# राजस्थान में कांग्रेस को झटका, पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने दिया पार्टी से इस्तीफा

> राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में नया भूचाल आ गया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-congress-ko-jhataka-purva-kaibineta-mntri-vishvendra-singh-ne-diya-parti-se-istipha-41647 · **Language:** Hindi
**Tags:** विश्वेंद्र सिंह, राजस्थान राजनीति, कांग्रेस, गोविंद सिंह डोटासरा, जयपुर, राजस्थान समाचार

राजस्थान के सियासी हलकों में शुक्रवार को उस समय बड़ी हलचल मच गई, जब राज्य सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह के कांग्रेस छोड़ने का मामला सामने आया। पिछले काफी समय से संगठन के कामकाज और फैसलों को लेकर चल रहा उनका असंतोष आखिरकार इस कठोर निर्णय के रूप में परिणित हुआ है। इस कदम ने मुख्य विपक्षी दल के भीतर आंतरिक खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

## प्रदेश नेतृत्व पर लगाए थे गंभीर आरोप
इस बड़े घटनाक्रम से ठीक पहले विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा चयन और अध्यापक पात्रता परीक्षा भर्ती में हुई गड़बड़ियों को लेकर सीधे नेतृत्व की भूमिका पर उंगलियां उठाई थीं। उनका स्पष्ट तौर पर कहना था कि पार्टी आलाकमान को ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।

## संगठन की प्रतिक्रिया और भावी रणनीति
विश्वेंद्र सिंह के इस कड़े रुख के बाद पार्टी के भीतर बैठकों और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से अभी तक इस इस्तीफे पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य के प्रमुख क्षेत्रीय समीकरणों में मजबूत पकड़ रखने वाले इस कद्दावर नेता के अलग होने से संगठन को आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर खासी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

## इसका आप पर असर
इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर राजस्थान के स्थानीय शक्ति समीकरणों और आम मतदाताओं पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य विपक्षी दल के भीतर चल रही गुटबाजी एक बार फिर उजागर हुई है। इससे विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन के भीतर अनुशासन और समन्वय को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
- **राजस्थान में:** पूर्वी राजस्थान के इलाकों में स्थानीय राजनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव आ सकता है। पूर्व मंत्री से जुड़े समर्थक और स्थानीय कार्यकर्ता आने वाले चुनावों में नए राजनीतिक विकल्पों की तलाश कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम पूर्व मंत्री और पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व के बीच लंबे समय से सुलग रहे तीखे गतिरोध का परिणाम है।

- **सीधा कारण:** पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह की प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ सीधी तनातनी चल रही थी। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं और प्रशासनिक चयनों में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए नेतृत्व पर सीधा हमला बोला था।
- **पृष्ठभूमि:** राज्य कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी और सत्ता संतुलन को लेकर पहले भी टकराव के कई दौर देखे जा चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर लंबे समय से असंतोष पनप रहा था।
- **आगे की संभावना:** इस घटना के बाद संगठन में अन्य असंतुष्ट नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पार्टी आलाकमान राज्य इकाई में संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए नए समीकरण साधने की कोशिश कर सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. विश्वेंद्र सिंह ने किस पद और दल से इस्तीफा दिया है?
विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से अपना इस्तीफा दिया है, जहां वे पहले कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।

### 2. इस्तीफे से पहले उन्होंने किस नेता पर गंभीर आरोप लगाए थे?
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाते हुए आलाकमान से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी।

### 3. विश्वेंद्र सिंह ने किन प्रमुख मुद्दों को लेकर सवाल उठाए थे?
उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा चयन और अध्यापक पात्रता परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए थे।

### 4. क्या प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस इस्तीफे पर आधिकारिक बयान दिया है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से अभी तक इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि जारी नहीं की गई है।

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