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  "type": "article",
  "title": "राजस्थान के सिरोही को मिली सीधी रेल सौगात, आबूरोड स्टेशन पर रुकेगी साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट",
  "summary": "गुजरात के भीलड़ी से साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई है, जिसका ठहराव राजस्थान के आबूरोड स्टेशन पर तय किया गया है।",
  "content": "राजस्थान के सिरोही जिले के रेल यात्रियों के लिए लंबी दूरी के सफर को आसान बनाने वाला एक नया विकल्प सामने आया है। गुजरात के भीलड़ी से साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस का शुभारंभ किया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई सुपरफास्ट ट्रेन का ठहराव सिरोही के प्रमुख स्टेशन आबूरोड पर सुनिश्चित किया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों तक सीधी पहुंच हासिल होगी।\n\nसाबरमती से आबूरोड की समय सारणी\nइस रेल सेवा की समय सारणी के मुताबिक, यह सुपरफास्ट एक्सप्रेस साबरमती स्टेशन से सुबह 10:30 बजे अपनी यात्रा शुरू करेगी। इसके बाद दोपहर 1:20 बजे यह आबूरोड रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। आबूरोड में ठहराव मिलने से सिरोही जिले के शहरी इलाकों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को भी चढ़ने-उतरने की सीधी सुविधा मिलेगी। इस नई व्यवस्था से पहले स्थानीय लोगों को वाराणसी अथवा प्रयागराज जाने के लिए अन्य दूरदराज के स्टेशनों का रुख करना पड़ता था या फिर बीच के स्टेशनों पर कनेक्टिंग ट्रेनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इस सीधी सेवा के शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा और सफर की परेशानियां काफी कम हो जाएंगी।\n\nकाशी विश्वनाथ और प्रयागराज के सफर में सहूलियत\nइस रेल मार्ग के संचालन का सबसे बड़ा लाभ उन श्रद्धालुओं को मिलेगा जो काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए वाराणसी जाना चाहते हैं। इसके साथ ही पवित्र संगम नगरी प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह सीधी गाड़ी बेहद उपयोगी साबित होगी। यह ट्रेन केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यापारिक कार्यों, पारिवारिक आयोजनों और सामाजिक जिम्मेदारियों के सिलसिले में यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए भी एक भरोसेमंद जरिया बनेगी। जालोर-सिरोही के सांसद लुंबाराम चौधरी ने इस सौगात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के निवासियों को सुगम रेल सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में यह ठहराव अत्यंत उपयोगी साबित होगा और आबूरोड जैसे प्रमुख स्टेशन पर रुकने से दूरदराज जाने वाले यात्रियों को भारी राहत मिलेगी।\n\nसिरोही जिले का मुख्य रेलवे केंद्र है आबूरोड\nभौगोलिक और परिवहन की दृष्टि से आबूरोड रेलवे स्टेशन सिरोही जिले का सबसे बड़ा और व्यस्त रेल आवागमन केंद्र है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दैनिक यात्री और दूरदराज जाने वाले लोग देश के विभिन्न कोनों के लिए रेल पकड़ते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस का ठहराव जुड़ने से पश्चिमी राजस्थान की समग्र रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। स्थानीय जनता को धार्मिक नगरों तक बिना किसी झंझट के पहुंचने का एक सशक्त साधन मिलने से इस पूरे रूट की यात्रा व्यवस्था पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुव्यवस्थित और सुगम हो जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nइस ट्रेन के आबूरोड ठहराव से सिरोही और आसपास के यात्रियों को उत्तर प्रदेश के धार्मिक और व्यापारिक शहरों के लिए सीधी यात्रा सुविधा मिलेगी।\n\n• राजस्थान में: सिरोही और जालोर क्षेत्र के निवासियों को अब वाराणसी और प्रयागराज जाने के लिए अन्य बड़े स्टेशनों पर भटकना नहीं पड़ेगा। वे सीधे आबूरोड से दोपहर 1:20 बजे ट्रेन पकड़कर बिना गाड़ी बदले गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।\n• तीर्थयात्रियों के लिए: काशी विश्वनाथ धाम और संगम दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं का समय बचेगा। सीधी कनेक्टिविटी मिलने से बुजुर्गों और परिवारों के लिए लंबी दूरी का धार्मिक सफर बेहद सुगम हो जाएगा।\n• व्यापार और सामान्य यात्रा: आबूरोड से गुजरात और उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के बीच आवागमन आसान होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों और छात्रों को बेहतर आवाजाही का सीधा फायदा पहुंचेगा।\n• आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए: सिरोही जिले के गांवों से आने वाले लोग आसानी से आबूरोड पहुंचकर यह सुपरफास्ट सेवा ले सकेंगे। पहले की तरह बीच में कनेक्टिंग ट्रेन छूटने का जोखिम अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nक्षेत्रीय मांग और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस नई सुपरफास्ट ट्रेन को शुरू किया गया है और आबूरोड पर इसका ठहराव तय किया गया है।\n\n• सीधी रेल कनेक्टिविटी का अभाव: सिरोही जिले से काशी और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए सीधी और तेज ट्रेनों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यात्रियों को बार-बार ट्रेनें बदलनी पड़ती थीं, जिसके समाधान के लिए यह कदम उठाया गया।\n• आबूरोड का रणनीतिक महत्व: आबूरोड रेलवे स्टेशन सिरोhi जिले का प्राथमिक और सबसे बड़ा स्टेशन है जहां से हजारों यात्री गुजरते हैं। इस प्रमुख स्टेशन पर ठहराव देना पूरे जिले और सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने के लिए सबसे व्यावहारिक निर्णय था।\n• धार्मिक और व्यावसायिक मांग: साबरमती से वाराणसी के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु, व्यापारी और छात्र यात्रा करते हैं। गुजरात और राजस्थान को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले इस रूट पर एक नई सुपरफास्ट सेवा शुरू करना आवश्यक हो गया था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झंडी किसने दिखाई?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भीलड़ी से इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।\n\n2. यह ट्रेन आबूरोड रेलवे स्टेशन पर किस समय पहुंचेगी?\nयह सुपरफास्ट एक्सप्रेस साबरमती से सुबह 10:30 बजे रवाना होकर दोपहर 1:20 बजे आबूरोड रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।\n\n3. इस नई ट्रेन सेवा से किन धार्मिक शहरों तक सीधी पहुंच मिलेगी?\nयात्रियों को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज तक पहुंचने के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।\n\n4. स्थानीय सांसद ने इस सौगात पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nजालोर-सिरोही के सांसद लुंबाराम चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।",
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  "publishedAt": "2026-10-31",
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    "सिरोही",
    "साबरमती वाराणसी सुपरफास्ट",
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    "प्रयागराज",
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    "राजस्थान समाचार"
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