# राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नाले में गिरी मिनीबस, 6 यात्रियों की मौत

> राजस्थान में कोटा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 25 सवारियों से भरी मिनीबस अनियंत्रित होकर 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और रेस्क्यू अभियान जारी है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-delhi-mumbai-expressway-para-nale-men-giri-minibasa-6-yatriyon-ki-mauta-48522 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोटा सड़क हादसा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, राजस्थान दुर्घटना, मिनीबस नाले में गिरी, कराड़िया हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन

राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहां कराड़िया के समीप यात्रियों से खचाखच भरी एक मिनीबस बेकाबू होकर मुख्य सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। यह मिनीबस एक्सप्रेसवे के किनारे बने लगभग 15 फीट गहरे नाले में गिरी, जिसके चलते कई लोग मलबे और दलदल के बीच दब गए। प्रारंभिक तौर पर सामने आई जानकारियों में 6 यात्रियों की जान जाने की बात कही गई है, जबकि मौके पर राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है।

## 15 फीट गहरे नाले में गिरी 25 सवारियों से भरी बस
दुर्घटनाग्रस्त वाहन में लगभग 25 लोग यात्रा कर रहे थे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कराड़िया खंड से गुजरते समय मिनीबस ने एकाएक अपना संतुलन खो दिया और तीव्र गति से डिवाइडर व किनारों को लांघते हुए 15 फीट नीचे गहरे नाले में पलट गई। झटका इतना भीषण था कि अंदर बैठे अधिकांश यात्री अपनी सीटों से उखड़कर वाहन के ढाँचे में बुरी तरह फंस गए। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और एक्सप्रेसवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालक मदद के लिए तुरंत दौड़े और स्थानीय स्तर पर सूचना प्रशासन को दी गई।

## कीचड़ और पानी के बीच क्रेन से राहत कार्य
घटना की सूचना प्रसारित होते ही आपातकालीन राहत दल और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। जिस जगह मिनीबस गिरी, वहां नाले के भीतर भारी मात्रा में पानी और कीचड़ जमा था, जिसने शुरुआती रेस्क्यू अभियान को बेहद जटिल बना दिया। दलदल भरे हालात की वजह से बचावकर्मी सीधे तौर पर क्षतिग्रस्त वाहन के मुख्य हिस्सों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इसके बाद भारी मशीनों और क्रेन को मौके पर मंगाया गया, ताकि पलटे हुए ढांचे को सीधा किया जा सके और फंसे हुए घायलों को बिना अतिरिक्त चोट पहुंचाए बाहर निकाला जा सके।

## घायलों को अस्पताल भेजने और आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया
इस हादसे में 6 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस आंकड़े की अंतिम और आधिकारिक पुष्टि रेस्क्यू अभियान की समाप्ति के बाद ही की जाएगी। मौके पर मौजूद टीमों की पहली प्राथमिकता बस के भीतर फंसे एक-एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकालना और गंभीर रूप से घायल लोगों को फौरन नजदीकी चिकित्सालयों में पहुंचाना है। दुर्घटना किन तकनीकी कारणों अथवा मानवीय चूक से हुई, इसको लेकर जांच प्रक्रिया पूरी होने तथा प्रशासन के औपचारिक वक्तव्य के बाद ही पूर्ण विवरण सामने आ सकेगा।

## इसका आप पर असर
यह सड़क दुर्घटना एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले मुसाफिरों की सुरक्षा और स्थानीय यातायात व्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।

- **भारत में:** द्रुतगामी एक्सप्रेसवे मार्गों पर तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण को लेकर मुसाफिरों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले निजी अथवा व्यावसायिक वाहनों के चालकों को नियमित विश्राम और गति सीमा का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
- **कोटा और राजस्थान में:** दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कराड़िया खंड के आसपास राहत कार्य और क्रेन की आवाजाही के चलते स्थानीय यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रह सकता है। आसपास के अस्पतालों में आपातकालीन वार्ड सक्रिय किए गए हैं ताकि दुर्घटना के घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
- **सड़क यात्रियों के लिए:** एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय सीट बेल्ट बांधना और अप्रत्याशित मोड़ों या ढलानों पर गति धीमी रखना बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे हेल्पडेस्क और राहत टीमों से तुरंत संपर्क साधना चाहिए।
- **सवारी बस ऑपरेटरों के लिए:** मिनीबस और यात्री वाहनों के संचालकों को वाहनों के फिटनेस और ब्रेक सिस्टम की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित करनी होगी। चालकों की सतर्कता और ओवरलोडिंग पर सख्त निगरानी से ऐसे जानलेवा हादसों को टाला जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुर्घटना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया के पास मिनीबस के अचानक संतुलन खो देने और सड़क से फिसलकर गहरे नाले में जा गिरने के कारण हुई।

- **वाहन का अनियंत्रित होना:** तेज रफ्तार अथवा तकनीकी खराबी के चलते चालक ने मिनीबस से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण गाड़ी सीधे सड़क से उतर गई। इसके चलते बस किनारे की सुरक्षा सीमाओं को पार करते हुए सीधे खाई की ओर चली गई।
- **गहरे नाले की मौजूदगी:** एक्सप्रेसवे के समानांतर बना करीब 15 फीट गहरा नाला हादसे की गंभीरता का मुख्य कारण बना। गाड़ी सीधे उस गड्ढे में जा गिरी, जिससे अंदर बैठे यात्रियों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
- **कीचड़ और जलभराव की स्थिति:** नाले में भरा पानी और गहरा दलदल बचाव कार्यों में बड़ी रुकावट बना। इस वजह से घायलों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया और क्रेन की सहायता लेनी पड़ी।
- **आधिकारिक जांच जारी:** दुर्घटना के सटीक कारणों, जैसे चालक को झपकी आना अथवा यांत्रिक विफलता, पर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं आया है। प्रशासन द्वारा जांच पूरी होने और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. यह सड़क दुर्घटना कहां और किस मार्ग पर हुई?
यह हादसा राजस्थान में कोटा के निकट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया क्षेत्र के पास हुआ।

### 2. मिनीबस में कुल कितने लोग सवार थे?
हादसे के समय मिनीबस में करीब 25 यात्री सवार बताए जा रहे हैं।

### 3. इस दुर्घटना में कितने लोगों की मौत की बात सामने आई है?
प्रारंभिक सूचना के अनुसार हादसे में 6 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, हालांकि प्रशासनिक पुष्टि अभी बाकी है।

### 4. बस कितनी गहराई में गिरी थी?
मिनीबस एक्सप्रेसवे से अनियंत्रित होकर नीचे बने लगभग 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी।

### 5. राहत एवं बचाव कार्य में किस तरह की परेशानियां आईं?
नाले में अत्यधिक कीचड़ और पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू टीम को घायलों तक पहुंचने में दिक्कतें आईं, जिसके लिए क्रेन बुलानी पड़ी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._