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  "type": "article",
  "title": "राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर भारी कार्रवाई, अश्लील कंटेंट और प्रताड़ना मामले में 80 छात्र नपे",
  "summary": "बाड़मेर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में कनिष्ठ छात्रों को अश्लील सामग्री भेजने और प्रताड़ित करने की शिकायत पर एंटी रैगिंग कमेटी ने 80 विद्यार्थियों पर निष्कासन, निलंबन और गतिविधियों पर पाबंदी का कड़ा फैसला सुनाया है।",
  "content": "राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में कनिष्ठ विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की शिकायत पर संस्थान ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कनिष्ठ छात्रों ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ विद्यार्थी उन्हें आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री भेजते थे, उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे और उन्हें गंभीर मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ रहा था। इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और संस्थान की एंटी-रैगिंग कमेटी को जांच सौंपी गई। समिति की विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों को तुरंत स्वीकार करते हुए कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनहीनता के इस प्रकरण में एक साथ 80 विद्यार्थियों पर दंडात्मक कदम उठाया है।\n\nहॉस्टल से बेदखली और परिसर में मची खलबली\nजांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर प्रशासन ने उत्पीड़न में सबसे आगे रहे विद्यार्थियों पर कड़े कदम उठाए हैं। गंभीर कदाचार के दोषी पाए गए 13 वरिष्ठ छात्रों को हमेशा के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है, यानी वे अब कभी भी कॉलेज के छात्रावास में नहीं रह सकेंगे। इसके अतिरिक्त 11 अन्य विद्यार्थियों को 30 दिनों की अवधि के लिए छात्रावास से बाहर निकाल दिया गया है। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हुई इस दंडात्मक कार्रवाई के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर और हॉस्टल में पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।\n\nक्लास और शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबन\nप्रशासन ने छात्रावास से निष्कासन के अलावा छात्रों के भविष्य और पढ़ाई से जुड़ी सीधी पाबंदियां भी लगाई हैं। छह विद्यार्थियों को साठ दिनों के लिए पूर्ण शैक्षणिक निलंबन पर भेज दिया गया है, जिससे वे दो महीने तक किसी भी औपचारिक शैक्षणिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। वहीं सात अन्य छात्रों को तीस दिनों के लिए कक्षाओं में बैठने से निलंबित कर दिया गया है। इन सीधे दंडों के अलावा प्रशासन ने 34 अन्य विद्यार्थियों को अंतिम और कड़ी चेतावनी जारी की है कि यदि वे भविष्य में परिसर या बाहर किसी भी रूप में रैगिंग की घटना में शामिल पाए गए तो उन्हें सीधे कॉलेज से निष्कासित कर दिया जाएगा।\n\nकनिष्ठ बैच पर असर और आयोजनों पर साल भर का प्रतिबंध\nअनुशासनहीनता की इस जांच का दायरा केवल वरिष्ठ विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 2026 बैच के 5 कनिष्ठ विद्यार्थियों को भी नियमों का कड़ाई से पालन करने की स्पष्ट चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में आए सभी दोषी विद्यार्थियों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगाई गई हैं। इन सभी छात्रों को अगले एक वर्ष तक कॉलेज में आयोजित होने वाली किसी भी खेल प्रतियोगिता या खेल गतिविधि में हिस्सा लेने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अगले पूरे एक साल की अवधि तक ये छात्र मेडिकल कॉलेज के किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम या उत्सव में भी शामिल नहीं हो सकेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nइस बड़े प्रशासनिक फैसले से मेडिकल परिसरों में रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता का सख्त संदेश गया है।\n\n• भारत में: देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों और मेडिकल हॉस्टलों में एंटी-रैगिंग नियमों की निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था और अधिक सक्रिय होगी। कनिष्ठ विद्यार्थियों के लिए रैगिंग और साइबर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराना आसान होगा और वरिष्ठों में कड़े दंड का डर बनेगा।\n• राजस्थान में: बाड़मेर मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के सभी मेडिकल संस्थानों में छात्रों के आचरण, हॉस्टल अनुशासन और शैक्षणिक उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रभावित छात्रों को तय निलंबन अवधि पूरी करने के साथ-साथ साल भर खेल और सांस्कृतिक मंचों से पूरी तरह दूर रहना होगा।\n• अभिभावकों और छात्रों के लिए: मेडिकल शिक्षा में दाखिला लेने वाले नए छात्रों के परिजनों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। हॉस्टल से निकाले गए 13 छात्रों को अब बाहर रहकर पढ़ाई का विकल्प तलाशना होगा, जबकि निलंबित छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा।\n• परिसर की गतिविधियों पर: कॉलेज के सालाना खेल उत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले छात्रों की पात्रता सूची की नए सिरे से जांच होगी। दोषी ठहराए गए 80 छात्रों को किसी भी सामूहिक उत्सव या प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई कनिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए गंभीर दुर्व्यवहार के आरोपों और जांच समिति की सिफारिशों के बाद सामने आई है।\n\n• उत्पीड़न और आपत्तिजनक संदेश: कनिष्ठ छात्रों ने वरिष्ठों पर अश्लील सामग्री भेजने, गाली-गलौज करने और गंभीर मानसिक प्रताड़ना देने के ठोस आरोप लगाए थे। इस लिखित शिकायत ने कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच शुरू करने के लिए बाध्य किया।\n• एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट: कॉलेज की आंतरिक जांच समिति ने मामले की पड़ताल की और आरोपों को सही पाते हुए अपनी सिफारिशें प्रशासन को सौंपीं। रिपोर्ट में अलग-अलग स्तर पर अनुशासनहीनता में शामिल छात्रों की सीधी पहचान की गई।\n• कड़ा प्रशासनिक निर्णय: कैंपस में अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से प्रबंधन ने समिति के सुझावों को पूर्ण रूप से लागू किया। इसके चलते विभिन्न स्तरों पर हॉस्टल निष्कासन, क्लास निलंबन और चेतावनी के आदेश एक साथ जारी किए गए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में कुल कितने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई है?\nरैगिंग और अनुशासनहीनता के इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने कुल 80 छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाया है।\n\n2. कनिष्ठ छात्रों ने वरिष्ठों पर क्या गंभीर आरोप लगाए थे?\nकनिष्ठ छात्रों ने वरिष्ठों पर अश्लील कंटेंट भेजने, गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।\n\n3. कितने विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर निकाला गया है?\nप्रशासन ने 13 छात्रों को हमेशा के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है, जबकि 11 अन्य को 30 दिनों के लिए निकाला गया है।\n\n4. शैक्षणिक निलंबन के तहत छात्रों पर क्या पाबंदियां लगी हैं?\nछह विद्यार्थियों पर 60 दिनों का पूर्ण शैक्षणिक निलंबन लगाया गया है, जबकि सात छात्रों को 30 दिनों तक क्लास में बैठने से रोका गया है।\n\n5. दोषी छात्रों पर खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर क्या रोक है?\nकार्रवाई का सामना कर रहे सभी दोषी छात्र अगले एक साल तक कॉलेज की किसी भी खेल या सांस्कृतिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे।\n\n6. क्या इस कार्रवाई के दायरे में कोई कनिष्ठ छात्र भी आए हैं?\nहां, 2026 बैच के 5 कनिष्ठ विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने की सख्त चेतावनी दी गई है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-11-02",
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    "बाड़मेर मेडिकल कॉलेज",
    "रैगिंग",
    "राजस्थान समाचार",
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