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  "title": "राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, कोटा और भरतपुर में थम सकती है बारिश",
  "summary": "राजस्थान में मानसून की चाल धीमी पड़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर से अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश पर ब्रेक लग सकता है, हालांकि 12-13 सितंबर से नया दौर शुरू होने के आसार हैं।",
  "content": "राजस्थान के मौसम मिजाज में अब बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कई दिनों से पूरे राज्य में सक्रिय रहने वाला मानसून अब सुस्त पड़ने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और आईएमडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश का जोर कम हो जाएगा। आने वाले लगभग एक हफ्ते तक बड़े पैमाने पर होने वाली बरसात के थमने की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि पूर्वी राजस्थान के कुछ संभागों में छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद अभी भी बनी हुई है।\n\n8 से 10 सितंबर तक मौसम का हाल\nआईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 8 सितंबर से 10 सितंबर के बीच मानसून का प्रभाव काफी हद तक सीमित रहेगा। इस समयावधि में राज्यभर में लगातार और भारी बारिश के आसार नहीं हैं। पूर्वी राजस्थान के चुनिंदा स्थानों पर स्थानीय मौसम की परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद है। मुख्य रूप से 8 सितंबर को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। राजधानी जयपुर में इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।\n\nभरतपुर और कोटा में बारिश की संभावना, पश्चिमी हिस्से में सूखा\nपूर्वी राजस्थान के जिलों में 8 सितंबर को पूरी तरह से सूखा मौसम नहीं रहेगा। भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और उनके आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरने के संकेत हैं। जयपुर और दौसा के पास भी छिटपुट पानी बरस सकता है। इसके विपरीत जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इन इलाकों में दिन के समय तापमान बढ़ सकता है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है。\n\n12 और 13 सितंबर से वापसी कर सकता है मानसून\nबारिश पर लगने वाला यह विराम बहुत लंबा नहीं खिंचेगा। आईएमडी के ताजा आंकलन के मुताबिक 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में एक बार फिर से बारिश की गतिविधियां जोर पकड़ सकती हैं। इस अवधि में पूरबाई हवाओं के चलने से हवा में नमी की मात्रा में इजाफा होगा। इसके फलस्वरूप पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के अनेक स्थानों पर खंड-खंड बारिश होने की संभावना है। हालांकि अभी तक किसी नए और सक्रिय निम्न दबाव के क्षेत्र को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, इसलिए आगामी दौर मुख्य रूप से पूरबाई हवाओं के प्रभाव पर निर्भर करेगा। बंगाल की खाड़ी में पैदा होने वाला नया मौसमी सिस्टम, मानसून ट्रफ की स्थिति और हवाओं का रुख इस पूरे पूर्वानुमान में फेरबदल भी कर सकता है।\n\nआगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज\nमौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान पर नजर डालें तो 16 और 17 सितंबर के आसपास प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि 10 से 15 दिनों के मौसम पूर्वानुमान में बदलाव होना स्वाभाविक है, इसलिए 12 से 15 सितंबर के संभावित बारिश के दौर को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक साफ हो जाएगी। फिलहाल 8 सितंबर को किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे लोगों को फिलहाल किसी बड़े खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा।\n\nइसका आप पर असर\nराजस्थान में मानसून के कमजोर पड़ने और बारिश थमने का असर आम जनजीवन, कृषि और तापमान पर सीधा पड़ेगा।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर इस बदलाव का असर त्योहारी सीजन से पहले उत्तर भारत के कृषि बाजारों और खरीफ फसलों पर पड़ता है, जहां हल्की धूप और नमी संतुलन का आकलन किया जाता है।\n• राजस्थान में: राज्य के पश्चिमी हिस्सों में तापमान बढ़ने और उमस होने से आम लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा, जबकि पूर्वी संभागों में हल्की बारिश से राहत बनी रहेगी।\n• कृषि क्षेत्र में: कोटा और भरतपुर जैसे संभागों में जहां हल्की बारिश जारी रहेगी, वहां फसलों को आंशिक नमी मिलेगी, जबकि पश्चिमी जिलों में किसानों को सिंचाई के विकल्पों पर ध्यान देना पड़ सकता है।\n• दैनिक आवागमन: बारिश रुकने से सड़कों पर जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी, जिससे यात्रा सुगम होगी और यातायात बाधित नहीं होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराजस्थान में मानसून के कमजोर पड़ने की मुख्य वजह बड़े मौसमी सिस्टम का अभाव और मानसूनी ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर या दक्षिण की ओर खिसकना है।\n\n• मानसूनी ट्रफ का असर: वर्तमान में बड़े मानसूनी तंत्र के सक्रिय न होने के कारण व्यापक बारिश की गतिविधियां थम गई हैं, जिससे बादलों का घनत्व कम हो गया है।\n• स्थानीय परिस्थितियां: पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर स्थानीय नमी और बादलों के निर्माण के कारण हल्की बौछारें पड़ने की स्थितियां बनी हुई हैं।\n• आगामी बदलाव का कारण: 12-13 सितंबर से बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूरबाई हवाओं के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राजस्थान में मानसून कब से कमजोर हो रहा है?\nआईएमडी के अनुसार राजस्थान में 8 सितंबर से मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।\n\n2. 8 से 10 सितंबर के बीच मौसम कैसा रहेगा?\nइस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश थम जाएगी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।\n\n3. किन संभागों में 8 सितंबर को बारिश हो सकती है?\nभरतपुर, जयपुर और कोटा संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।\n\n4. जयपुर में 8 सितंबर को तापमान कितना रह सकता है?\nजयपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।\n\n5. बारिश का अगला दौर कब शुरू हो सकता है?\nआईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-08",
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    "राजस्थान मौसम",
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