# राजस्थान में 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने का ऐलान, मार्कशीट से हटेगा फेल और सप्लीमेंट्री शब्द

> राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2026-27 सत्र से 10वीं की बोर्ड परीक्षा दो बार कराएगा, जिसमें छात्रों को अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधारने का विकल्प मिलेगा और मार्कशीट पर फेल या सप्लीमेंट्री दर्ज नहीं होगा।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-10vin-borda-pariksha-sala-men-do-bara-karane-ka-ailana-markashita-se-hatega-phela-aura-saplimentri-shabda-44048 · **Language:** Hindi
**Tags:** आरबीएसई 10वीं परीक्षा, राजस्थान बोर्ड, मदन दिलावर, शिक्षा सुधार, बोर्ड परीक्षा 2027, अंक सुधार परीक्षा

राजस्थान के स्कूली छात्रों के लिए परीक्षा के तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने का आधिकारिक निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं पर एक ही बार में बेहतर प्रदर्शन करने के भारी मानसिक दबाव को घटाना है। इसके साथ ही जिन विद्यार्थियों को लगता है कि वे अपनी पहली कोशिश में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं जुटा पाए, उन्हें अपना स्कोर सुधारने के लिए पूरा एक साल बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

## नई परीक्षा प्रणाली और अंक सुधारने के नियम
इस नई व्यवस्था के तहत परीक्षा के नियम स्पष्ट रूप से तय किए गए हैं। पहली बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं के सभी नियमित और पंजीकृत छात्रों के लिए देना अनिवार्य रहेगा। जो विद्यार्थी इस शुरुआती परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाएंगे, वे दूसरी परीक्षा में शामिल होने के पात्र बनेंगे। यह दूसरा अवसर पूरी तरह से अंक सुधारने यानी इम्प्रूवमेंट के तौर पर काम करेगा। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्र दूसरी परीक्षा के माध्यम से अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक बेहतर करने के लिए फिर से पर्चा दे सकते हैं। यदि कोई छात्र पहले इम्तिहान के नतीजों से पूरी तरह संतुष्ट रहता है, तो उसके लिए दूसरी परीक्षा में शामिल न होने की पूरी छूट रहेगी।

## परीक्षाओं का संभावित शेड्यूल और पाठ्यक्रम
राजस्थान के स्कूल शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इस व्यापक बदलाव को मंजूरी दी है। समय सारिणी की बात करें तो पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च के महीनों में आयोजित किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन मई-जून के दौरान किया जाएगा। दोनों ही परीक्षाओं का आधार कक्षा 10वीं का समान पाठ्यक्रम रहेगा। इसके अलावा प्रश्नपत्र का प्रारूप, परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम दोनों सत्रों में बिल्कुल एक जैसी रखी जाएगी, ताकि छात्रों को किसी भी स्तर पर असमानता का सामना न करना पड़े।

## मार्कशीट पर फेल और सप्लीमेंट्री की जगह नया फॉर्मेट
बोर्ड ने विद्यार्थियों के मनोबल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्कशीट के पारंपरिक प्रारूप में भी क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब किसी भी छात्र के अंकपत्र पर 'फेल' या 'सप्लीमेंट्री' जैसे नकारात्मक शब्द नहीं लिखे जाएंगे। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा पास करने के बाद दूसरे चरण में नहीं बैठता, तो उसका अंतिम परिणाम और मार्कशीट दूसरी परीक्षा संपन्न होने के बाद पहली परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर तैयार कर जारी की जाएगी। वहीं, जो परीक्षार्थी किन्हीं भी दो विषयों में न्यूनतम 33 प्रतिशत से कम अंक हासिल करेंगे, उन्हें इसेंशियल इम्प्रूवमेंट यानी ईआई श्रेणी में रखते हुए सुधारात्मक परीक्षा के रूप में दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की पात्रता दी जाएगी।

## इसका आप पर असर
राजस्थान के 10वीं के विद्यार्थियों को अब परीक्षा में अंक सुधारने के लिए तुरंत दूसरा मौका मिलेगा और उनके ऊपर से एक ही प्रयास में सफल होने का भारी तनाव कम होगा।

- **राजस्थान में:** सत्र 2026-27 से 10वीं के विद्यार्थियों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। छात्र अपनी सुविधा अनुसार अधिकतम तीन विषयों में नंबर सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे।
- **छात्रों के मनोबल पर:** मार्कशीट से फेल और सप्लीमेंट्री जैसे नकारात्मक शब्द हटा दिए जाएंगे। दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक लाने वालों को सीधे इसेंशियल इम्प्रूवमेंट श्रेणी के तहत अगली परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।
- **समय की बचत:** खराब प्रदर्शन की स्थिति में छात्रों को पूरा एक साल दोबारा पढ़ने की मजबूरी नहीं रहेगी। मई-जून में आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा देकर वे उसी सत्र में अपना परिणाम बेहतर कर सकेंगे।
- **परीक्षा की तैयारी पर:** दोनों परीक्षाओं का सिलेबस और मार्किंग स्कीम एक समान रहेगी। इसलिए परीक्षार्थियों को किसी नई तैयारी या अलग परीक्षा प्रारूप के फेर में नहीं पड़ना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह नीतिगत फैसला स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक लचीला बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

- **परीक्षा तनाव में कमी:** छात्रों पर साल भर की मेहनत का फैसला एक ही परीक्षा पर निर्भर रहने से भारी दबाव रहता था। दोहरी परीक्षा से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने और गलतियों को सुधारने का मौका मिलता है।
- **साल बर्बाद होने से बचाव:** पारंपरिक व्यवस्था में कम अंक आने या असफल होने पर छात्र का पूरा शैक्षणिक सत्र बेकार चला जाता था। मई-जून में दोबारा परीक्षा कराकर छात्रों के समय और भविष्य को सुरक्षित किया गया है।
- **नकारात्मक टैग हटाने की पहल:** मार्कशीट पर दर्ज होने वाले नकारात्मक शब्द छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते थे। इसे रोकने के लिए फेल और सप्लीमेंट्री के स्थान पर इसेंशियल इम्प्रूवमेंट की व्यवस्था लागू की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान बोर्ड में दो बार 10वीं परीक्षा कराने का नियम कब से लागू होगा?
यह नया नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

### 2. दूसरी बोर्ड परीक्षा में अधिकतम कितने विषयों में नंबर सुधारे जा सकते हैं?
छात्र दूसरी परीक्षा में बैठकर अधिक से अधिक तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं।

### 3. क्या दोनों बोर्ड परीक्षाओं का सिलेबस और पैटर्न अलग होगा?
नहीं, दोनों परीक्षाएं कक्षा 10वीं के समान सिलेबस, समान परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम पर आधारित होंगी।

### 4. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा के बाद दूसरी परीक्षा नहीं देना चाहता तो क्या होगा?
यदि छात्र पहले नतीजे से संतुष्ट है तो दूसरी परीक्षा छोड़ सकता है, और दूसरी परीक्षा के बाद उसकी पहली परीक्षा के आधार पर मार्कशीट जारी हो जाएगी।

### 5. दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक मिलने पर क्या नियम रहेगा?
ऐसे छात्रों को इसेंशियल इम्प्रूवमेंट श्रेणी दी जाएगी और वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में सुधारात्मक प्रयास के तहत बैठ सकेंगे।

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