# राजस्थान में नशा तस्करों पर बड़ी चोट, पाँच अलग-अलग छापों में सवा आठ करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त

> एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ने राजस्थान के पाँच जिलों में व्यापक अभियान चलाकर 8 करोड़ 15 लाख रुपए के मादक पदार्थ पकड़े हैं। इस कार्रवाई के दौरान गांजे के 5200 पौधे नष्ट किए गए और अफीम, डोडा-पोस्त तथा गांजा तस्करी में शामिल कई आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-nasha-taskaron-para-bari-chota-pancha-alaga-alaga-chhapon-men-sava-atha-karora-ke-nashile-padartha-jabta-46543 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, अफीम जब्ती, गांजा तस्करी, डोडा पोस्त, विकास कुमार, जयपुर ग्रामीण, बाड़मेर क्राइम

राजस्थान के विभिन्न जिलों में अवैध नशीले पदार्थों के फैले जाल पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जोरदार प्रहार किया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस टीमों ने मिलकर प्रदेश भर में सुनियोजित छापेमारी अभियान चलाया। इस सघन कार्रवाई के दौरान अलग-अलग जिलों में तस्करी नेटवर्क को निशाना बनाते हुए भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिससे तस्कर गिरोहों के भीतर गहरा हड़कंप मच गया है।

## पाँच छापों में 8 करोड़ 15 लाख रुपए का माल बरामद
इस राज्यव्यापी अभियान का विवरण साझा करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार ने जानकारी दी कि टीमों ने अलग-अलग इलाकों में कुल पाँच बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया। इन सभी छापों के दौरान कुल मिलाकर लगभग 8 करोड़ 15 लाख रुपए मूल्य के अवैध नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सीमा के भीतर मादक द्रव्यों के गैरकानूनी कारोबार को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और तस्करों के खिलाफ यह दबाव आगे भी लगातार जारी रहेगा।

## गोविंदगढ़ में गांजे की खेती नष्ट, बाड़मेर में अफीम का दूध जब्त
अभियान के दौरान सबसे उल्लेखनीय कार्रवाइयों में से एक जयपुर ग्रामीण के गोविंदगढ़ क्षेत्र में सामने आई। वहाँ गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर बड़े पैमाने पर की जा रही गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश किया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गांजे के 5200 हरे पौधे कटवाकर पूरी तरह नष्ट करवाए।

इसी सिलसिले में पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में भी बड़ी सफलता हाथ लगी। वहाँ नागाणा थाना क्षेत्र के खावड़िया गाँव में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की चौकी और स्थानीय पुलिस ने मिलकर संयुक्त जाल बिछाया। इस तलाशी अभियान में 25 लाख रुपए मूल्य का 5.096 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध पकड़ा गया। इस मामले में पुलिस ने 41 वर्षीय आरोपी हरचंदराम जाट को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कानूनी प्रकरण दर्ज किया है।

## जालोर, सीकर और श्रीगंगानगर में भी तस्करों की धरपकड़
तस्करों के खिलाफ यह प्रहार केवल जयपुर और बाड़मेर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी छापेमारी की गई। जालोर जिले के बागोड़ा इलाके में पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए 45.062 किलोग्राम डोडा-पोस्त बरामद किया। इस अवैध खेप को ढोने के लिए इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी पुलिस ने कब्जे में लिया और मौके से दो आरोपियों को दबोच लिया।

वहीं सीकर जिले के नेछवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी करते हुए 5.120 किलोग्राम गांजा और परिवहन में लगी एक कार को जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अलावा सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर इलाके में भी पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया, जहाँ 238 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक तस्कर को सलाखों के पीछे भेजा गया।

## गिरोह की जड़ों तक पहुँचने के लिए जांच तेज
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस के इस साझा ऑपरेशन ने साबित किया है कि मादक पदार्थों की खेती और तस्करी पर रोक लगाने के लिए कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों के पुराने संपर्कों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है, ताकि पर्दे के पीछे छिपे इस अवैध व्यापार के मुख्य कर्ताधर्ताओं को भी कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

## इसका आप पर असर
राज्यव्यापी नशा विरोधी छापों से स्थानीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के आपूर्ति मार्गों पर नकेल कसने से सीमावर्ती और पड़ोसी राज्यों में अवैध खेप की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रहेगी। जांच एजेंसियों द्वारा बैकवर्ड लिंकेज खंगालने से दूसरे राज्यों के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
- **राजस्थान में:** जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर और श्रीगंगानगर जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस और टास्क फोर्स की चौकसी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर अवैध नशे की बिक्री घटेगी। ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से गांजे की खेती करने वालों और निजी वाहनों से खेप ढोने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का डर बनेगा।
- **नागरिकों और परिवारों के लिए:** युवाओं तक पहुँचने वाले हानिकारक मादक द्रव्यों की खेप बाजार से हटने से स्थानीय बस्तियों में अपराध और नशे की लत पर लगाम लगेगी। स्थानीय लोग अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों या अवैध खेती की जानकारी नजदीकी पुलिस चौकी या टास्क फोर्स को बिना संकोच दे सकते हैं।
- **कानूनी परिणामों के लिहाज से:** एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में वाहनों की जब्ती और भारी मात्रा में जब्ती के कारण आरोपियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और कठोर सजा का सामना करना पड़ेगा। वाणिज्यिक अथवा बड़ी मात्रा में पकड़े जाने पर जमानत मिलना भी बेहद कठिन हो जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बड़ा अभियान राज्य में मादक पदार्थों की खेती, अवैध परिवहन और संगठित तस्करी नेटवर्क की बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

- **सीधे इनपुट और खुफिया निगरानी:** एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को ग्रामीण क्षेत्रों में छिपाई गई खेती और निजी कारों के जरिए अफीम व डोडा-पोस्त ले जाने की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। सटीक सूचनाओं के आधार पर स्थानीय थानों को साथ लेकर एक साथ कई ठिकानों पर दबिश की योजना बनाई गई।
- **खेती और पारगमन मार्गों का जाल:** जयपुर ग्रामीण के इलाकों में खेत की आड़ में गांजा उगाने और पश्चिमी जिलों से अफीम व डोडा-पोस्त को शहरों की ओर खपाने की रणनीति तस्कर अपना रहे थे। इन पारगमन मार्गों को समय रहते ध्वस्त करना कानून व्यवस्था के लिए जरूरी हो गया था।
- **सख्त नशा विरोधी नीति:** राज्य में नशीले पदार्थों के कारोबार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है, जिसके तहत संगठित गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़ने का फैसला किया गया। बरामद माल का 8 करोड़ 15 लाख रुपए का भारी मूल्यांकन इसी सुनियोजित प्रहार का नतीजा है।
- **आगे की दिशा:** पकड़े गए तस्करों से पूछताछ के आधार पर इस अवैध कारोबार के वित्तपोषकों और थोक खरीदारों की पहचान की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की इस कार्रवाई में कुल कितने मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए?
इस पूरे अभियान के दौरान पाँच बड़ी कार्रवाइयों में लगभग 8 करोड़ 15 लाख रुपए मूल्य के अवैध नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।

### 2. जयपुर ग्रामीण के गोविंदगढ़ में टीम को क्या मिला?
गोविंदगढ़ इलाके में गांजे की अवैध खेती पकड़ी गई, जहाँ पुलिस ने गांजे के 5200 हरे पौधे मौके पर ही नष्ट करवाए।

### 3. बाड़मेर जिले में क्या बरामद हुआ और किसे गिरफ्तार किया गया?
बाड़मेर के खावड़िया गाँव से 25 लाख रुपए मूल्य का 5.096 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध बरामद किया गया और 41 वर्षीय हरचंदराम जाट को गिरफ्तार किया गया।

### 4. जालोर के बागोड़ा इलाके में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
बागोड़ा में पुलिस ने 45.062 किलोग्राम डोडा-पोस्त और तस्करी में इस्तेमाल हो रही एक कार जब्त कर दो आरोपियों को दबोचा।

### 5. सीकर और श्रीगंगानगर में किस तरह की बरामदगी हुई?
सीकर के नेछवा में 5.120 किलोग्राम गांजा और एक कार सहित एक आरोपी पकड़ा गया, जबकि श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में 238 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक तस्कर गिरफ्तार हुआ।

### 6. इस व्यापक अभियान का नेतृत्व किस अधिकारी के तहत हुआ?
इस पूरे अभियान की आधिकारिक जानकारी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार ने दी।

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