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  "type": "article",
  "title": "राजस्थान में खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, अस्पतालों की कैंटीन में मिलीं एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और नदारद मिले डॉक्टर",
  "summary": "राजस्थान के दौसा और धौलपुर में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल कैंटीन व कैफे से मियाद खत्म हो चुकी कोल्ड ड्रिंक नष्ट कराई और बिना पंजीकरण चल रहे क्लिनिकों को नोटिस थमाए।",
  "content": "राजस्थान के विभिन्न जिलों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में मानकों की घोर अनदेखी के खिलाफ प्रशासनिक शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। दौसा और धौलपुर में चलाए गए विशेष जांच अभियानों के दौरान गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई हैं। जहां दौसा के बांदीकुई में मरीजों और तीमारदारों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए अस्पताल की कैंटीन में भारी मात्रा में समयसीमा पार कर चुके पेय पदार्थ मिले, वहीं धौलपुर में कई निजी अस्पतालों से ऑन-ड्यूटी चिकित्सक ही नदारद पाए गए। इसके अलावा बिना वैध कागजात और पंजीकरण के चल रहे चिकित्सा क्लिनिकों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया है।\n\nबांदीकुई में अस्पताल कैंटीन और कैफे से एक्सपायरी पेय पदार्थ जब्त\nदौसा जिले के बांदीकुई कस्बे में राज्य सरकार के शुद्ध आहार मिलावट पर वार विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र एक निजी अस्पताल का परिसर रहा, जहां संचालित कैंटीन का बारीकी से मुआयना किया गया। जांच दल को परिसर के भीतर बेहद असंतोषजनक और दूषित माहौल देखने को मिला, जहां साफ-सफाई के निर्धारित नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया गया था। इससे भी अधिक चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि कैंटीन में बिक्री के लिए रखी गई कोल्ड ड्रिंक की बड़ी खेप अपनी समाप्ति तिथि (एक्सपायरी डेट) पार कर चुकी थी।\n\nखाद्य सुरक्षा दल ने बिना किसी देरी के मौके पर ही तमाम एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बोतलों को तुरंत नष्ट करवा दिया ताकि कोई भी मरीज या आगंतुक उनका सेवन न कर सके। इसके साथ ही कैंटीन संचालक को व्यवस्थाओं में फौरन बदलाव करने के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। दल ने कैंटीन प्रबंधन को परिसर में हाइजीन दुरुस्त करने और कमियों को अविलंब दूर करने की सख्त हिदायत दी। इसी कार्रवाई की अगली कड़ी में टीम ने बांदीकुई स्थित कैफे कॉफी कैफे पर भी दस्तक दी। इस कैफे में भी फ्रीज और काउंटर पर मियाद पार कोल्ड ड्रिंक बरामद हुईं, जिन्हें मौके पर ही विनिष्ट करवा दिया गया और संचालक को सुधार का वैधानिक नोटिस थमाया गया। विभाग का यह सघन अभियान 30 सितंबर तक अनवरत चलेगा, जिसके तहत खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमों की पूर्ण पालना पर नजर रखी जा रही है।\n\nधौलपुर में सीएमएचओ का औचक दौरा, दो अस्पतालों में नहीं मिले ऑन-ड्यूटी डॉक्टर\nउधर धौलपुर जिले में निजी चिकित्सा व्यवस्था की बदहाली पर जिला कलक्टर के निर्देश के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. धर्मसिंह मीणा ने विभिन्न निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों का औचक मुआयना किया। इस गहन निरीक्षण के दौरान जब प्रशासनिक दल मेट्रो हॉस्पिटल और श्रीजी हॉस्पिटल पहुंचा, तो वहां आपातकालीन व नियमित सेवाओं के लिए तैनात रहने वाले ड्यूटी डॉक्टर अपनी सीटों से पूरी तरह गायब मिले। अस्पताल प्रबंधन ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों की गैरमौजूदगी पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिस पर दोनों चिकित्सालयों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए।\n\nनिरीक्षण के दौरान डॉ. धर्मसिंह मीणा ने दो-टूक शब्दों में कहा कि निजी चिकित्सा संस्थानों का प्रथम कर्तव्य मरीजों को सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय उपचार मुहैया कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि जीवन रक्षा के नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय मानकों का उल्लंघन जारी रहा, तो भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिसमें अस्पताल परिसर को मौके पर ही सीज करने की कार्रवाई भी शामिल है।\n\nबिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे दो क्लिनिक, तीन दिन का अल्टीमेटम\nधौलपुर में स्वास्थ्य विभाग की इस जांच पड़ताल के दौरान नीम-हकीमी और अवैध संचालन के मामले भी सामने आए। ओंडेला रोड पर संचालित श्री राम क्लिनिक तथा सुआ का बाग इलाके में चल रहे जेएस क्लिनिक के पास संचालन से जुड़े वैध पंजीकरण दस्तावेज नहीं पाए गए। दोनों ही संस्थान बिना किसी कानूनी मान्यता के मरीजों का इलाज कर रहे थे। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने दोनों क्लिनिक संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे तीन दिन की समयसीमा के भीतर पंजीकरण की पूरी कानूनी प्रक्रिया संपन्न कराएं, अन्यथा उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।\n\nअधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपचार से संबंधित सभी जरूरी चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। इसके अलावा निरीक्षण दल ने मैक्स हॉस्पिटल, बघेला हॉस्पिटल, श्री कृष्णा हॉस्पिटल और बालाजी पैथोलॉजी सेंटर का भी सघन निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि निजी चिकित्सालयों और जांच लैब्स में नियमित जांच का यह सिलसिला आगे भी निरंतर बना रहेगा। एक तरफ जहां बांदीकुई में दूषित खानपान पर लगाम कसी जा रही है, वहीं धौलपुर में गैर-जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवाओं पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि आमजन को शुद्ध भोजन और सुरक्षित चिकित्सा अधिकार के रूप में मिल सके।\n\nइसका आप पर असर\nअस्पताल परिसरों और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में इस प्रशासनिक कार्रवाई से आम लोगों के लिए बुनियादी खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार होगा।\n\n• भारत में: यह अभियान देशभर के नागरिकों को अस्पताल की कैंटीन या कैफे में पैक्ड उत्पाद खरीदते समय एक्सपायरी डेट स्वयं जांचने के प्रति जागरूक करता है। स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा के नियमों की निगरानी से निजी संस्थानों में जवाबदेही बढ़ती है।\n• राजस्थान में: दौसा और धौलपुर के स्थानीय निवासियों को अब निजी अस्पतालों में ड्यूटी डॉक्टरों की मौजूदगी और अधिक स्वच्छ भोजन मिलने की संभावना बढ़ेगी। मरीज और उनके परिजन किसी भी क्लिनिक में उपचार कराने से पहले उसके आधिकारिक पंजीकरण और डॉक्टर की योग्यता की पुष्टि कर सकते हैं।\n• अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए: भर्ती या परामर्श के लिए आने वाले लोगों को बासी व एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के कारण होने वाले फूड पॉइजनिंग से बचाव मिलेगा। परिजनों को कैंटीन की स्वच्छता पर संदेह होने पर तुरंत अस्पताल प्रबंधन या खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत करनी चाहिए।\n• क्लिनिक संचालकों के लिए: बिना रजिस्ट्रेशन चिकित्सा सेवाएं दे रहे संचालकों को तीन दिनों के अंदर औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। नियमों का पालन न करने पर संस्थानों के सीज होने और कानूनी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह प्रशासनिक कार्रवाई निजी चिकित्सा केंद्रों में बुनियादी स्वास्थ्य नियमों के उल्लंघन और असुरक्षित खाद्य सामग्री परोसे जाने की शिकायतों के बाद की गई। जिला स्तर पर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण दल गठित किए गए।\n\n• सीधा कारण: दौसा के बांदीकुई में अस्पताल कैंटीन और कैफे में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक मिलने तथा धौलपुर के अस्पतालों में रोस्टर के अनुसार ड्यूटी डॉक्टर मौजूद न होने के कारण यह कार्रवाई हुई। साथ ही दो क्लिनिक बिना किसी आधिकारिक पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहे थे।\n• पृष्ठभूमि व परिस्थितियां: राजस्थान में शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत 30 सितंबर तक विशेष खाद्य सुरक्षा जांच चल रही है, जबकि धौलपुर में जिला कलक्टर ने निजी अस्पतालों की व्यवस्थाएं परखने के सख्त निर्देश जारी किए थे। निगरानी की कमी के चलते निजी संस्थानों में स्वच्छता और अनिवार्य डॉक्टर उपस्थिति की उपेक्षा हो रही थी।\n• प्रशासनिक कदम: एक्सपायरी सामान को मौके पर नष्ट कर संबंधित कैंटीन व कैफे को इंप्रूवमेंट नोटिस थमाए गए, वहीं बिना डॉक्टर वाले अस्पतालों को नोटिस और बिना पंजीकरण वाले क्लिनिकों को तीन दिन में औपचारिकताएं पूरी करने का आदेश दिया गया। भविष्य में सुधार न होने पर प्रतिष्ठानों को सीज करने की चेतावनी दी गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दौसा के बांदीकुई में खाद्य सुरक्षा टीम को निरीक्षण के दौरान क्या मिला?\nबांदीकुई में एक निजी अस्पताल की कैंटीन और कैफे कॉफी कैफे में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक और गंदगी मिली।\n\n2. एक्सपायरी डेट की सामग्री मिलने पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?\nखाद्य सुरक्षा दल ने मियाद पार सभी कोल्ड ड्रिंक को मौके पर ही नष्ट करवाया और संचालकों को इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किए।\n\n3. धौलपुर के किन अस्पतालों में ड्यूटी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए?\nधौलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल और श्रीजी हॉस्पिटल के औचक निरीक्षण में ड्यूटी डॉक्टर उपस्थित नहीं मिले, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किया गया।\n\n4. धौलपुर में बिना पंजीकरण चल रहे क्लिनिकों को कितना समय दिया गया है?\nश्री राम क्लिनिक और जेएस क्लिनिक को वैध पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी गई है।\n\n5. राजस्थान में खाद्य सुरक्षा का यह विशेष अभियान कब तक संचालित होगा?\nखाद्य सुरक्षा विभाग का यह विशेष अभियान 30 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-29",
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    "खाद्य सुरक्षा",
    "राजस्थान समाचार",
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