओं की समयबद्धता तय होती है। • राजस्थान में: 10 से अधिक जिलों के निवासी अगले पांच वर्षों के लिए अपने वार्ड पार्षद और नगर प्रतिनिधि चुन रहे हैं। चुने गए प्रतिनिधि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण, जल निकासी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को सीधे प्रभावित करेंगे। • मतदाताओं के लिए: सवेरे 7:00 बजे से सायं 6:00 बजे के बीच मतदान केंद्रों पर जाकर पहचान पत्र दिखाकर वोट डाला जा सकता है। समय पर मतदान करने से वार्ड स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। • सुरक्षा और यातायात: संवेदनशील और क्रिटिकल बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होने के कारण मतदान क्षेत्रों में विशेष यातायात नियम लागू हैं। स्थानीय यात्रियों को मतदान केंद्रों के आसपास सुचारू आवाजाही में मदद मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ राजस्थान में वर्ष 2026 के नगर निकाय चुनाव का आयोजन शहरी स्थानीय निकायों का कार्यकाल पूरा होने और प्रशासनिक व्यवस्था को जारी रखने के कारण कराया जा रहा है। • संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान के 74वें संशोधन के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य होता है ताकि लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व बना रहे। • चरणबद्ध चुनाव प्रक्रिया: राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा बलों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए चुनावों को विभिन्न चरणों में विभाजित किया है, ताकि प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा बनी रहे। • संवेदनशील बूथों की पहचान: चुनावी इतिहास और स्थानीय स्थितियों का विश्लेषण करके 157 संवेदनशील और 40 क्रिटिकल बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। सवाल-जवाब 1. राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदान का समय क्या है? पहला चरण सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। 2. बूंदी में मतदान के दौरान क्या तकनीकी समस्या आई थी? बूंदी के 3 पोलिंग बूथों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे चुनाव आयोग की टीम ने तुरंत दुरुस्त कर दिया। 3. दौसा जिले में सुरक्षा के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं? दौसा की 6 निकायों में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 4. हनुमानगढ़ और अलवर के शेष निकायों में मतदान कब होगा? हनुमानगढ़, गोलूवाला, पीलीबंगा और अलवर की शेष 7 निकायों में 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। 5. निकाय चुनाव के नतीजों की घोषणा किस दिन होगी? सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को की जाएगी और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे। 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