राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले बस चेकिंग के दौरान पकड़ा गया असलहा तस्कर, भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त धौलपुर की सरमथुरा पुलिस ने ग्वालियर से करौली जा रही बस से एक युवक को दबोचकर उसके बैग से पांच अवैध असलहे और 38 कारतूस बरामद किए हैं। आगामी पंचायत चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बल लगातार सघन तलाशी ले रहे हैं। इसी चौकसी के तहत धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी, जब अंतरराज्यीय मार्ग पर दौड़ रही एक निजी सवारी गाड़ी की तलाशी के दौरान हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की गई। पकड़ा गया व्यक्ति अपने सामान में घातक असलहे छिपाकर दूसरे जिले में डिलीवरी देने के मकसद से ले जा रहा था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते उसकी योजना धरी की धरी रह गई। खरैर नदी पुल के पास मिली थी गुप्त सूचना यह पूरा घटनाक्रम 10 अक्टूबर 2026 की गश्त के दौरान सामने आया। सरमथुरा थाने का गश्ती दल पंचायत चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती रास्तों पर वाहनों की औचक पड़ताल कर रहा था। उसी वक्त खरैर नदी के पास सुरक्षा दल को एक पुख्ता खुफिया इनपुट मिला कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के ग्वालियर से चलकर करौली की दिशा में जाने वाली एक बस के भीतर संदिग्ध सामग्री ले जाई जा रही है। इनपुट में यह स्पष्ट किया गया था कि सवारियों के बीच बैठा एक शख्स लाल रंग के बैग में अवैध असलाह लेकर सफर कर रहा है। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए बसंतपुरा मोड़ से ठीक पहले मुख्य सड़क पर बैरिकेडिंग लगाकर सख्त नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में मध्य प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली सवारी बस वहां पहुंची। पुलिस बल ने बस को रुकने का इशारा किया। गाड़ी के थमते ही अंदर बैठा संदिग्ध व्यक्ति लाल बैग थामकर तेजी से नीचे उतरा और मुख्य सड़क छोड़कर बसंतपुरा लिंक मार्ग की तरफ दौड़ पड़ा। मौके पर मौजूद कांस्टेबल धर्मवीर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे दबोच लिया। तलाशी में मिले पांच घातक हथियार और गोलियां हिरासत में लिए जाने के बाद जब उस व्यक्ति के लाल बैग की चेन खोली गई, तो भीतर का नजारा देखकर सुरक्षाकर्मी भी चौंक गए। बैग के अंदर से 32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन, 315 बोर के दो देशी कट्टे और एक 315 बोर का पौना बरामद किया गया। हथियारों के साथ-साथ बैग में कारतूसों का बड़ा जखीरा भी मौजूद था, जिसमें 32 बोर के 18 जिंदा कारतूस और 315 बोर के 20 जिंदा कारतूस शामिल थे। इस तरह कुल पांच असलहे और 38 कारतूस जब्त किए गए। बरामद हथियारों की जब प्राथमिक जांच की गई तो उनमें से एक पिस्टल की बॉडी पर मेड इन जापान अंकित मिला। पकड़े गए व्यक्ति से जब इन घातक हथियारों को अपने पास रखने या परिवहन करने से संबंधित कोई वैध कागजात या सरकारी लाइसेंस मांगा गया, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके बाद उसे आर्म्स एक्ट के तहत मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। ग्वालियर से जुड़ा है आरोपी का ठिकाना पुलिस पड़ताल में आरोपी की पहचान आदित्य सिंह ठाकुर के तौर पर की गई है। वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पड़ने वाले देवगढ़ थाना क्षेत्र के तिलावली गांव का निवासी है। हालांकि, हाल के दिनों में वह ग्वालियर शहर के भीतर एक किराए का कमरा लेकर रह रहा था और वहीं से अपनी संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की घोषणा के बाद से ही सीमा पार से आने वाले संदिग्ध तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की हिंसा या अशांति को समय रहते रोका जा सके। कमीशन पर हथियार सप्लाई करने का खुलासा प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आदित्य सिंह ठाकुर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह महज 2 से 3 हजार रुपये के मामूली मुनाफे और कमीशन के लालच में ग्वालियर के भीतर हथियारों की सप्लाई का काम करता था। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां अब इस पूरे गैरकानूनी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस अब यह गहन पड़ताल कर रही है कि यह खेप मध्य प्रदेश के किस गिरोह से खरीदी गई थी और राजस्थान में इसे किन असामाजिक तत्वों तक पहुंचाया जाना था। आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध खरीद-फरोख्त में पर्दे के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ यह विशेष धरपकड़ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। इसका आप पर असर चुनावी मौसम में अंतरराज्यीय सीमा पर हथियारों की धरपकड़ से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आम नागरिकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। • राजस्थान में: आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर सीमावर्ती मार्गों पर पुलिस चेकिंग और नाकाबंदी और अधिक सख्त कर दी जाएगी। अंतरराज्यीय बसों और निजी वाहनों से यात्रा करने वाले आम यात्रियों को पहचान पत्रों और सामान की जांच के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलना होगा। • धौलपुर में: मध्य प्रदेश सीमा से सटे सरमथुरा और करौली मार्ग पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। स्थानीय निवासियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस सामान की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में देने की सलाह दी गई है। • बस यात्रियों के लिए: पब्लिक और प्राइवेट बसों में सामान की औचक जांच तेज होगी। सफर के दौरान बिना पहचान पत्र यात्रा करने से बचें ताकि सुरक्षा जांच में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। • कानूनी चेतावनी: अवैध हथियार रखने या उनकी डिलीवरी में शामिल होने पर गैर-जमानती धाराओं में तुरंत जेल हो सकती है। किसी भी अजनबी का पार्सल या बैग बिना जांच-पड़ताल के अपने साथ ले जाना भारी कानूनी मुसीबत बन सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह जब्ती पंचायत चुनाव के चलते बढ़ाए गए सीमा सुरक्षा पहरे और सटीक खुफिया इनपुट के कारण संभव हुई। • तत्काल कारण: गश्ती दल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्वालियर से करौली जा रही बस में लाल बैग लिए एक संदिग्ध युवक अवैध असलहे लेकर जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर बसंतपुरा मोड़ के पास तुरंत नाकाबंदी कर बस रोकी गई और भागने की कोशिश करते आरोपी को पकड़ लिया गया। • पृष्ठभूमि और स्थितियां: राजस्थान में होने वाले पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण कराने के लिए धौलपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अंतरराज्यीय मार्गों पर विशेष चौकसी बरती जा रही थी। मध्य प्रदेश के चंबल और ग्वालियर-मुरैना अंचल से सटे सीमावर्ती इलाके अक्सर अवैध हथियारों की आवाजाही के संवेदनशील रूट रहे हैं। • कमीशन का लालच: प्राथमिक पूछताछ से पता चला कि आरोपी महज 2 से 3 हजार रुपये के आसान मुनाफे के चक्कर में कोरियर बनकर हथियारों की डिलीवरी करने का जोखिम उठा रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सप्लाई का मुख्य सरगना कौन था और असलहों का अंतिम खरीदार कौन था। सवाल-जवाब 1. धौलपुर के सरमथुरा में पुलिस ने क्या कार्रवाई की? पुलिस ने ग्वालियर से करौली जा रही एक बस से मध्य प्रदेश के एक युवक को पकड़कर उसके पास से पांच अवैध हथियार और 38 जिंदा कारतूस बरामद किए। 2. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम और पता क्या है? आरोपी की पहचान आदित्य सिंह ठाकुर के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के तिलावली गांव का रहने वाला है और फिलहाल ग्वालियर में किराए पर रह रहा था। 3. आरोपी के बैग से कौन-कौन से हथियार और गोलियां बरामद हुईं? बैग से 32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन, 315 बोर के दो देशी कट्टे, एक 315 बोर का पौना तथा 32 बोर के 18 और 315 बोर के 20 जिंदा कारतूस मिले। 4. क्या बरामद पिस्टलों में कोई विशेष मार्क था? हां, पुलिस के अनुसार बरामद दो पिस्टलों में से एक पर मेड इन जापान लिखा हुआ पाया गया। 5. आरोपी हथियार तस्करी के बदले कितना पैसा लेता था? शुरुआती पूछताछ के अनुसार, आरोपी प्रति डिलीवरी 2 से 3 हजार रुपये के लालच में ग्वालियर में हथियारों की सप्लाई करता था। 6. यह कार्रवाई किस अधिकारी के निर्देशन में और क्यों की गई? यह कार्रवाई धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में पंचायत चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-pnchayata-chunava-se-pahale-basa-chekinga-ke-daurana-pakara-gaya-asalaha-taskara-bhari-matra-men-gola-baruda-jabta-46492 TrendKia — Har trend, sabse pehle.