# राजस्थान में मानसून विदाई के बीच भीषण लू जैसे हालात, पारा 43 डिग्री के पार पहुंचने से सूख रही फसलें

> राजस्थान में मानसून के लौटने के समय सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश के बीच तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-manasuna-vidai-ke-bicha-bhishana-lu-jaise-halata-para-43-digri-ke-para-pahunchane-se-sukha-rahi-phasalen-38378 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान मौसम, बाड़मेर तापमान, मानसून विदाई, जैसलमेर गर्मी, पश्चिमी विक्षोभ, सूखा राजस्थान

राजस्थान के मौसम में इस वर्ष असामान्य बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जहां वर्षा ऋतु के विदा होते समय भी प्रचंड गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। सामान्य तौर पर राज्य में अप्रैल से जून के महीनों के दौरान अत्यधिक गर्मी पड़ती है और सितंबर का महीना बीतने के साथ ही अक्टूबर में ठंड की आहट महसूस होने लगती है। पिछले वर्ष जहां पूरे राज्य में भारी वर्षा का एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ था, वहीं इस साल स्थिति पूरी तरह उलट गई है। संपूर्ण मानसून सत्र के दौरान राज्य में सामान्य की तुलना में लगभग 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। बादलों की बेरुखी और बारिश के अभाव के चलते सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी कई जिलों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

## पश्चिमी संभाग में 43 डिग्री पार पहुंचा पारा
रेगिस्तानी इलाकों में शुष्क मौसम के चलते तापमान सामान्य स्तर से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। गुरुवार को पश्चिमी संभाग में सबसे अधिक गर्मी बाड़मेर में दर्ज की गई, जहां अधिकतम पारा 43.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा जैसलमेर जिले में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोधपुर में पारा 41.7 डिग्री सेल्सियस, फलौदी में 41.4 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 41.6 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं पूर्वी संभाग के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा। सितंबर के आखिरी दिनों में इस तरह आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति ने लोगों को हैरान कर दिया है।

## अगले दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान के जिलों में अगले 2 से 3 दिन तक मौसम पूरी तरह शुष्क बने रहने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी आगामी 3 से 4 दिनों तक शुष्क मौसम का दौर जारी रहेगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में राहत की सीमित संभावना भी बनी हुई है। आगामी 27 से 29 सितंबर के दौरान भरतपुर, जयपुर संभाग और शेखावाटी के कुछ इलाकों में छिटपुट वर्षा देखने को मिल सकती है। इसके अतिरिक्त 28 और 29 सितंबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते बीकानेर संभाग में भी हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।

## फसलें सूखने से किसानों के सामने गहराया आर्थिक संकट
बारिश की भारी कमी ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य औसत तक भी नहीं पहुंच सका, जबकि केवल भरतपुर और झुंझुनूं जिले ही अच्छी बारिश दर्ज करने के मामले में सबसे आगे रहे। पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में किसानों को बादलों का लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं हुई। मानसून के शुरुआती चरण में हुई हल्की बारिश के बाद खेतों में बीजों का अंकुरण तो हो गया था, लेकिन उसके बाद लगातार सूखे और भीषण धूप के कारण खड़ी फसलें सूखकर दम तोड़ चुकी हैं। खेतों में हरियाली नष्ट होने से किसानों के सामने अब बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

## इसका आप पर असर
मानसून सत्र के दौरान 21 फीसदी कम बारिश और अत्यधिक तापमान के कारण राजस्थान के किसानों और आम जनता पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **भारत में:** दालों और तिलहन की फसलों पर असर पड़ने से आगामी महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अन्य राज्यों के व्यापारियों और कृषि बाजारों को राजस्थान से आने वाले उत्पादन में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
- **राजस्थान में:** पश्चिमी राजस्थान के किसानों की अंकुरित फसलें सूखने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनकी आय सीधे तौर पर प्रभावित होगी। आम नागरिकों को सितंबर के अंत में भी लू और भीषण गर्मी से बचाव के लिए दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना होगा।
- **आगामी दिनों में:** भरतपुर, जयपुर, शेखावाटी और बीकानेर संभाग के निवासियों को 27 से 29 सितंबर के दौरान हल्की वर्षा से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार अपनी बची हुई फसलों की सिंचाई और प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए।
- **दैनिक दिनचर्या पर:** बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे शहरों में दोपहर का तापमान 40 से 43 डिग्री के पार रहने से बिजली और पानी की खपत अधिक बनी रहेगी। लोगों को डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने और धूप के सीधे संपर्क से बचने की जरूरत है।

## ऐसा क्यों हुआ
राजस्थान में मानसून की विदाई के समय असामान्य गर्मी और सूखे के हालात कई मौसमी कारकों के कारण बने हैं। राज्य में मानसूनी हवाओं की विदाई के साथ आसमान पूरी तरह साफ होने और बादलों के अभाव के कारण धूप सीधे जमीन को तपा रही है।

- **वर्षा में भारी कमी:** पूरे मानसून सीजन के दौरान राजस्थान में सामान्य की तुलना में करीब 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। पर्याप्त नमी न होने के कारण जमीन में पानी का संचय नहीं हो पाया, जिससे शुष्कता बढ़ गई।
- **शुष्क पश्चिमी हवाएं:** मानसूनी बादलों की वापसी के साथ ही थार के रेगिस्तानी इलाके में शुष्क और गर्म हवाएं सक्रिय हो गई हैं। इसके चलते पश्चिमी संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक पहुंच गया।
- **सीमित मानसूनी सक्रियता:** इस सीजन में केवल भरतपुर और झुंझुनूं जिलों में ही संतोषजनक बारिश देखने को मिली। अधिकांश अन्य जिलों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहीं, जिससे फसलों को जरूरी नमी नहीं मिल सकी।
- **पश्चिमी विक्षोभ का इंतजार:** 28 और 29 सितंबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही बीकानेर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान में इस वर्ष मानसून के दौरान कितनी बारिश कम रही?
इस मानसून सत्र में राजस्थान में सामान्य से लगभग 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

### 2. पश्चिमी राजस्थान में सबसे ज्यादा तापमान किस जिले में दर्ज किया गया?
गुरुवार को पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में सर्वाधिक 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

### 3. राज्य में किन जिलों में बारिश का आंकड़ा सबसे अच्छा रहा?
इस वर्ष राजस्थान में केवल भरतपुर और झुंझुनूं जिले ही बारिश के मामले में सबसे आगे रहे।

### 4. किन क्षेत्रों में आगामी दिनों में बारिश होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार 27 से 29 सितंबर के बीच भरतपुर, जयपुर संभाग और शेखावाटी में तथा 28-29 सितंबर को बीकानेर संभाग में हल्की बारिश हो सकती है।

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