राजस्थान में पंचायत चुनाव की हलचल तेज, जयपुर में शुरू हुई जिला परिषद और पंचायत समिति आरक्षण लॉटरी जयपुर में पंचायती राज आम चुनाव के तहत जिला परिषद और पंचायत समितियों के पदों के लिए आरक्षण लॉटरी शुरू हो गई है, जबकि ग्राम पंचायतों की लॉटरी 24 सितंबर को होगी। राजस्थान में आगामी पंचायती राज आम चुनावों की प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां अब सबसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी हैं। जयपुर जिले में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अलग-अलग पदों के लिए आरक्षण और श्रेणीवार आवंटन का काम 23 और 24 सितंबर को निर्धारित समय-सारणी के मुताबिक संपन्न कराया जा रहा है। जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्यों, जिले की समस्त पंचायत समितियों के प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण बुधवार सुबह से तय किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय सभागार में यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया सुबह 10.15 बजे से शुरू की गई, जिसके बाद जिला परिषद तथा पंचायत समितियों के पदों का सामाजिक वर्गवार स्वरूप पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में शुरू हुआ जिला स्तरीय आरक्षण निर्धारण जिला कलक्टर (पंचायत) संदेश नायक ने स्पष्ट किया कि पंचायती राज आम चुनाव के तहत सभी पदों का आरक्षण और श्रेणीवार आवंटन निर्वाचन विभाग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत पूरा किया जा रहा है। जयपुर जिले की सभी पंचायत समितियों के प्रधान पदों के साथ-साथ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण की लॉटरी सीधे जिला स्तर पर निकाली जा रही है। इस पूरी कवायद को पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत संपन्न कराने के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके थे। लॉटरी की इस व्यवस्था के जरिए यह तय हो रहा है कि कौन सा पद किस श्रेणी के खाते में जाएगा। उपखंड मुख्यालयों पर 24 सितंबर को तय होंगे सरपंच और वार्ड पंच के पद जिला मुख्यालय पर उच्च स्तरीय पदों का आरक्षण पूरा होने के अगले दिन, यानी 24 सितंबर को ग्राम पंचायत स्तर के पदों के लिए लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। जयपुर जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के पदों का श्रेणीवार आवंटन संबंधित उपखंड अधिकारी मुख्यालयों पर किया जाएगा। इसके लिए सभी उपखंड अधिकारियों को विभागीय गाइडलाइन के अनुसार पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित पदों का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। इसके साथ ही यह तस्वीर भी साफ हो जाएगी कि किस पंचायत समिति का प्रधान पद किस वर्ग के लिए सुरक्षित होगा और संबंधित ग्राम पंचायतों में नेतृत्व का दायित्व किस वर्ग को मिलेगा। दावेदारों की चुनावी रणनीति और सियासी समीकरणों पर सीधा प्रभाव आरक्षण लॉटरी की यह प्रशासनिक प्रक्रिया पंचायती राज चुनावों में उतरने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य और जमीनी रणनीति पर सीधा असर डालेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चुनाव लड़ने की जमीन तैयार कर रहे नेताओं की निगाहें पूरी तरह से इस लॉटरी पर टिकी हुई हैं। जिला परिषद वार्ड, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच अथवा वार्ड पंच के पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित होंगे, उसी के आधार पर कई दिग्गजों को अपनी चुनावी रणनीति बदलनी होगी या नए उम्मीदवारों की तलाश करनी होगी। राजनीतिक दल भी आरक्षण की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही अपने समर्थित प्रत्याशियों के चयन और आगामी चुनावी प्रचार की ठोस रूपरेखा बना सकेंगे। दो दिवसीय प्रक्रिया पूरी होते ही जिले में चुनावी मुकाबले की वास्तविक जमीन तैयार हो जाएगी, जिसके बाद तय कार्यक्रम के तहत नामांकन और मतदान के अगले चरण शुरू होंगे। इसका आप पर असर जयपुर जिले के ग्रामीण नागरिकों और संभावित पंचायत चुनाव उम्मीदवारों के लिए इस आरक्षण प्रक्रिया के जरिए चुनावी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे। • राजस्थान भर में: आगामी पंचायती राज आम चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थानीय प्रशासन के नए प्रतिनिधि चुनने का रास्ता साफ हो रहा है। इसके बाद सभी जिलों में आचार संहिता, नामांकन और मतदान की समय-सारणी की घोषणा होगी। • जयपुर जिले में: जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के आरक्षण का निर्धारण 23 और 24 सितंबर को पूरा होने से पदों की श्रेणी साफ हो जाएगी। स्थानीय उम्मीदवार अब अपनी पात्रता के आधार पर नामांकन की तैयारी कर सकते हैं या आरक्षित वर्ग के नए चेहरों को आगे ला सकते हैं। • आरक्षित वर्गों के लिए: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए निर्धारित कोटे के तहत नए नेतृत्व को सीधे स्थानीय सत्ता में भागीदारी मिलेगी। इन वर्गों के इच्छुक ग्रामीण नागरिक अब अपने वार्ड या पंचायत से उम्मीदवारी की योजना बना सकते हैं। • मतदाताओं के लिए: ग्रामीणों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि उनकी ग्राम पंचायत या वार्ड का नेतृत्व किस वर्ग का प्रतिनिधि करेगा। इससे मतदाता अपने स्थानीय मुद्दों के आधार पर संभावित उम्मीदवारों के वादों का मूल्यांकन कर सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ पंचायती राज संस्थाओं में निष्पक्ष सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और कानूनी प्रावधानों के तहत चुनाव कराने के लिए आरक्षण लॉटरी आयोजित की जा रही है। • संवैधानिक और कानूनी अनिवार्यता: पंचायती राज अधिनियम और चुनाव नियमावली के तहत प्रत्येक चुनाव से पूर्व पदों का चक्रानुक्रम और श्रेणीवार आरक्षण तय करना अनिवार्य होता है। इसी प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जिला स्तर और उपखंड स्तर पर लॉटरी निकाली जा रही है। • सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला प्रत्याशियों के लिए निर्धारित संवैधानिक कोटे को लागू करने हेतु लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है। इससे सभी वर्गों को पारदर्शी तरीके से त्रिस्तरीय ग्रामीण शासन में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है। • चुनाव कार्यक्रम की अग्रिम तैयारी: पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने या आम चुनाव की घोषणा से पहले प्रशासनिक स्तर पर सीटों का निर्धारण पूरा करना आवश्यक चरण होता है। आरक्षण तय होने के बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव अधिसूचना और नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ा पाता है। सवाल-जवाब 1. जयपुर में पंचायत आरक्षण की लॉटरी कब आयोजित की जा रही है? जयपुर जिले में पंचायती राज पदों के लिए आरक्षण लॉटरी 23 और 24 सितंबर को आयोजित की जा रही है। 2. 23 सितंबर को किन-किन पदों का आरक्षण तय किया जा रहा है? 23 सितंबर को जिला परिषद सदस्यों, जिले की सभी पंचायत समितियों के प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण तय किया जा रहा है। 3. ग्राम पंचायत स्तर के पदों की लॉटरी कब और कहां होगी? ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों की लॉटरी 24 सितंबर को संबंधित उपखंड अधिकारी मुख्यालयों पर निकाली जाएगी। 4. जिला स्तर की लॉटरी प्रक्रिया कहां और किस समय शुरू हुई? जिला स्तरीय लॉटरी प्रक्रिया जयपुर कलेक्ट्रेट स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय सभागार में सुबह 10.15 बजे से शुरू हुई। 5. आरक्षण प्रक्रिया में किन वर्गों के लिए सीटें निर्धारित की जा रही हैं? इस प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग के लिए सीटें निर्धारित की जा रही हैं। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-pnchayata-chunava-ki-halachala-teja-jaipur-men-shuru-hui-zila-parishad-aura-panchayat-samiti-arakshana-lotari-36845 TrendKia — Har trend, sabse pehle.