राजस्थान के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम, जयपुर के सीतापुरा और भिवाड़ी में बिगड़ी आबोहवा राजस्थान के अधिकांश संभागों और शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम दायरे में दर्ज हुई है, जहां औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों के धुएं के चलते सुबह-शाम प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदेश के प्रमुख शहरी केंद्रों और सातों संभागों में इन दिनों वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से अधिक चिंताजनक बना हुआ है, जहां ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर गुणवत्ता का पैमाना मध्यम दायरे में सिमटा हुआ है। वातावरण में नमी की कमी, लगातार उड़ती धूल और सड़कों पर दौड़ते वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन हवा को लगातार दूषित कर रहा है। पर्यावरण पर नजर रखने वाले जानकारों और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वातावरण एकदम शुष्क रहने के कारण प्रदूषक कण वायुमंडल के निचले हिस्से में ही टिके रह जाते हैं, जिसकी वजह से खासकर सुबह की शुरुआत और ढलती शाम के समय लोगों को सांस लेने में भारीपन महसूस होता है। हालांकि, जल्द सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ से वायुमंडल में हलचल बढ़ने और हवा साफ होने की आस बंधी है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में दिखा भारी अंतर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय केंद्रों के मापन में यह बात सामने आई है कि एक ही शहर के भीतर अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति काफी भिन्न है। राजधानी जयपुर की बात करें तो समूचे शहर का मिलाजुला सूचकांक 124 दर्ज हुआ, किंतु औद्योगिक क्लस्टर और रिहायशी कॉलोनियों के आंकड़ों में जमीन-आसमान का फर्क दिखा। शहर के रीको सीतापुरा स्थित कारखानों वाले क्षेत्र में प्रदूषण का ग्राफ सबसे ऊपर रहा, जहां यह आंकड़ा लगभग 170 तक जा पहुंचा। इसके ठीक उलट, हरियाली और सुनियोजित बसावट वाले आदर्श नगर क्षेत्र में हवा की शुद्धता काफी संतोषजनक रही और वहां का स्तर केवल 76 के आंकड़े पर दर्ज किया गया। औद्योगिक नगरों और भारी वाहनों का असर राजधानी के अलावा राज्य के अन्य विनिर्माण केंद्रों और व्यस्त व्यापारिक मार्गों पर भी प्रदूषण का भारी दबाव देखा जा रहा है। भिवाड़ी के कारखानों, सीकर के व्यस्ततम इलाकों और भरतपुर के मुख्य मार्गों पर धुएं और धूल की घनी परत महसूस की जा रही है। इन क्षेत्रों में चौबीसों घंटे चलने वाली विनिर्माण इकाइयों, भारी ट्रकों की आवाजाही और सड़कों से उड़ने वाले गर्द-गुबार ने हवा में पार्टिकुलेट मैटर 10 और 2.5 के महीन कणों की मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है, जिससे संवेदनशील लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसका आप पर असर हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रहने से सांस के मरीजों और बुजुर्गों के लिए बाहर घूमना असुविधाजनक हो सकता है। • भारत में: उत्तर भारत के शुष्क मौसमी दौर के दौरान कई राज्य इस तरह के मध्यम प्रदूषण की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में अस्थमा या सांस की पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सुबह की सैर के समय मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। • राजस्थान में: जयपुर के सीतापुरा, भिवाड़ी और भरतपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को खुले में व्यायाम करने से बचना चाहिए। स्थानीय नगर निगम और प्रदूषण बोर्ड धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव जैसे उपायों को गति दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ राज्य में वर्तमान मौसमी परिस्थितियों और मानवीय गतिविधियों के मेल से वायु गुणवत्ता मध्यम स्तर पर पहुंच गई है। • शुष्क वातावरण और हवा का ठहराव: प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने और मौसम बिल्कुल साफ रहने से प्रदूषक कण वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में नहीं फैल पा रहे हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से सुबह और शाम हवा भारी होकर नीचे बैठ रही है। • वाहनों का धुआं और उड़ती धूल: सड़कों पर वाहनों के बढ़ते दबाव और निर्माण स्थलों से उठने वाली गर्द के कारण पीएम 10 और पीएम 2.5 के महीन कण हवा में जमे हुए हैं। • कारखानों का निरंतर संचालन: भिवाड़ी, सीतापुरा और भरतपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों में विनिर्माण कार्यों और मालवाहक ट्रकों के निरंतर आवागमन से स्थानीय स्तर पर धुआं बढ़ रहा है। सवाल-जवाब 1. राजस्थान के अधिकांश शहरों में आज वायु गुणवत्ता किस श्रेणी में दर्ज की गई? राज्य के अधिकांश प्रमुख शहरों और संभाग मुख्यालयों में हवा की गुणवत्ता मध्यम यानी मॉडरेट श्रेणी में दर्ज की गई है। 2. राजधानी जयपुर में समग्र प्रदूषण सूचकांक कितना रहा? जयपुर में कुल मिलाकर औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 124 दर्ज किया गया। 3. जयपुर का कौन सा क्षेत्र सबसे ज्यादा और कौन सा सबसे कम प्रदूषित रहा? रीको सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र लगभग 170 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित रहा, जबकि आदर्श नगर में सूचकांक 76 दर्ज किया गया। 4. किन अन्य शहरों में औद्योगिक प्रदूषण का प्रभाव अधिक देखा गया? भिवाड़ी, सीकर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों और भारी वाहनों के आवागमन के कारण प्रदूषण का असर अधिक देखा गया। 5. आने वाले दिनों में हवा की स्थिति में सुधार की क्या उम्मीद है? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बदलेगा, जिससे हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आ सकता है। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-shaharon-men-vayu-pradushana-ka-stara-madhyama-jaipur-ke-sitapura-aura-bhiwadi-men-bigari-abohava-50830 TrendKia — Har trend, sabse pehle.