राजस्थान में धनतेरस के चलते बदला पंचायत चुनाव कार्यक्रम, राज्य निर्वाचन आयोग ने तीन चरणों की नई तिथियां कीं तय राजस्थान में धनतेरस पर्व को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज चुनाव के शुरुआती तीन चरणों की मतदान और पोलिंग पार्टियों के रवाना होने की तिथियों में संशोधन किया है। राजस्थान में होने वाले पंचायती राज चुनावों की तिथियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अहम फैसला लिया है। धनतेरस पर्व के दौरान मतदाताओं और चुनाव कर्मियों की सुविधा, धार्मिक आस्था और आम जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पंचायत चुनाव के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के कार्यक्रम में आंशिक फेरबदल किया है। इस नए आदेश के तहत तीनों चरणों में मुख्य रूप से पोलिंग पार्टियों के रवाना होने और जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के मतदान से संबंधित तारीखों को आगे खिसकाया गया है, जबकि बाकी चुनाव प्रक्रिया अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही पूरी होगी। पहले चरण का नया चुनावी कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग के नए आदेश के अनुसार, प्रथम चरण के चुनाव के लिए तैनात की जाने वाली पोलिंग पार्टियों की रवानगी और उनके गंतव्य तक पहुंचने का कार्य अब 21 अक्टूबर 2026 को पूरा किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 22 अक्टूबर को मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इस चरण के तहत ग्रामीण स्तर पर पंच और सरपंच पदों के लिए उम्मीदवारी का पर्चा भरने यानी नामांकन की तिथि 23 अक्टूबर तय की गई है। इसके बाद 24 अक्टूबर को पंच और सरपंच पदों के लिए वोट डाले जाएंगे, जबकि 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव संपन्न कराया जाएगा। दूसरे चरण के मतदान और नामांकन की समय-सारणी द्वितीय चरण के चुनावी प्रबंधों में भी इसी क्रम में बदलाव देखने को मिला है। इस चरण के लिए पोलिंग दलों को 27 अक्टूबर को रवाना किया जाएगा और वे उसी दिन संबंधित मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे। इसके बाद 28 अक्टूबर को जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान संपन्न होगा। स्थानीय स्तर पर पंच और सरपंच पदों के लिए इच्छुक उम्मीदवार 29 अक्टूबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 अक्टूबर को पंच और सरपंच के लिए वोटिंग कराई जाएगी। इस चरण में उपसरपंच पद का चुनाव 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। तीसरे चरण की तिथियों में फेरबदल और उपसरपंच चुनाव तीसरे चरण के अंतर्गत पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान और मतदान केंद्रों पर पहुंच अब 2 नवंबर को सुनिश्चित की जाएगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चयन के लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 4 नवंबर को रखी गई है, जबकि इन दोनों पदों के लिए मतदान 5 नवंबर को होगा। तीसरे चरण में वार्ड पंचों की सहायता से उपसरपंच का अप्रत्यक्ष चुनाव 6 नवंबर को पूर्वाह्न में संपन्न कराया जाएगा। त्योहार के मद्देनजर लिया गया फैसला, बाकी व्यवस्थाएं यथावत राज्य निर्वाचन आयुक्त राजस्थान की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों में साफ किया गया है कि यह संशोधन केवल धनतेरस पर्व के कारण जनभावनाओं और धार्मिक महत्व के सम्मान स्वरूप किया गया है। आयोग ने यह भी दोहराया है कि केवल जिन विशिष्ट तिथियों को संशोधित किया गया है, उनके अतिरिक्त पंचायती राज चुनावों का पूर्व में घोषित बाकी पूरा कार्यक्रम पूरी तरह यथावत बना रहेगा। इस निर्णय से चुनावी ड्यूटी में तैनात होने वाले कर्मचारियों और त्योहार मनाने वाले ग्रामीण मतदाताओं दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। इसका आप पर असर इस संशोधित कार्यक्रम से राजस्थान के ग्रामीण मतदाताओं और चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को त्योहार के समय सीधी सहूलियत मिलेगी। • राजस्थान में: पहले तीन चरणों के मतदान और नामांकन की तिथियां आगे खिसक गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं और उम्मीदवारों को अब नई तिथियों के अनुसार अपनी चुनावी भागीदारी की तैयारी करनी होगी। • चुनावी कर्मचारियों के लिए: पोलिंग पार्टियों की रवानगी 21 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और 2 नवंबर को तय की गई है। ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर पहुंचने के लिए बदले हुए रोस्टर का पालन करना होगा। • उम्मीदवारों के लिए: पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन अब 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर और 4 नवंबर को होंगे। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को अपने कागजात नए तय दिन पर ही जमा कराने होंगे। • दैनिक जीवन पर असर: धनतेरस के त्योहार पर मतदान की व्यस्तता का सीधा टकराव टल गया है। ग्रामीण परिवारों को त्योहार मनाने और खरीदारी करने में रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस त्योहार के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में जनभावनाओं और धार्मिक महत्व का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया है। • त्योहार का टकराव: मूल चुनावी तिथियों का सीधा टकराव धनतेरस की खरीदारी और धार्मिक आयोजनों से हो रहा था। आयोग ने लोगों की सहूलियत को देखते हुए तारीखों को आगे खिसकाने का निर्णय लिया। • प्रशासनिक और जनसुविधा: त्योहार के दिन मतदान कराने से वोटिंग प्रतिशत प्रभावित होने और व्यवस्थाओं में परेशानी आने की आशंका थी। संशोधन के जरिए मतदाताओं और पोलिंग दलों दोनों को समय दिया गया है। • आधिकारिक आदेश: राज्य निर्वाचन आयुक्त राजस्थान ने औपचारिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि केवल तीन चरणों की तिथियां बदली गई हैं। बाकी पूरी चुनावी प्रक्रिया पहले से तय नियमों के अनुसार ही जारी रहेगी। सवाल-जवाब 1. राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों में बदलाव क्यों किया गया? धनतेरस पर्व को देखते हुए धार्मिक आस्था और जन भावनाओं के सम्मान में राज्य निर्वाचन आयोग ने यह संशोधन किया है। 2. पहले चरण में मतदान और नामांकन कब कराया जाएगा? पहले चरण में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों का मतदान 22 अक्टूबर को होगा, जबकि पंच-सरपंच का नामांकन 23 अक्टूबर और मतदान 24 अक्टूबर को होगा। 3. दूसरे चरण के तहत मतदान कब होगा? दूसरे चरण में जिला परिषद व पंचायत समिति के लिए 28 अक्टूबर और पंच-सरपंच पदों के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी। 4. तीसरे चरण में उपसरपंच का चुनाव किस दिन और किस समय होगा? तीसरे चरण में उपसरपंच का अप्रत्यक्ष चुनाव 6 नवंबर को पूर्वाह्न में संपन्न कराया जाएगा। 5. क्या पूरा चुनाव कार्यक्रम बदल दिया गया है? नहीं, आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण की संशोधित तिथियों को छोड़कर बाकी चुनावी कार्यक्रम यथावत रहेगा। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-dhanteras-ke-chalate-badala-pnchayata-chunava-karyakrama-state-election-commission-ne-tina-charanon-ki-nai-tithiyan--43663 TrendKia — Har trend, sabse pehle.