राजस्थान में मिलावटखोरों पर शिकंजा, जयपुर में 300 किलो पनीर नष्ट और फलौदी में वनस्पति फैट जब्त राजस्थान के खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जयपुर में 300 किलो अस्वच्छ पनीर नष्ट किया और फलौदी में 690 किलो वनस्पति फैट जब्त किया। राजस्थान भर में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगाम कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान तेजी से चल रहा है। इस विशेष अभियान के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं, संदिग्ध सामग्री को जब्त किया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसी कड़ी में राजधानी जयपुर और फलौदी के अलावा धौलपुर में भी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। जयपुर में 300 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मैसर्स श्रीमाया डेयरी पर औचक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वहां पनीर को बेहद अस्वच्छ और गैर-स्वास्थ्यकर परिस्थितियों में स्टोर करके रखा गया था। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पनीर का आधिकारिक नमूना जांच के लिए सील किया और प्राथमिक तौर पर इसे असुरक्षित श्रेणी का मानते हुए लगभग 300 किलो संदिग्ध पनीर को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद डेयरी संचालकों को खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और उनके सुरक्षित रखरखाव को लेकर सख्त दिशा-निर्देश भी दिए गए। फलौदी में अवैध वनस्पति फैट फैक्ट्री सीज दूसरी तरफ फलौदी के खींचन क्षेत्र में विभाग की टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से चल रही वनस्पति फैट निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। इस अवैध फैक्ट्री से अधिकारियों ने 690 किलो वनस्पति फैट अपने कब्जे में लिया। जांच के दौरान मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल, तैयार माल और पैकेजिंग मशीनरी भी बरामद की गई। बिना किसी वैध अनुमति के चल रही इस इकाई को विभाग ने तुरंत प्रभाव से सीज कर दिया और निर्माण कार्य से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच शुरू कर दी है। धौलपुर में दूध और घेवर के नमूने एकत्र जयपुर और फलौदी के अलावा धौलपुर जिले में भी खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल के लिए ताबड़तोड़ सैंपल लिए गए। धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र स्थित धर्मेंद्र डेयरी से टीम ने मिश्रित दूध का नमूना एकत्र किया। इसके अलावा प्रसिद्ध जोधपुर मिष्ठान भंडार से पारंपरिक मिठाई घेवर का सैंपल जांच के लिए लिया गया। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए संबंधित प्रयोगशाला में भेजा जा चुका है और रिपोर्ट आते ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी व्यापक कार्रवाई फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. टी. शुभमंगला के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरी की गई है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसका आप पर असर भारत में: खाद्य सुरक्षा और मिलावट के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई से पूरे देश में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा मजबूत होती है और मिलावटखोरों पर दबाव बनता है। राजस्थान में: जयपुर, फलौदी और धौलपुर के स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं को अब दूषित या घटिया खाद्य पदार्थों की जगह अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां तथा डेयरी उत्पाद मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। सवाल-जवाब 1. राजस्थान में यह अभियान किस नाम से चलाया जा रहा है? यह अभियान 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' नाम से चलाया जा रहा है। 2. जयपुर के किस इलाके में पनीर नष्ट किया गया? जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र स्थित श्रीमाया डेयरी में 300 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट किया गया। 3. फलौदी में कितनी मात्रा में वनस्पति फैट जब्त किया गया? फलौदी के खींचन में अवैध इकाई से 690 किलो वनस्पति फैट जब्त किया गया। 4. धौलपुर में कौन-कौन से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए? धौलपुर में मिश्रित दूध और घेवर के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। 5. इन कार्रवाइयों का निर्देशन किसने किया है? यह पूरी कार्रवाई फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन में की गई है। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-me-milavat-par-war-jaipur-me-300-kg-paneer-nasht-aur-phalodi-me-vanaspati-fat-zabt-20881 TrendKia — Har trend, sabse pehle.