# राजस्थान के सीकर में 28 पीएमश्री सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, 4470 बच्चे सीखेंगे पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक पाठ

> सीकर जिले के 28 पीएमश्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल में तब्दील करने के लिए 31.72 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इसके तहत 4470 विद्यार्थियों को स्वच्छता, ऊर्जा संरक्षण, कचरा प्रबंधन और बागवानी की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ke-sikar-men-28-pm-shri-sarakari-skulon-ka-kayakalpa-4470-bachche-sikhenge-paryavarana-snrakshana-ke-vyavaharika-patha-23745 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीकर न्यूज़, पीएमश्री स्कूल, ग्रीन स्कूल, पर्यावरण संरक्षण, राजस्थान शिक्षा, कचरा प्रबंधन

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति स्कूली बच्चों को जागरूक करने के लिए केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना के अंतर्गत एक नया कदम उठाया गया है। सीकर जिले के 28 पीएमश्री सरकारी स्कूलों का चयन ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए किया गया है। इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें प्रकृति की रक्षा, ऊर्जा की बचत, स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 31.72 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के पर्यावरण-अनुकूल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

## ऊर्जा संरक्षण और एलईडी लाइटिंग प्रणाली
ग्रीन स्कूल योजना के तहत विद्यालय परिसरों में बिजली की खपत को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए पुराने और अधिक बिजली खींचने वाले पारंपरिक बल्बों तथा ट्यूबलाइटों को हटाकर उनके स्थान पर ऊर्जा कुशल एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में बिजली की बचत करने तथा संसाधनों के सीमित उपयोग का महत्व समझाने के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। स्कूल परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने और बिजली के सही उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनमें छात्र सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।

## शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से पर्यावरण का व्यावहारिक ज्ञान
किताबी ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ने के लिए एक वृहद शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम तैयार किया गया है। सीकर जिले के लगभग 4470 विद्यार्थियों को इस योजना के तहत नर्सरी, विभिन्न वनस्पतिक उद्यानों तथा नगर परिषद कार्यालयों का दौरा कराया जाएगा। इन भ्रमणों के दौरान छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष रूप से पेड़-पौधों की देखभाल, पौधरोपण की तकनीकों, स्वच्छता व्यवस्था और नगरीय कचरा प्रबंधन की कार्यप्रणाली को देखने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में प्राकृतिक वातावरण के प्रति गहरी रुचि उत्पन्न होगी और वे पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे।

## गीला और सूखा कचरा प्रबंधन तथा कंपोस्ट निर्माण
कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सभी 28 स्कूलों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत गीले कचरे के संग्रहण के लिए हरे रंग के डस्टबिन और सूखे कचरे के लिए नीले रंग के डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। छोटे बच्चों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने और उनमें कचरा अलग करने की आदत डालने के लिए डस्टबिन पर कार्टून तथा उनके पसंदीदा पात्रों के चित्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा, गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करने के लिए स्कूल परिसरों में कंपोस्ट पिट का निर्माण किया जाएगा। तैयार कंपोस्ट खाद का प्रयोग विद्यालयों के उद्यानों और किचन गार्डन में किया जाएगा।

## किचन गार्डन, हर्बल पौधे और रीसाइक्लिंग प्रतियोगिताएं
छात्रों में कृषि और हरियाली के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए विद्यालयों में हर्बल तथा औषधीय पौधों के साथ-साथ किचन गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए 2.80 लाख रुपये का पृथक बजट निर्धारित किया गया है। विद्यार्थी स्वयं पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और उनके औषधीय गुणों को समझने की प्रक्रिया में शामिल होंगे। कई स्कूलों में मौसमी सब्जियां भी उगाई जाएंगी। इसके साथ ही, बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने के लिए अपशिष्ट या कबाड़ से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे उनमें रीसाइक्लिंग और संसाधन संरक्षण की सोच विकसित होगी।

## प्रशासनिक निगरानी और नियमित औचक निरीक्षण
योजना के पारदर्शी संचालन और आवंटित बजट के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी तथा विभागीय अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक दिशानिर्देशों के अनुसार, अधिकारी महीने में कम से कम दो बार इन 28 ग्रीन स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे कार्यक्रमों की प्रगति और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगे। सभी स्कूल प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे आयोजित होने वाले प्रत्येक कार्यक्रम और व्यय का संपूर्ण ब्योरा एक समर्पित रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करें।

## इसका आप पर असर
सरकारी स्कूलों में पर्यावरण आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की इस पहल से सीकर जिले के हजारों विद्यार्थियों के जीवन और उनके परिवारों की आदतों पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

- **सीकर जिले में:** 28 पीएमश्री स्कूलों के 4470 विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में स्वच्छता और ऊर्जा बचत के व्यावहारिक तरीके सीखने को मिलेंगे। इससे बच्चे घरों में भी बिजली बचाने और गीला-सूखा कचरा अलग करने जैसी अच्छी आदतें अपनाएंगे।
- **स्थानीय पर्यावरण पर:** स्कूल परिसरों में औषधीय पौधे और किचन गार्डन विकसित होने से परिसरों में हरियाली बढ़ेगी। बच्चे स्वयं सब्जियां उगाना सीखेंगे और ताजी व जैविक पैदावार के फायदों को समझेंगे।
- **अपशिष्ट प्रबंधन पर:** गीले कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने की तकनीक सीखने से स्कूलों में कचरे का निस्तारण परिसर के भीतर ही संभव हो सकेगा। इससे स्थानीय नगर परिषद पर कचरा प्रबंधन का बोझ कम होगा।
- **भारत में:** केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना के इस ग्रीन स्कूल मॉडल से देश के अन्य राज्यों और जिलों के सरकारी स्कूलों को भी प्रेरणा मिलेगी। यह मॉडल प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सीकर जिले के कितने पीएमश्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल बनाया जा रहा है?
सीकर जिले के कुल 28 पीएमश्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

### 2. ग्रीन स्कूल योजना के लिए कितना कुल बजट स्वीकृत हुआ है?
इस योजना से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के लिए कुल 31.72 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

### 3. कितने विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा?
जिले के 4470 विद्यार्थियों को नर्सरी, बगीचों और नगर परिषद कार्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा।

### 4. किचन गार्डन और औषधीय पौधों के विकास के लिए कितना बजट तय है?
किचन गार्डन और औषधीय पौधों के विकास के लिए 2.80 लाख रुपये का पृथक बजट निर्धारित किया गया है।

### 5. ग्रीन स्कूल कार्यक्रमों की निगरानी कौन करेगा और निरीक्षण कैसे होगा?
जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी महीने में कम से कम दो बार स्कूलों का औचक निरीक्षण करके निगरानी करेंगे।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._