राजस्थान की शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स का नया सीजन शुरू, 77 यात्रियों के साथ जोधपुर पहुंची पहली हाउसफुल ट्रिप राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध लक्जरी ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स नए पर्यटन सत्र की पहली यात्रा में 77 यात्रियों को लेकर जोधपुर के मंडोर पहुंची। ट्रेन का इंटीरियर शीश महल जैसा बनाया गया है और पहला टूर पूरी तरह सोल्ड आउट रहा। राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और राजसी शान की प्रतीक मानी जाने वाली शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स ने अपने नए पर्यटन सत्र का आगाज शानदार अंदाज में किया है। इस सत्र की अपनी पहली यात्रा पर निकली यह लक्जरी ट्रेन जोधपुर के मंडोर स्टेशन पहुंची। स्टेशन पर उतरते ही देश और विदेश से आए सभी मेहमानों का पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाज के साथ फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस नए सत्र के पहले ही दौरे को पर्यटकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है, जिससे पहली ही ट्रिप पूरी तरह सोल्ड आउट रही। इस ऐतिहासिक यात्रा में कुल 77 यात्री शामिल हुए हैं, जो पटरी पर दौड़ते इस तैरते हुए महल में राजसी आतिथ्य का आनंद ले रहे हैं। शीश महल जैसी चमक और आधुनिक आतिथ्य का नजारा इस बार पैलेस ऑन व्हील्स में सफर करने वाले यात्रियों को एक बिल्कुल नया और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने की तैयारी की गई है। ट्रेन के मेकओवर और पूरी व्यवस्था के पीछे मैनेजिंग डायरेक्टर भगत सिंह लोहागढ़ के विज़न और कुशल निर्देशन की बेहद अहम भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में ट्रेन की आंतरिक सुंदरता, साज-सज्जा और यात्री सुविधाओं को नए सिरे से निधारा गया है। ट्रेन के भीतर सोने जैसी सुनहरी चमक, बारीक कारीगरी और शीश महल जैसी सजावट की गई है। ट्रेन का हर डिब्बा और गलियारा ऐसा प्रतीत होता है मानो कोई प्राचीन राजमहल पटरियों पर गतिमान हो, जो यात्रियों को पल-पल राजसी माहौल की अनुभूति कराता है। 11 विदेशी और एनआरआई मेहमान भी बने शाही सफर का हिस्सा नए सीजन के इस पहले टूर में कुल 77 यात्रियों ने अपना पंजीयन कराया था, जिसके बाद ट्रेन की सभी सीटें बुक हो गईं। इस दल में 11 विदेशी नागरिक और एनआरआई पर्यटक भी शामिल हैं, जो भारत की अनूठी संस्कृति और इतिहास को करीब से देखने आए हैं। पर्यटन विभाग और ट्रेन प्रबंधन की टीम लगातार इस प्रयास में लगी हुई है कि घरेलू पर्यटकों के बीच भी लक्जरी रेल यात्रा के प्रति आकर्षण बढ़ाया जाए। मैनेजिंग डायरेक्टर भगत सिंह लोहागढ़ के नेतृत्व में किए गए इन विपणन और सेवा सुधार के प्रयासों का ही नतीजा है कि सीजन की शुरुआत ही शत-प्रतिशत बुकिंग के साथ हुई है। दिल्ली से शुरू होकर राजस्थान के प्रमुख ऐतिहासिक शहरों तक का सफर पैलेस ऑन व्हील्स का यह शाही सफर देश की राजधानी दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होता है। इसके बाद यह ट्रेन राजस्थान के सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थलों का चक्कर लगाती है। अपने तय मार्ग में यह जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर और जोधपुर तक जाती है। हर पड़ाव पर मेहमानों के लिए विशेष स्वागत समारोह आयोजित किए जाते हैं। गुलाबी नगरी जयपुर में पर्यटकों का स्वागत कच्छी घोड़ी नृत्य, ढोल-नगाड़ों की थाप और हाथियों के साथ किया जाता है। चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर यात्रियों को वीरता और स्वाभिमान के इतिहास की झलक दिखाई जाती है। वहीं जैसलमेर के रेगिस्तानी धोरों पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण साबित होते हैं। जोधपुर पहुंचने पर रॉयल बैंड की धुन के साथ सभी अतिथियों का अभिनंदन किया गया। विश्व स्तरीय व्यंजनों और खानपान का अनूठा मेल इस ट्रेन में यात्रा केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि खानपान के मामले में भी यात्रियों को बेहतरीन सेवाएं दी जा रही हैं। ट्रेन के रेस्टोरेंट में पारंपरिक और प्रामाणिक राजस्थानी व्यंजनों के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्वाद का भी पूरा ख्याल रखा गया है। भोजन की सूची में कॉन्टिनेंटल, चाइनीज और पारंपरिक मुगलई पकवान शामिल किए गए हैं। अलग-अलग देशों और राज्यों से आए पर्यटक अपनी पसंद के अनुसार स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं। यही बेमिसाल आतिथ्य, ऐतिहासिक सजावट और बेहतरीन सेवाएं पैलेस ऑन व्हील्स को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लक्जरी ट्रेनों की सूची में शीर्ष पर बनाए रखती हैं। इसका आप पर असर पैलेस ऑन व्हील्स की इस सफल शुरुआत से राज्य और देश के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। • भारत में: लक्जरी रेल पर्यटन के प्रति वैश्विक और घरेलू पर्यटकों का रुझान बढ़ेगा, जिससे देश के पर्यटन राजस्व में बढ़ोतरी होगी। • राजस्थान में: राज्य के सांस्कृतिक कलाकारों, गाइडों, स्थानीय हस्तशिल्प विक्रेताओं और आतिथ्य कारोबारियों के लिए रोजगार तथा व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। ऐसा क्यों हुआ प्रबंधन के नए विजन और विशेष सुविधाओं के कारण पर्यटन सत्र की पहली ही यात्रा पूरी तरह बुक रही। • प्रबंधकीय सुधार: मैनेजिंग डायरेक्टर भगत सिंह लोहागढ़ के निर्देशन में ट्रेन के इंटीरियर को शीश महल जैसी सजावट और बेहतर सुविधाओं से लैस किया गया। • सांस्कृतिक आकर्षण: दिल्ली से शुरू होकर राजस्थान के प्रमुख ऐतिहासिक शहरों को कवर करने वाला रूट और अनूठी मेहमाननवाजी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। सवाल-जवाब 1. पैलेस ऑन व्हील्स की पहली ट्रिप में कितने यात्रियों ने सफर किया? पहली ट्रिप में कुल 77 यात्रियों ने सफर किया, जिनमें 11 विदेशी और एनआरआई मेहमान शामिल थे। 2. ट्रेन का सफर कहां से शुरू होता है और यह किन शहरों से गुजरती है? ट्रेन का सफर दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से शुरू होता है और यह जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर तथा जोधपुर से गुजरती है। 3. पैलेस ऑन व्हील्स के प्रबंध निदेशक कौन हैं? ट्रेन के प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) भगत सिंह लोहागढ़ हैं। 4. ट्रेन में यात्रियों को किस प्रकार का भोजन परोसा जाता है? ट्रेन में पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों के साथ-साथ कॉन्टिनेंटल, चाइनीज और मुगलई भोजन परोसा जाता है। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-ki-shahi-trena-palace-on-wheels-ka-naya-sijana-shuru-77-yatriyon-ke-satha-jodhpur-pahunchi-pahali-hausaphula-tripa-32417 TrendKia — Har trend, sabse pehle.