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  "type": "article",
  "title": "राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून, 12 सितंबर से राजधानी सहित कई इलाकों में तेज हवाओं और बौछारों के आसार",
  "summary": "बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 12 सितंबर से जयपुर, कोटा और उदयपुर सहित पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन की संभावना है।",
  "content": "राजस्थान में सुस्त पड़े मानसून के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। पिछले कुछ दिनों से जारी शुष्क मौसम और तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में बारिश की गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ने वाली हैं। बंगाल की खाड़ी के पास बनने वाले एक नए मौसमी तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के मौसम में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। 12 सितंबर से राज्य के एक बड़े हिस्से में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना जताई गई है।\n\nपूर्वी राजस्थान में बारिश की वापसी और नया कम दबाव का क्षेत्र\nमौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के प्रबल आसार हैं। इस नए तंत्र का सीधा असर भारत के मैदानी इलाकों के साथ-साथ राजस्थान के मौसम पर भी पड़ेगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र अब पूरी तरह से कमजोर पड़ चुका है और मानसून की ट्रफ रेखा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर दिशा की ओर खिसक गई है। फिलहाल राज्य के ज्यादातर इलाकों में पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, लेकिन 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने लगेंगी।\n\nजयपुर, दौसा और करौली में अलर्ट तथा तापमान का अनुमान\nराजधानी जयपुर और इसके आसपास स्थित दौसा तथा करौली जिलों के लिए मौसम विभाग ने 11 और 12 सितंबर के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जयपुर में आने वाले 24 घंटों के भीतर बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और मौसम में आंशिक परिवर्तन देखा जाएगा। 12 सितंबर से शहर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम श्रेणी की वर्षा हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। वर्षा और हवाओं के प्रभाव से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे पिछले कुछ समय से परेशान कर रही उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।\n\nकोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में येलो अलर्ट\nहाड़ौती और मेवाड़ क्षेत्र में भी बारिश का असर साफ दिखाई देगा। कोटा, झालावाड़, बूंदी और बारां जिलों में 11 सितंबर से ही आसमान में बिजली चमकने और बादलों की गर्जना की चेतावनी दी गई है। 12 सितंबर को कोटा तथा उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए सावधान रहने की हिदायत दी है। इन जिलों में वर्षा के समय 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और वज्रपात होने का जोखिम बना रहेगा।\n\nबीकानेर और जोधपुर समेत पश्चिमी जिलों का हाल\nथार के मरुस्थलीय इलाकों यानी पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में 11 सितंबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ बना रहेगा। हालांकि 12 सितंबर से हवा के रुख में बदलाव के साथ बीकानेर और जोधपुर संभाग में कहीं-कहीं बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की वर्षा की परिस्थितियां बन सकती हैं। इस दौरान दिन के समय हल्की उमस का अहसास होगा और तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन 12 सितंबर के बाद पश्चिमी इलाकों में भी बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं।\n\nइसका आप पर असर\nमौसम में इस बदलाव का सीधा प्रभाव राजस्थान के निवासियों की दिनचर्या और कृषि गतिविधियों पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में मानसूनी हवाएं फिर सक्रिय होने से फसलों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद सिद्ध होगी।\n• राजस्थान में: 12 सितंबर से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से सीधी राहत मिलेगी। बिजली गिरने की आशंका और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण खुले स्थानों पर यात्रा करते समय और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराजस्थान में शुष्क दौर के बाद बारिश की वापसी का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसमी तंत्र है।\n\n• नया कम दबाव का क्षेत्र: 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा तट के पास एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, जो हवाओं की नमी को मैदानी राज्यों की तरफ खींच रहा है।\n• पुराने सिस्टम का कमजोर होना: उत्तर प्रदेश पर बना पुराना कम दबाव का क्षेत्र निष्प्रभावी हो चुका है और मानसून ट्रफ अपनी सामान्य रेखा से उत्तर की तरफ शिफ्ट हो गया है।\n• हवाओं के पैटर्न में बदलाव: वर्तमान में चल रही पश्चिमी शुष्क हवाओं की जगह पूर्व से आने वाली नम हवाएं ले रही हैं, जिससे 12 सितंबर से राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी संभागों में वर्षा की स्थितियां बन रही हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राजस्थान में बारिश का नया दौर कब से शुरू हो रहा है?\nमौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर से राज्य के कई जिलों में बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।\n\n2. जयपुर में 12 सितंबर को मौसम कैसा रहेगा?\nजयपुर में 12 सितंबर से गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।\n\n3. किन संभागों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है?\nमौसम विभाग ने कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों के लिए बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया है।\n\n4. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर में कब बारिश होगी?\nबीकानेर और जोधपुर संभाग में 11 सितंबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, जिसके बाद 12 सितंबर से हल्की बारिश की संभावना है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-08",
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    "राजस्थान का मौसम",
    "जयपुर मौसम समाचार",
    "मौसम विभाग अलर्ट",
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