राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे दौर में बंपर वोटिंग, बारिश के बाद भी केंद्रों पर उमड़े ग्रामीण राजस्थान के विभिन्न जिलों में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया, जहां मौसम की खराबी के बावजूद कई इलाकों में भारी मतदान दर्ज हुआ। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय सरकार चुनने के लिए मतदाताओं ने जोरदार भागीदारी निभाई है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच कई जिलों में पंच और सरपंच पदों के लिए वोट डाले गए। कई हिस्सों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और बूंदाबांदी हुई, लेकिन खराब मौसम की परवाह किए बिना ग्रामीण कतारों में डटे रहे। विभिन्न जिलों से सामने आए आंकड़ों के अनुसार कई क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अस्सी फीसदी के पार निकल गया, जबकि प्रशासनिक टीमें दिनभर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में जुटी रहीं। अलवर में बारिश के थपेड़ों के बीच मतदाताओं का हुजूम अलवर जिले की पांच प्रमुख पंचायत समितियों के तहत आने वाली 185 ग्राम पंचायतों में मतदाताओं का जोश देखते ही बन रहा था। तेज बारिश और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बावजूद लोग घरों से बाहर निकले। जिले में कुल 5,77,518 पंजीकृत वोटर थे, जिनमें से 4,73,543 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इससे पूरे जिले का कुल मतदान 82 प्रतिशत पर पहुंच गया। इससे पहले शुरुआती दौर में 1,00,549 मतदाता वोट दे चुके थे। पंचायत समिति वार बात करें तो उमरैण 84.31 प्रतिशत मतदान के साथ अव्वल रहा। मालाखेड़ा में 84.03 प्रतिशत, थानागाजी में 83.81 प्रतिशत, लक्ष्मणगढ़ में 83.37 प्रतिशत और राजगढ़ में 75 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले। अजमेर और जयपुर ग्रामीण में रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी अजमेर जिले की पांच पंचायत समितियों में भी ग्रामीणों ने चुनावी प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिले भर का कुल मतदान आंकड़ा 81.74 प्रतिशत दर्ज किया गया। यहां बडल्या पंचायत समिति में सबसे जोरदार रुझान देखा गया, जहां 83.11 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। इसके अलावा अरांई में 82.61 प्रतिशत, भिनाय में 82.38 प्रतिशत, किशनगढ़ (सिलोरा) में 80.88 प्रतिशत तथा अजमेर ग्रामीण में 80.47 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले। इसी तरह जयपुर ग्रामीण के अंतर्गत शाहपुरा और अमरसर इलाकों में भी मतदान को लेकर जबर्दस्त सरगर्मी रही। चुनाव शाखा प्रभारी राजेंद्र शर्मा के मुताबिक निर्धारित समय खत्म होने के बाद भी केंद्रों के भीतर मतदाताओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। शाम 6 बजे तक शाहपुरा की 19 ग्राम पंचायतों में 82.83 प्रतिशत तथा अमरसर की 22 ग्राम पंचायतों में 81.80 प्रतिशत मत पड़े। सिरोही और जालोर में मतदान का मिजाज और छिटपुट तनाव सिरोही जिले की चार पंचायत समितियों में लगभग 73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। रेवदर समिति में सबसे अधिक 73.26 प्रतिशत मत पड़े, जहां कुल 1,09,529 मतदाताओं में से 80,244 ने मतदान किया। भंवरी में 80,750 में से 59,111 लोगों के साथ 73.20 प्रतिशत, पिंडवाड़ा में 89,390 में से 65,267 लोगों के साथ 73.01 प्रतिशत और सिरोही समिति में 69,617 में से 45,997 लोगों के साथ 66.07 प्रतिशत वोटिंग हुई। उधर जालोर जिले की 217 ग्राम पंचायतों में शाम 6 बजे तक कुल 64.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां सायला पंचायत समिति 67.82 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही। जसवंतपुरा में 66.86 प्रतिशत, भीनमाल में 65.42 प्रतिशत, भाद्राजून में 65.19 प्रतिशत, जालोर में 61.14 प्रतिशत, उम्मेदाबाद में 60.99 प्रतिशत तथा आहोर में 60.94 प्रतिशत वोट पड़े। हालांकि जालोर की भीनमाल पंचायत समिति के भागलभीम गांव में फर्जी मतदान के आरोपों पर ग्रामीणों ने दूसरी बार विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजी। सूचना मिलने के बाद उपखंड अधिकारी रामलाल मीणा और पुलिस उप अधीक्षक शंकरलाल मसूरिया मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर माहौल संभाला। राजसमंद में बुजुर्गों का जज्बा और दौसा में मतगणना की तैयारी राजसमंद जिले की 147 ग्राम पंचायतों में 1303 वार्ड पंचों और सरपंच पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से निपटी। जिले में रेलमगरा समिति 80.46 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष पर रही, जबकि राजसमंद में 78.33 प्रतिशत, भीम में 74.89 प्रतिशत और देवगढ़ में 74.23 प्रतिशत वोटिंग हुई। भीम क्षेत्र की टोगी पंचायत में 74 वर्षीय हंसा देवी ने केंद्र पहुंचकर प्रेरणादायक तरीके से वोट डाला। जिला निर्वाचन अधिकारी हसीजा ने केंद्रों की निगरानी की और समय सीमा समाप्त होते ही मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। वहीं दौसा जिले की छह पंचायत समितियों में भी शांतिपूर्ण मतदान हुआ। कुछ स्थानों से आई मामूली शिकायतों पर सुरक्षा बलों ने तुरंत संज्ञान लिया। एसपी कुंदन कंवरिया ने क्षेत्रों का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि महुआ थाने में मतगणना को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं तथा इन अनुभवों से अगले चरण की तैयारी और मजबूत होगी। इसका आप पर असर इस चुनाव से राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में नई ग्राम पंचायत सरकारों के गठन की प्रक्रिया तेज होगी। • राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में: मतदान के इस चरण से सैकड़ों ग्राम पंचायतों को नए सरपंच और वार्ड पंच मिलेंगे। इसके चलते गांवों में अटके हुए विकास कार्य, पट्टे और स्थानीय जनसुविधाओं से जुड़े निर्णय आने वाले दिनों में रफ्तार पकड़ेंगे। • सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर: संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा देखने को मिला है। आगामी तीसरे चरण के चुनाव के लिए प्रशासन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करेगा। • मतदाताओं की जागरूकता पर: बारिश और खराब मौसम के बावजूद अस्सी प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज होना यह दिखाता है कि ग्रामीण अपनी स्थानीय प्राथमिकताओं को लेकर बेहद सजग हैं। युवा और बुजुर्ग सभी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूरा भरोसा दिखाया है। • विवादित मतदान केंद्रों पर: जालोर जैसी जगहों पर फर्जी मतदान की शिकायतों से प्रशासन सबक लेगा। आने वाले चरणों में ऐसे संवेदनशील गांवों में पहचान सत्यापन और सुरक्षा कड़ी की जाएगी। ऐसा क्यों हुआ राजस्थान में स्थानीय स्वशासन के कार्यकाल पूरे होने और नए प्रतिनिधियों के चयन के लिए त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत यह चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। • चुनावी चक्र का कारण: ग्राम पंचायतों के संचालन और स्थानीय निर्णय प्रक्रिया को जारी रखने के लिए नियमित समयांतराल पर चुनाव कराना संवैधानिक जरूरत है। इसी क्रम में पंच और सरपंच पदों के लिए दूसरे चरण का मतदान कराया गया। • मौसम और मतदान रुझान: कई जिलों में बारिश के बावजूद खेती-किसानी और स्थानीय राजनीति में दिलचस्पी के कारण ग्रामीण सुबह से ही केंद्रों पर जुटे। स्थानीय स्तर पर अपने प्रतिनिधि चुनने की उत्सुकता ने मतदान प्रतिशत को बढ़ाया। • जालोर में विवाद की वजह: भीनमाल के भागलभीम गांव में कुछ लोगों द्वारा फर्जी वोट डाले जाने के आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने दूसरी बार विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। • आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया: मतदान समाप्त होते ही मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके तुरंत बाद मतगणना की व्यवस्थाएं शुरू कर दी गईं ताकि नतीजे जारी किए जा सकें। सवाल-जवाब 1. राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में किन पदों के लिए मतदान हुआ? इस चरण में ग्राम पंचायतों के पंच और सरपंच पदों के चयन के लिए मतदाताओं ने वोट डाले। 2. अलवर जिले में कुल कितना प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया? अलवर में कुल 82 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें 5,77,518 पंजीकृत मतदाताओं में से 4,73,543 लोगों ने वोट दिए। 3. अलवर की कौन सी पंचायत समिति में सर्वाधिक वोटिंग हुई? उमरैण पंचायत समिति 84.31 प्रतिशत मतदान के साथ जिले में शीर्ष स्थान पर रही। 4. अजमेर जिले में कुल कितना मतदान हुआ और कौन सी समिति आगे रही? अजमेर में कुल 81.74 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें बडल्या पंचायत समिति 83.11 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही। 5. जालोर के भागलभीम गांव में पुलिस को लाठीचार्ज क्यों करना पड़ा? भागलभीम में फर्जी मतदान के आरोपों पर ग्रामीणों ने उग्र विरोध किया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। 6. राजसमंद में बुजुर्ग मतदाता की कौन सी मिसाल सामने आई? भीम पंचायत समिति की टोगी पंचायत में 74 वर्षीय हंसा देवी ने उत्साहपूर्वक मतदान केंद्र पहुंचकर अपना वोट डाला। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-pnchayata-chunava-ke-dusare-daura-men-bnpara-votinga-barisha-ke-bada-bhi-kendron-para-umare-gramina-53546 TrendKia — Har trend, sabse pehle.