# राजस्थान में 2 करोड़ रुपये के घूसकांड में फंसे निलंबित एएसपी मुकेश सोनी और दलाल ने अदालत में वॉइस सैंपल देने से मना किया

> उदयपुर की अदालत में पेशी के दौरान निलंबित एएसपी मुकेश कुमार सोनी और दलाल सज्जन सिंह ने फॉरेंसिक जांच के लिए अपनी आवाज के नमूने देने से साफ मना कर दिया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-2-karora-rupaye-ke-ghusakanda-men-phnse-nilnbita-asp-mukesh-soni-aura-dalala-ne-adalata-men-voisa-sainpala-dene-se-m-48173 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदयपुर घूसकांड, मुकेश कुमार सोनी, सज्जन सिंह, एसीबी राजस्थान, एसओजी राजस्थान, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जसवंत सिंह राव

राजस्थान के बहुचर्चित दो करोड़ रुपये के रिश्वत प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान एक अहम मोड़ सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के निलंबित एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी और दलाल सज्जन सिंह को उदयपुर स्थित एनआई एक्ट कोर्ट-4 में पेश किया, तब दोनों आरोपियों ने अपनी आवाज के नमूने यानी वॉइस सैंपल देने से साफ इनकार कर दिया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के दल ने अदालत के समक्ष ऑडियो टेप से मिलान कराने के उद्देश्य से इन नमूनों की औपचारिक मांग रखी थी, जिसे दोनों आरोपियों ने ठुकरा दिया।

## ऑडियो रिकॉर्डिंग और साक्ष्यों की कानूनी पड़ताल
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की तफ्तीश में यह बात उजागर हुई थी कि घूस की सौदेबाजी के सिलसिले में आरोपियों और पीड़ित पक्ष के मध्य टेलीफोन पर कई मर्तबा बातचीत हुई थी। जांच दल ने इस पूरे वार्तालाप की विस्तृत ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर रखी है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष के दावों को ठोस वैज्ञानिक आधार देने के लिए निलंबित एएसपी मुकेश सोनी तथा दलाल सज्जन सिंह की आवाज के नमूनों का मिलान कराया जाना बेहद आवश्यक कदम माना जा रहा था। इस बीच जांच एजेंसी ने इस मामले के शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा का वॉइस सैंपल पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज कर लिया है।

## एसओजी दफ्तर का रीडर पिछले 18 दिनों से लगातार फरार
प्रकरण के जांच अधिकारी और एसीबी के एएसपी महावीर सिंह के अनुसार घूसखोरी के इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के कार्यालय में पदस्थापित रीडर जसवंत सिंह राव पिछले 18 दिनों से लगातार अपनी उपस्थिति छिपाए हुए है और फरार चल रहा है। पुलिस तथा एसीबी की संयुक्त टीमों ने आरोपी रीडर के पैतृक आवास समेत कई संभावित ठिकानों पर छापे मारे हैं, लेकिन फिलहाल उसका कोई अता-पता नहीं मिल सका है। जांच अधिकारियों का आंकलन है कि रीडर जसवंत सिंह राव की धरपकड़ के बाद इस रिश्वतखोरी कांड के पीछे सक्रिय कई अन्य पहलुओं और कड़ियों का खुलासा हो सकेगा।

## 272 भूखंडों के घोटाले को रफा-दफा करने की साजिश
उदयपुर का यह पूरा विवाद भू-माफियाओं तथा 272 प्लॉटों से जुड़ी एक व्यापक अनियमितता की जांच को दबाने से जुड़ा हुआ है। आरोपों के मुताबिक स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की जांच के दायरे में आई इस फाइल को बंद कराने, मामले में अंतिम रिपोर्ट यानी एफआर लगाने और पड़ताल के दौरान जब्त किए गए कागजात व सामान लौटाने के बदले 2 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि मांगी गई थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर सबसे पहले बिचौलिए सज्जन सिंह को रंगे हाथों हिरासत में लिया था। दलाल से पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर मामले के तार सीधे तौर पर एएसपी मुकेश सोनी से जुड़े पाए गए, जिसके बाद एसीबी ने तत्परता दिखाते हुए मुकेश सोनी को बालोतरा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था।

## इसका आप पर असर
इस बड़े घूसकांड और अदालती प्रक्रिया से आम नागरिकों और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारत में:** किसी भी आपराधिक या भ्रष्टाचार जांच में आरोपियों द्वारा वॉइस सैंपल से इनकार करने पर अदालत अन्य परिस्थितिजन्य व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कानूनी निष्कर्ष निकाल सकती है। यह घटनाक्रम देश भर में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही फॉरेंसिक जांच प्रक्रियाओं की जटिलताओं को रेखांकित करता है।
- **राजस्थान में:** 272 प्लॉटों से जुड़ा घोटाला सीधे तौर पर स्थानीय संपत्ति खरीदारों और जमीन मालिकों के मालिकाना हक व विवादों को प्रभावित करता है। एसओजी और एसीबी की सख्त कार्रवाई से जमीन विवादों में घूस देकर मामले रफा-दफा कराने वाले बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।
- **संपत्ति खरीदारों के लिए:** विवादित जमीनों या घोटालों के घेरे में आए प्लॉटों की जांच निष्पक्ष होने से ही असली खरीदारों के कानूनी दस्तावेज सुरक्षित रह सकते हैं। जांच पूरी होने तक संबंधित 272 भूखंडों के लेन-देन और रिकॉर्ड्स की निगरानी अत्यधिक सतर्कता से की जाएगी।
- **कानूनी साक्ष्य की स्थिति:** शिकायतकर्ता द्वारा पहले ही आवाज का नमूना दिए जाने के कारण जांच एजेंसी के पास बातचीत की पुष्टि का एक सिरा पहले से उपलब्ध है। आरोपियों के इनकार के बाद अब अदालत यह तय करेगी कि रिकॉर्डिंग की प्रमाणिकता को किस कानूनी प्रावधान के तहत आंका जाए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम जमीन घोटाले की जांच को अवैध रूप से बंद कराने और फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन से बचने के प्रयासों के कारण उत्पन्न हुआ।

- **रिश्वत की मांग की मुख्य वजह:** स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में 272 भूखंडों से जुड़े भूमि घोटाले की फाइल को रफा-दफा करने, अंतिम रिपोर्ट पेश करने और जब्त दस्तावेज वापस करने के बदले 2 करोड़ रुपये की घूस मांगी गई थी।
- **वॉइस सैंपल से इनकार का कारण:** फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ आवाज का मिलान रोकने के लिए आरोपियों ने अदालत में फॉरेंसिक टीम को अपने नमूने देने से मना कर दिया ताकि सीधे वैज्ञानिक साक्ष्य से बचा जा सके।
- **गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि:** एसीबी ने पहले दलाल सज्जन सिंह को रंगे हाथों पकड़ा, जिसके खुलासे के बाद साजिश में शामिल निलंबित एएसपी मुकेश सोनी को बालोतरा से गिरफ्तार किया गया।
- **जांच में अभी बाकी बिंदु:** एसओजी का रीडर जसवंत सिंह राव पिछले 18 दिनों से लगातार फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद ही रिश्वत नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली का अंतिम ब्योरा सामने आ सकेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. निलंबित एएसपी मुकेश सोनी और दलाल पर क्या आरोप हैं?
उन पर 272 प्लॉटों से जुड़े मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाने और जब्त दस्तावेज लौटाने के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

### 2. अदालत में आरोपियों ने किस चीज से इनकार किया?
उन्होंने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को अपनी आवाज के नमूने यानी वॉइस सैंपल देने से साफ मना कर दिया।

### 3. क्या मामले में किसी का वॉइस सैंपल लिया जा चुका है?
हां, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा का वॉइस सैंपल पहले ही दर्ज कर चुकी है।

### 4. एसओजी कार्यालय का कौन सा कर्मचारी फरार चल रहा है?
एसओजी कार्यालय में तैनात रीडर जसवंत सिंह राव पिछले 18 दिनों से लगातार फरार चल रहा है।

### 5. एएसपी मुकेश सोनी को कहां से गिरफ्तार किया गया था?
एसीबी की टीम ने मुकेश सोनी को बालोतरा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था।

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