# राजस्थान में होमगार्ड भर्ती फर्जीवाड़ा उजागर, जाली सर्टिफिकेट लगाकर मेरिट में पहुंचे 17 अभ्यर्थियों पर केस

> बाड़मेर में सीमा गृह रक्षा दल भर्ती 2022 के दौरान बोनस अंकों के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने वाले 17 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है। गहन सत्यापन में खेलकूद, कंप्यूटर, स्काउट, आईटीआई और जाति प्रमाण पत्र नकली साबित हुए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-home-guard-bharti-pharjivara-ujagara-jali-sartiphiketa-lagakara-merita-men-pahunche-17-abhyarthiyon-para-kesa-42626 · **Language:** Hindi
**Tags:** बाड़मेर, होमगार्ड भर्ती, राजस्थान पुलिस, फर्जी दस्तावेज, सीमा गृह रक्षा दल, सरकारी नौकरी

राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में होमगार्ड स्वयंसेवक भर्ती प्रक्रिया के दौरान जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी पद हथियाने की बड़ी साजिश पकड़ी गई है। सीमा गृह रक्षा दल बाड़मेर द्वारा आयोजित इस भर्ती में मेरिट सूची में आगे निकलने के मकसद से कई उम्मीदवारों ने खेल, कंप्यूटर, स्काउट और तकनीकी दक्षता के फर्जी प्रमाण पत्र जमा कराए थे। विभाग द्वारा संबंधित संस्थानों से कराए गए गहन सत्यापन के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े की सच्चाई सामने आई। इसके बाद विभाग के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी दीपसिंह ने बाड़मेर शहर के कोतवाली थाने में 17 नामजद अभ्यर्थियों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

## लिखित परीक्षा न होने का उठाया अनुचित फायदा
सीमा गृह रक्षा दल 2022 भर्ती अभियान की रूपरेखा में कोई पारंपरिक लिखित परीक्षा शामिल नहीं थी। पूरी चयन प्रक्रिया केवल शारीरिक दक्षता परीक्षा और विभिन्न विशेष योग्यताओं के आधार पर मिलने वाले बोनस अंकों पर टिकी थी। इसी नियम का गलत फायदा उठाते हुए इन 17 अभ्यर्थियों ने चयन सूची में अपना स्थान पक्का करने के लिए जाली खेलकूद, स्काउट गाइड, आईटीआई और कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दाखिल कर दिए। चयन के प्रारंभिक दौर में इन कागजातों के आधार पर अभ्यर्थियों को बोनस अंक मिल भी गए और वे अंतिम दौड़ में आगे निकल गए। हालांकि अंतिम चयन से पहले विभाग ने जब इन सभी प्रमाणपत्रों की संबंधित प्रमाणन संस्थाओं, खेल संघों और प्रशिक्षण केंद्रों से क्रॉस चेकिंग करवाई, तो सभी 17 अभ्यर्थियों के दस्तावेज पूरी तरह से जाली साबित हुए।

## आरक्षण का लाभ पाने के लिए जाति प्रमाण पत्र भी बदला
होमगार्ड कमांडेंट महेंद्र सिंह के अनुसार, जब शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई, तो खेलकूद, कंप्यूटर और तकनीकी प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े के साथ एक और गंभीर धोखाधड़ी सामने आई। एक अभ्यर्थी ने भर्ती नियमों के तहत आरक्षण का नाजायज फायदा उठाने के लिए अपनी जाति का झूठा प्रमाण पत्र पेश किया था। आधिकारिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह अभ्यर्थी वास्तव में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से संबंधित था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में सीट या कटऑफ का अनुचित लाभ लेने के लिए उसने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग का जाली जाति प्रमाण पत्र बनाकर पेश कर दिया था।

## नकली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस
कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि विभाग की लिखित रिपोर्ट मिलते ही संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। चूंकि भर्ती प्रक्रिया में मेरिट पूरी तरह अतिरिक्त प्रमाणपत्रों के अंकों पर निर्भर थी, इसलिए अभ्यर्थियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा कर योग्यता सूची में प्रवेश की कोशिश की। अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इन अभ्यर्थियों ने ये जाली सर्टिफिकेट किन कंप्यूटर सेंटरों, दलालों या संगठित गिरोह से बनवाए थे। पुलिस का उद्देश्य इन 17 अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए उन मुख्य सरगनाओं और बिचौलियों तक पहुंचना है जो सरकारी नौकरियों के लिए जाली प्रमाण पत्र तैयार करने का अवैध धंधा चलाते हैं। इस कड़ी कार्रवाई के बाद भर्ती प्रक्रिया में अनुचित हथकंडे अपनाने वाले अन्य संदिग्धों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

## इसका आप पर असर
सरकारी नौकरियों में जाली प्रमाणपत्रों पर सख्त पुलिस कार्रवाई से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और ईमानदार अभ्यर्थियों के अवसर सुरक्षित होंगे।

- **राजस्थान में अभ्यर्थियों पर प्रभाव:** भर्ती प्रक्रियाओं में खेलकूद, कंप्यूटर, तकनीकी और श्रेणी प्रमाणपत्रों की अब त्रिस्तरीय संस्थागत जांच अनिवार्य की जाएगी। गलत दस्तावेज पेश करने वाले उम्मीदवारों को भर्ती से बाहर करने के साथ सीधे आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ेगा।
- **पूरे देश में प्रतियोगी छात्रों के लिए:** बिना लिखित परीक्षा वाली सीधी भर्तियों में बोनस अंकों के नियमों पर सत्यापन के कड़े प्रोटोकॉल लागू होंगे। योग्य और वास्तविक प्रमाण पत्र रखने वाले मेहनती युवाओं को मेरिट सूची में उनका वास्तविक हक मिल सकेगा।
- **फर्जी प्रमाण पत्र गिरोहों पर नकेल:** गैरकानूनी तरीके से पैसे लेकर खेल और तकनीकी सर्टिफिकेट जारी करने वाले जाली केंद्रों और बिचौलियों पर कानूनी शिकंजा कसेगा। अभ्यर्थियों को दलालों के बहकावे में आकर पैसे गंवाने और करियर बर्बाद करने से बचने की सख्त चेतावनी मिलेगी।
- **आरक्षण नियमों की पारदर्शिता:** जाति प्रमाणपत्रों के डिजिटल सत्यापन से आरक्षित वर्गों के भीतर होने वाली धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। वास्तविक आरक्षित वर्ग के पात्र उम्मीदवारों को उनके वैध संवैधानिक अधिकारों का पूरा लाभ मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
बाड़मेर होमगार्ड भर्ती 2022 में लिखित परीक्षा का प्रावधान न होने और केवल बोनस अंकों पर मेरिट तय होने के कारण अभ्यर्थियों ने फर्जी सर्टिफिकेट का रास्ता चुना।

- **बिना लिखित परीक्षा का चयन प्रारूप:** भर्ती नियमावली में केवल शारीरिक परीक्षा और विशेष योग्यताओं (खेलकूद, स्काउट, कंप्यूटर, आईटीआई) के बोनस अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट निर्धारित की गई थी। अधिक अंक हासिल करने की होड़ ने उम्मीदवारों को अवैध रास्तों की ओर धकेला।
- **अंतिम चयन से पूर्व संस्थागत जांच:** विभाग ने अंतिम सूची जारी करने से पहले सभी प्रमाण पत्रों की संबंधित बोर्डों और खेल संस्थाओं से औपचारिक पुष्टि कराई। इस क्रॉस चेकिंग के दौरान 17 उम्मीदवारों के दस्तावेज रिकॉर्ड में कहीं दर्ज नहीं मिले।
- **आरक्षण कटऑफ का अनुचित लाभ:** एक अभ्यर्थी ने एसटी वर्ग से आने के बावजूद अधिक अनुकूल मेरिट स्थिति पाने के लिए एससी वर्ग का नकली प्रमाण पत्र बनवाकर जमा कराया। जांच अधिकारियों द्वारा मूल राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल में यह गड़बड़ी पकड़ में आई।
- **कानूनी कार्रवाई और गिरोह की पड़ताल:** विभाग के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी द्वारा कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपियों और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. बाड़मेर होमगार्ड भर्ती में कितने अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है?
सीमा गृह रक्षा दल बाड़मेर की शिकायत पर कुल 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ कोतवाली थाने में नामजद केस दर्ज किया गया है।

### 2. अभ्यर्थियों ने किन योग्यताओं के फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे?
अभ्यर्थियों ने बोनस अंक पाने के लिए खेलकूद, स्काउट, आईटीआई और कंप्यूटर प्रशिक्षण के जाली दस्तावेज जमा किए थे।

### 3. जाति प्रमाण पत्र को लेकर क्या गड़बड़ी सामने आई?
एक अभ्यर्थी मूल रूप से अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग का था, लेकिन अनुचित लाभ के लिए उसने अनुसूचित जाति (एससी) का फर्जी सर्टिफिकेट लगाया था।

### 4. अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेजों का सहारा क्यों लिया?
इस भर्ती में लिखित परीक्षा नहीं थी और चयन केवल शारीरिक दक्षता व प्रमाण पत्रों के बोनस अंकों पर निर्भर था, इसलिए मेरिट में आने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया।

### 5. पुलिस अब इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
कोतवाली पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उन दलालों व गिरोह का पता लगाने में जुटी है जिन्होंने ये जाली प्रमाण पत्र तैयार किए थे।

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