राजस्थान में चुनाव नतीजों के बाद वफादारी साबित करने की होड़, कहीं पवित्र ग्रंथ तो कहीं मंदिर में खाई गई कसम पाली और सिरोही में स्थानीय चुनाव के बाद क्रॉस वोटिंग के आरोपों को खारिज करने के लिए अजीबोगरीब तरीके सामने आए हैं, जहां वोटरों और पार्षदों ने धर्मग्रंथ और मंदिर में कसमें खाकर अपनी निष्ठा जताई। राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावी दंगल के नतीजे सामने आने के बाद अब राजनीतिक दलों के बीच अपनी-अपनी वफादारी साबित करने की दिलचस्प होड़ शुरू हो चुकी है। राज्य के पाली और सिरोही जिलों से निष्ठा सिद्ध करने की दो अनोखी घटनाएं सामने आई हैं, जहां गुप्त मतदान प्रणाली पर उठे संदेहों को मिटाने के लिए धार्मिक आस्था का सहारा लिया जा रहा है। एक तरफ पाली में भितरघात के आरोपों से घिरे एक मतदाता परिवार ने पवित्र कुरान पर हाथ रखकर अपनी निष्ठा का दावा किया, वहीं दूसरी ओर सिरोही में चुनाव से पूर्व मंदिर जाकर शपथ लेने वाले पार्षदों का गणित नतीजों के बाद अचानक चर्चा का केंद्र बन गया है। पाली के वार्ड 29 में तानों के बाद वीडियो जारी पाली जिले के वार्ड संख्या 29 में कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार शाइना बानो चुनाव मैदान में थीं। मतदान और परिणामों के बाद इलाके में यह चर्चा फैल गई कि कुछ स्थानीय मतदाताओं ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग की है। इन आरोपों और मोहल्ले के कुछ लोगों के तंज से आहत होकर संबंधित परिवार ने सार्वजनिक तौर पर सफाई देने का फैसला किया। इसके बाद परिवार के सदस्यों का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे पवित्र कुरान शरीफ पर हाथ रखे हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के जरिए परिवार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। परिजनों का कहना था कि झूठे आरोपों और तानों के कारण देर रात तक इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके चलते उन्हें अपनी ईमानदारी साबित करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। सिरोही में मंदिर की शपथ और नतीजों का चुनावी फेर दूसरी तरफ, सिरोही नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव में सौगंध बनाम वोट का मामला गरमाया हुआ है। सभापति चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी के पांच पार्षदों के एक प्रसिद्ध देवस्थान में जाकर वफादारी की सौगंध लेने की खबर चर्चा में आई थी। जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 1 से पूनम अनिल प्रजापत, वार्ड 16 से मनीष प्रजापत, वार्ड 17 से गौरव, वार्ड 19 से संतोष और वार्ड 21 से सुनील गुप्ता ने शनेश्वर जी महादेव मंदिर पहुंचकर अपनी पार्टी के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प लिया था। गोपनीय मतदान और सभापति चुनाव का पेचीदा अंकगणित सिरोही नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी के कुल 10 पार्षद बताए गए हैं, जबकि चुनाव मैदान में पार्टी की तरफ से पूजा माली प्रत्याशी थीं। जब मतगणना हुई और नतीजे घोषित किए गए, तो भाजपा प्रत्याशी पूजा माली के खाते में केवल 5 मत ही दर्ज हुए। चूंकि स्थानीय निकायों में सभापति का चुनाव गुप्त मतदान प्रक्रिया के तहत संपन्न होता है, इसलिए आधिकारिक रूप से यह प्रमाणित नहीं हो सका कि किस निर्वाचित प्रतिनिधि ने किसके पक्ष में मतदान किया। दिलचस्प बात यह भी रही कि मंदिर जाकर सौगंध लेने वाले 5 पार्षदों की सूची में खुद उम्मीदवार पूजा माली शामिल नहीं थीं। इस चुनावी आंकड़े के सामने आने के बाद स्थानीय गलियारों में यह सवाल गहरा गया है कि क्या केवल मंदिर जाने वाले पार्षदों ने ही पार्टी प्रत्याशी को वोट दिया या फिर 10 सदस्यों वाली पार्टी में बड़ा भीतरघात हुआ है। इसका आप पर असर स्थानीय चुनावों में गुप्त मतदान की गरिमा और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर जनता के बीच कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। • भारत में: लोकतांत्रिक संस्थाओं में गुप्त मतदान की संवैधानिक व्यवस्था पर धार्मिक सौगंधों का बढ़ता दबाव चुनावी शुचिता को प्रभावित करता है। निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा व्हिप और पार्टी अनुशासन के बजाय धार्मिक आस्था को ढाल बनाना राजनीतिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। • पाली और सिरोही में: स्थानीय वार्डों और नगर परिषद क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों के बीच अविश्वास और सामाजिक तनाव का माहौल बनता है। जब चुने हुए प्रतिनिधि विकास कार्यों के बजाय निष्ठा साबित करने के विवादों में उलझते हैं, तो स्थानीय नागरिक सेवाओं और निकाय के फैसलों में देरी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम स्थानीय निकाय चुनावों में दलबदल, भितरघात के गहरे संदेह और गुप्त मतदान के कारण उत्पन्न अस्पष्टता के चलते सामने आया। चुनावी जीत-हार के बाद पार्टियों के आंतरिक समीकरण बिगड़ने से यह विवाद उपजा है। • क्रॉस वोटिंग के आरोप: पाली के वार्ड 29 में कांग्रेस प्रत्याशी की स्थिति को लेकर जब स्थानीय स्तर पर मतभेद उभरे, तो पड़ोसियों के तानों से आहत होकर परिवार ने कुरान शरीफ पर हाथ रखकर सफाई दी। मतदान गोपनीय होने की वजह से किसी भी व्यक्ति के वोट को सत्यापित नहीं किया जा सकता था। • सीटों का बिगड़ा गणित: सिरोही में भाजपा के पास कुल 10 पार्षद थे लेकिन उनकी अधिकृत उम्मीदवार पूजा माली को केवल 5 मत प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी के आधे पार्षदों ने बगावत की थी। • मंदिर में सौगंध की पृष्ठभूमि: चुनाव से पहले ही टूट के अंदेशे को देखते हुए 5 पार्षदों ने शनेश्वर जी महादेव मंदिर जाकर शपथ ली थी। परिणाम में ठीक 5 वोट मिलने के कारण इस शपथ और बाकी 5 गैर-शपथधारी पार्षदों की भूमिका पर राजनीतिक घमासान मच गया। सवाल-जवाब 1. पाली के वार्ड नंबर 29 में विवाद की मुख्य वजह क्या थी? वार्ड नंबर 29 में कांग्रेस उम्मीदवार शाइना बानो को लेकर क्रॉस वोटिंग के आरोपों और स्थानीय लोगों के तानों के बाद एक परिवार ने कुरान शरीफ पर हाथ रखकर अपनी वफादारी का वीडियो जारी किया। 2. सिरोही में किन भाजपा पार्षदों ने मंदिर जाकर शपथ ली थी? पूनम अनिल प्रजापत, मनीष प्रजापत, गौरव, संतोष और सुनील गुप्ता ने शनेश्वर जी महादेव मंदिर पहुंचकर सौगंध ली थी। 3. सिरोही नगर परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को कितने वोट मिले? भाजपा की कुल 10 पार्षदों की संख्या के मुकाबले पार्टी प्रत्याशी पूजा माली को चुनाव परिणाम में केवल 5 मत मिले। 4. क्या पूजा माली भी मंदिर में सौगंध लेने वाले समूह में शामिल थीं? नहीं, मंदिर में जाकर शपथ लेने वाले पांच पार्षदों के समूह में भाजपा प्रत्याशी पूजा माली शामिल नहीं थीं। 5. क्या यह आधिकारिक रूप से पता चल सका कि किस पार्षद ने किसे वोट दिया? नहीं, स्थानीय निकाय सभापति का चुनाव गुप्त मतदान प्रणाली से होने के कारण किसी भी पार्षद के व्यक्तिगत मत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकती। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-chunava-natijon-ke-bada-vaphadari-sabita-karane-ki-hora-kahin-pavitra-grntha-to-kahin-mndira-men-khai-gai-kasama-37194 TrendKia — Har trend, sabse pehle.