# राजस्थान के खाटूधाम में सुरक्षा ऑडिट, आईबी टीम ने परखा भीड़ निकासी और निगरानी का खाका

> वार्षिक समीक्षा के सिलसिले में जयपुर इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने खाटूश्यामजी पहुंचकर मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास द्वारों और लखदातार मैदान तक के मार्गों का गहन सुरक्षा मुआयना किया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-khatu-dham-men-suraksha-dita-ib-tima-ne-parakha-bhira-nikasi-aura-nigarani-ka-khaka-35068 · **Language:** Hindi
**Tags:** खाटूश्यामजी, सीकर, आईबी निरीक्षण, मंदिर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, राजस्थान पुलिस, लखदातार मैदान

प्रसिद्ध तीर्थस्थल खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की सलामती सुनिश्चित करने के मकसद से सुरक्षा महकमे ने व्यापक पड़ताल शुरू की है। राज्य के अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील धार्मिक केंद्रों के सालाना सुरक्षा परीक्षण के अंतर्गत राजधानी जयपुर से इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी की एक विशेष टुकड़ी अचानक कस्बे में पहुंची। इस दल ने बाबा श्याम के मुख्य देवालय के अलावा उन तमाम गलियारों, रास्तों और खुले इलाकों का बारीकी से मुआयना किया, जहां हर दिन हजारों भक्त एकत्र होते हैं।

## प्रवेश द्वारों से लेकर निकासी मार्गों तक सघन जांच
इस सुरक्षा पड़ताल की कमान उप पुलिस अधीक्षक राजूराम ढाका संभाल रहे थे। उनके निर्देशन में अधिकारियों ने धाम की आंतरिक चारदीवारी के साथ-साथ बाहरी सुरक्षा घेरे का भी विस्तृत जायजा लिया। अफसरों ने मुख्य प्रवेश बिंदुओं, दर्शन कतारों के गलियारों और दर्शन उपरांत बाहर निकलने वाले चौड़े रास्तों की बनावट तथा क्षमता को परखा। मुख्य ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि यदि किसी विशेष उत्सव पर भीड़ का दबाव अचानक अत्यधिक बढ़ जाए, तो भक्तों को बिना किसी भगदड़ अथवा रुकावट के सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाएगा।

## कुमावत कृषि फार्म से लखदातार मैदान तक के क्षेत्र की पड़ताल
अधिकारियों का यह दल केवल मुख्य चौखट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने कुमावत कृषि फार्म से लेकर विशाल लखदातार मैदान तक पूरे आवागमन तंत्र की पड़ताल की। ये वे प्रमुख इलाके हैं जहां कतारबद्ध होने के दौरान या मेलों के अवसर पर भारी जनसैलाब ठहरता है। टीम ने नक्शे और धरातल की स्थिति का मिलान करते हुए यह समझा कि किस बिंदु पर संकरापन है और कहां बैरिकेडिंग को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की जरूरत है। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील प्वॉइंट्स पर पहरेदारी तंत्र को त्रुटिहीन बनाने पर विशेष विमर्श किया गया।

## आधुनिक सर्विलांस और तकनीक के बेहतर उपयोग की सिफारिश
चूंकि यहां राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अनेक राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए सामान्य दिनों और विशेष पर्वों की व्यवस्था में भारी अंतर आ जाता है। आईबी के अधिकारियों ने आंतरिक सुरक्षा तंत्र, गुप्तचर सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और चौबीसों घंटे चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को अत्याधुनिक बनाने पर जोर दिया। कैमरों के कोण, नियंत्रण कक्ष की सक्रियता और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती पर विशेष चर्चा की गई।

## मंदिर ट्रस्ट और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक
इस मौके पर श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान तथा मानद मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने जांच दल को मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों, गार्डों की तैनाती और भीड़ नियंत्रण के तौर-तरीकों की जानकारी दी। मौके पर राजस्थान सीआईडी (दिशा) और जयपुर ग्रामीण जोन की विशेषज्ञ शाखा भी मौजूद रही। इसके अतिरिक्त खाटू थानाधिकारी इंद्राज मरोडिया, स्थानीय तहसीलदार सुरेंद्र कुमार कुमावत, नगरपालिका अधिशासी अधिकारी सहदेव दान चारण, मंदिर कमेटी के व्यवस्थापक संतोष कुमार शर्मा, सह व्यवस्थापक विकास कुमार तथा आईबी के खाटू प्रभारी मोहन सिंह सहित कई महकमों के अफसर मौजूद रहे। सभी विभागों ने मिलकर एक विस्तृत सुरक्षा डेटा संकलित किया ताकि आने वाले त्योहारों पर श्रद्धालुओं को निर्बाध सुरक्षा घेरा दिया जा सके।

## इसका आप पर असर
खाटूश्यामजी में सुरक्षा तंत्र की इस समीक्षा से दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार देखने को मिलेंगे।

- **भारत में:** देश भर से खाटूधाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित कतार प्रणाली और बेहतर सुरक्षा इंतजाम मिलेंगे। इससे त्योहारों और मेलों के दौरान यात्रा करने वाले परिवारों को सुरक्षित और सुगम दर्शन का भरोसा मिलेगा।
- **सीकर में:** खाटू कस्बे के स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और प्रशासन के बीच भीड़ निकासी को लेकर समन्वय बेहतर होगा। लखदातार मैदान और कुमावत कृषि फार्म क्षेत्र में नए निगरानी तंत्र से जाम और अप्रत्याशित भीड़ के दबाव से राहत मिलेगी।
- **आपातकालीन सुरक्षा:** प्रवेश और निकास द्वारों पर सुचारू व्यवस्था होने से अचानक भीड़ बढ़ने पर भगदड़ का जोखिम कम होगा। श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए वैकल्पिक रास्तों की समय रहते मरम्मत और निगरानी सुनिश्चित होगी।
- **तकनीकी निगरानी:** आधुनिक कैमरों और नियंत्रण कक्ष की सक्रियता से संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत रोक लगेगी। इससे आम तीर्थयात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा और सामान की हिफाजत अधिक पुख्ता होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
राजस्थान के अत्यधिक लोकप्रिय धार्मिक स्थलों की वार्षिक सुरक्षा समीक्षा योजना के तहत यह औचक निरीक्षण किया गया। खाटूश्यामजी में त्योहारों और मेलों के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाने के कारण संभावित जोखिमों का पहले से आकलन करना जरूरी था।

- **नियमित सुरक्षा प्रोटोकॉल:** संवेदनशील धार्मिक केंद्रों पर समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियां जांचना अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी के तहत जयपुर आईबी की टीम ने जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
- **अत्यधिक भीड़ का दबाव:** बाबा श्याम के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बड़े आयोजनों में अचानक जुटने वाली भीड़ को संभालने के लिए निकासी और कतार मार्गों की क्षमता नापना आवश्यक था।
- **विभागीय समन्वय की जरूरत:** मंदिर प्रबंधन, स्थानीय पुलिस, राजस्व प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान बनाए रखने के लिए यह संयुक्त समीक्षा आयोजित की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. खाटूश्यामजी में आईबी की टीम क्यों पहुंची थी?
राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों की वार्षिक सुरक्षा समीक्षा के तहत जयपुर आईबी की टीम ने व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए दौरा किया।

### 2. निरीक्षण दल का नेतृत्व कौन से अधिकारी कर रहे थे?
इस सुरक्षा दल की कमान आईबी के उप पुलिस अधीक्षक (डीवाईएसपी) राजूराम ढाका संभाल रहे थे।

### 3. टीम ने किन प्रमुख स्थानों का सुरक्षा मुआयना किया?
टीम ने मुख्य मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास द्वारों के अलावा कुमावत कृषि फार्म से लेकर लखदातार मैदान तक के मार्गों का जायजा लिया।

### 4. निरीक्षण के दौरान किन व्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया?
अधिकारियों ने भीड़ बढ़ने पर सुरक्षित निकासी, आधुनिक निगरानी तकनीक और संवेदनशील स्थानों की चौकसी पर सबसे अधिक ध्यान दिया।

### 5. मंदिर कमेटी की ओर से बैठक में कौन शामिल हुआ?
श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान और मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने टीम को मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी।

### 6. स्थानीय प्रशासन और पुलिस से कौन से अधिकारी उपस्थित थे?
थानाप्रभारी इंद्राज मरोडिया, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार कुमावत और पालिका ईओ सहदेव दान चारण सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

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