राजस्थान में 500 से अधिक मेहमानों की दावत पर खाद्य सुरक्षा जांच अनिवार्य, बिना लाइसेंस कैटरिंग पर होगी सीधी कानूनी कार्रवाई राजस्थान में शादी और बड़े सम्मेलनों के सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना वैध लाइसेंस काम करने वाले कैटरर्स पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। 500 या 1,000 से अधिक मेहमानों वाले आयोजनों की पूर्व सूचना विभाग को देनी होगी, जहां औचक निरीक्षण कर मिलावटी भोजन तुरंत नष्ट कराया जाएगा। राजस्थान भर में शादियों और बड़े सामाजिक आयोजनों का दौर शुरू होने के साथ ही खानपान की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। कोटा सहित पूरे राज्य में भोजन की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने वाले कैटरर्स पर नकेल कसने के लिए कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार द्वारा जुलाई माह में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन अब देवउठनी एकादशी से आरंभ होने वाले वैवाहिक सीजन में कराया जाएगा। इस विशेष अभियान का बुनियादी मकसद बड़े आयोजनों में मिलावटी खाद्य सामग्रियों की खपत पर रोक लगाना और आम लोगों की सेहत को गंभीर खतरों से बचाना है। बिना वैध लाइसेंस काम करने वालों पर दर्ज होगा सीधा केस कोटा के खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोजीलाल कुम्भाकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी कैटरर को बिना वैध लाइसेंस के संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। शादियों और बड़े सामूहिक सम्मेलनों का काम मिलने के बाद कई संचालक घटिया अथवा मिलावटी खाद्य सामग्री का उपयोग कर लोगों के स्वास्थ्य को दांव पर लगाते हैं। विभागीय टीमों द्वारा की जाने वाली सैंपलिंग के दौरान अगर कोई कैटरर बिना लाइसेंस काम करता पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सीधा मुकदमा दर्ज कर चालान काटा जाएगा। शुरुआत में कैटरर्स को नियमानुसार दस्तावेज दुरुस्त करने की समझाइश दी जाएगी, लेकिन नियमों का उल्लंघन जारी रखने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 500 और 1,000 से अधिक लोगों की दावत पर पूर्व सूचना का नियम नए प्रशासनिक आदेश के तहत जिन भी आयोजनों में 500 या 1,000 से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है, उनकी विस्तृत जानकारी पहले से ही संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को देनी होगी। आयोजकों और कैटरिंग संचालकों को कार्यक्रम स्थल का पूरा विवरण भी विभाग के पास जमा कराना अनिवार्य किया गया है। सूचना दर्ज होते ही विभाग का विशेष जांच दस्ता मौके पर पहुंचेगा। यह टीम कार्यक्रम स्थल पर तैयार हो रहे भोजन के नमूने एकत्र करेगी और इसके साथ ही रसोई में साफ-सफाई तथा हाइजीन के पूरे प्रबंधों की बारीकी से पड़ताल करेगी। सड़ी सब्जियां और मिलावटी मावा मौके पर ही नष्ट करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी रसोई या आयोजन स्थल पर खराब या सड़ी-गली सब्जियां, नकली मावा अथवा अन्य मिलावटी खाद्य सामग्री पाई जाती है, तो विभागीय जांच दल तुरंत प्रभाव से उसके नमूने सील करेगा। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी घटिया और मिलावटी सामग्री को उसी समय मौके पर नष्ट करवा दिया जाएगा। इस कड़े कदम से उन कारोबारियों में हड़कंप मचना तय है जो भारी मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। फूड पॉइजनिंग की रोकथाम और ब्रांडेड सामग्रियों के उपयोग पर जोर प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस सख्त पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य बड़े सामूहिक भोज के दौरान सामने आने वाली फूड पॉइजनिंग की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करना है। अनिवार्य लाइसेंस प्रक्रिया और अचानक होने वाले औचक निरीक्षण के डर से कैटरिंग कारोबारी अब केवल गुणवत्तापूर्ण और ब्रांडेड सामग्रियों का उपयोग करने के लिए बाध्य होंगे। इस व्यवस्था से न केवल खानपान की स्वच्छता का स्तर ऊपर उठेगा, बल्कि बिना पंजीकरण और लाइसेंस के अवैध रूप से काम कर रहे संचालक भी कानूनी दायरे में आकर लाइसेंस लेने को मजबूर होंगे। इसका आप पर असर शादियों और बड़े सम्मेलनों में शामिल होने वाले लोगों और मेजबानों के लिए खानपान की सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए गए हैं। • राजस्थान में: बड़े सामाजिक आयोजनों और विवाह समारोहों में भोजन परोसने वाले कैटरर्स के लिए वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस रखना कानूनी रूप से अनिवार्य हो गया है। अगर कोई कैटरर बिना लाइसेंस मिलता है तो उस पर सीधे केस दर्ज होगा और भोजन बनाने का काम रुक सकता है। • आयोजकों के लिए: यदि आपके पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम में 500 या 1,000 से अधिक मेहमान आ रहे हैं, तो आपको आयोजन स्थल और दावत की पूर्व जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को देनी होगी। समय पर सूचना न देने पर अचानक जांच के दौरान कार्यक्रम में अड़चन आ सकती है। • मेहमानों की सेहत: सामूहिक दावतों में नकली मावा, सड़ी सब्जियों और मिलावटी तेल-मसालों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी। मौके पर ही खराब सामग्री नष्ट किए जाने से फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाएगा। • कैटरर्स के लिए: सभी कैटरिंग संचालकों को अब केवल ब्रांडेड और प्रमाणित सामग्री का ही उपयोग करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों का चालान काटा जाएगा और उन्हें भारी कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी। ऐसा क्यों हुआ शादियों के सीजन में बड़े सामूहिक भोज के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की खपत और फूड पॉइजनिंग के जोखिम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। • मिलावट पर लगाम लगाने की जरूरत: सामूहिक दावतों में बड़ी मात्रा में खाना बनने के दौरान मुनाफा कमाने के चक्कर में कई कैटरर्स नकली मावा, खराब सब्जियां और घटिया सामग्री इस्तेमाल करते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा जुलाई में बनाए गए नियमों को लागू किया गया है। • देवउठनी एकादशी का आगामी सीजन: देवउठनी एकादशी के साथ ही राज्य भर में बड़े सावों और सम्मेलनों की शुरुआत हो रही है, जिससे मिठाइयों और भोजन की मांग अत्यधिक बढ़ जाती है। इसी समय मिलावटखोर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं, जिसके चलते विभाग ने पहले ही सतर्कता बढ़ा दी है। • फूड पॉइजनिंग की रोकथाम: बड़े आयोजनों में पहले भी अस्वास्थ्यकर भोजन और अस्वच्छ रसोई के कारण लोगों के बीमार पड़ने के मामले सामने आते रहे हैं। औचक निरीक्षण और मौके पर जांच से रसोई में स्वच्छता का मानक सुनिश्चित करना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। सवाल-जवाब 1. राजस्थान में किन आयोजनों की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को देनी होगी? जिन आयोजनों में 500 या 1,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है, उनकी पूर्व सूचना और आयोजन स्थल का ब्यौरा विभाग को देना अनिवार्य है। 2. यदि कोई कैटरर बिना वैध लाइसेंस के काम करता मिला तो क्या होगा? बिना लाइसेंस काम करने वाले कैटरर्स को पहले समझाइश दी जाएगी, लेकिन उल्लंघन जारी रहने पर उनके खिलाफ सीधा केस दर्ज कर चालान काटा जाएगा। 3. निरीक्षण के दौरान खराब या मिलावटी सामान पाए जाने पर क्या कार्रवाई होगी? जांच टीम मिलावटी या सड़ी-गली खाद्य सामग्री का सैंपल तुरंत लेगी और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उसे मौके पर ही नष्ट करवा देगी। 4. यह कड़ा अभियान किस अवसर से विशेष रूप से लागू किया जा रहा है? यह अभियान देवउठनी एकादशी से शुरू होने वाले वैवाहिक सावों और सम्मेलनों के सीजन में सख्ती से लागू किया जा रहा है। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-500-se-adhika-mehamanon-ki-davata-para-khadya-suraksha-jancha-anivarya-bina-laisensa-kaitaringa-para-hogi-sidhi-kanu-54698 TrendKia — Har trend, sabse pehle.