# राजस्थान में पंचायत चुनावों के लिए कांग्रेस का नया फार्मूला, युवाओं को मिलेंगे 75 प्रतिशत टिकट

> पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के अनुसार कांग्रेस पंचायत चुनाव में करीब 75 प्रतिशत टिकट युवाओं को सौंपने की तैयारी कर रही है। वार्ड स्तर से आ रहे जमीनी फीडबैक के आधार पर उम्मीदवारों की पहली सूची 12 अक्टूबर को सामने आ सकती है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-pnchayata-chunavon-ke-lie-congress-ka-naya-pharmula-yuvaon-ko-milenge-75-pratishata-tikata-46549 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान पंचायत चुनाव, कांग्रेस, भंवर जितेंद्र सिंह, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अलवर राजनीति

राजस्थान के अलवर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर संगठन की नई रणनीति साझा की है। पार्टी इस बार ग्रामीण चुनावों में नई पीढ़ी को आगे लाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है। संगठनात्मक स्तर पर तय की गई रूपरेखा के तहत लगभग 75 प्रतिशत चुनावी टिकट युवा चेहरों के खाते में जा सकते हैं। पूरी चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि केवल वही प्रत्याशी मैदान में उतरें जिन्हें स्थानीय मतदाताओं का वास्तविक समर्थन हासिल हो।

## वार्ड स्तर पर मतदाताओं की राय जुटा रहे पर्यवेक्षक
उम्मीदवारों की तलाश के लिए पार्टी ने व्यापक स्तर पर जनसंवाद का रास्ता चुना है। भंवर जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पिछले 15 से 20 दिनों की अवधि के दौरान पार्टी पर्यवेक्षक हर वार्ड में सक्रिय रहे हैं। ये प्रतिनिधि सीधे गांव और कस्बों में जाकर आम नागरिकों तथा मतदाताओं से संवाद स्थापित कर रहे हैं। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य इलाके के वास्तविक राजनीतिक माहौल को समझना और यह तय करना है कि स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप कौन सा चेहरा सबसे उपयुक्त साबित होगा।

## जयपुर वॉर रूम में शीर्ष नेतृत्व की मैराथन बैठकें
चुनावी बिसात और संभावित नामों को अंतिम रूप देने के लिए राजधानी जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में बैठकों का सिलसिला तेज हो चुका है। टिकटों के वितरण और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए वरिष्ठ नेताओं के बीच विस्तृत विचार विमर्श चल रहा है। इन संगठनात्मक बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष शामिल होकर मंथन कर रहे हैं। जिला और ब्लॉक इकाइयों से भेजे गए पैनलों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।

## जमीनी पकड़ और स्थानीय समीकरणों को प्राथमिकता
पार्टी नेतृत्व इस बार केवल सिफारिशों के आधार पर टिकट बांटने से परहेज कर रहा है। चयन प्रक्रिया में स्थानीय सामाजिक समीकरणों और उम्मीदवार के जनसंपर्क को निर्णायक पैमाना बनाया गया है। ब्लॉक तथा जिला कमेटियों से आए नामों में से उन्हीं चेहरों को छांटा जा रहा है जिनका अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार हो।

## नामांकन के दबाव के बीच 12 अक्टूबर को पहली सूची की संभावना
नामांकन दाखिल करने की तय समय सीमा पास आने के कारण राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। संभावित प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी तेज हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली आधिकारिक सूची 12 अक्टूबर तक सामने ला सकती है, यद्यपि इस संबंध में संगठन की तरफ से कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

## इसका आप पर असर
राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और पंचायत चुनावों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह फैसला सीधे तौर पर अवसर बढ़ाने वाला है।

- **राजस्थान में:** पार्टी द्वारा 75 प्रतिशत सीटें युवाओं के लिए तय करने से ग्रामीण इलाकों में युवा नेतृत्व को सीधे चुनाव लड़ने का मंच मिलेगा। पंचायत स्तर पर लंबे समय से सक्रिय नए चेहरों को वरिष्ठ नेताओं के वर्चस्व के बजाय जनसमर्थन के आधार पर टिकट मिलने की संभावना बढ़ गई है।
- **वार्ड स्तर पर:** पिछले 15 से 20 दिनों से चल रहे फीडबैक अभियान के कारण स्थानीय मतदाताओं की पसंद उम्मीदवार तय करने में निर्णायक बनेगी। इससे ग्रामीण जनता को अपनी पसंद के प्रतिनिधि चुनने में सीधी भूमिका निभाने का अवसर मिला है।
- **नामांकन की तैयारी:** संभावित प्रत्याशियों की पहली सूची 12 अक्टूबर को जारी होने की संभावना से दावेदारों को अपने कागजात तैयार करने होंगे। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को नामांकन की अंतिम तिथि से पहले जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
- **पारदर्शिता का असर:** सिफारिशी संस्कृति पर रोक लगाकर जमीनी पकड़ वाले प्रत्याशियों को चुनने से चुनावी राजनीति में स्थानीय कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। इससे ग्रामीण स्तर की समस्याओं पर काम करने वाले वास्तविक कार्यकर्ताओं को आगे आने की प्रेरणा मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
कांग्रेस द्वारा पंचायत चुनाव में युवाओं को 75 प्रतिशत टिकट देने का फैसला ग्रामीण स्तर पर संगठन को नया रूप देने और जमीनी स्तर पर जनता की नाराजगी दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।

- **नई पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत:** ग्रामीण राजनीति में लंबे समय से स्थापित चेहरों के कारण युवाओं में असंतोष देखा जा रहा था। इसे पाटने के लिए पार्टी ने बड़े पैमाने पर युवा नेतृत्व को मौका देने की योजना बनाई।
- **फीडबैक आधारित चयन:** पुराने ढर्रे पर नेताओं की सिफारिशों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए पार्टी ने 15 से 20 दिनों तक पर्यवेक्षकों के जरिए प्रत्येक वार्ड से सीधी राय जुटाई। जनसमर्थन वाले चेहरों को पहचानना ही इस प्रक्रिया का मुख्य आधार बना।
- **नेतृत्व का सामूहिक मंथन:** हार-जीत के समीकरणों को साधने के लिए जयपुर स्थित वॉर रूम में प्रदेश के सभी शीर्ष नेताओं ने ब्लॉक और जिला कमेटियों के पैनलों पर गहन समीक्षा की। इससे टिकट वितरण में गुटबाजी कम करने और सर्वमान्य चेहरों को उतारने में मदद मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान पंचायत चुनाव में कांग्रेस कितने टिकट युवाओं को देने की योजना बना रही है?
पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के अनुसार कांग्रेस इस बार करीब 75 प्रतिशत टिकट युवाओं को देने पर जोर दे रही है।

### 2. उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी ने क्या प्रक्रिया अपनाई है?
पर्यवेक्षक पिछले 15 से 20 दिनों से प्रत्येक वार्ड में जाकर मतदाताओं से राय और जमीनी फीडबैक जुटा रहे हैं।

### 3. प्रत्याशियों के चयन को लेकर किन प्रमुख नेताओं के बीच मंथन हुआ है?
गोविंद सिंह डोटासरा, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष ने जयपुर वॉर रूम में पैनलों पर चर्चा की है।

### 4. कांग्रेस की पहली उम्मीदवार सूची कब तक जारी हो सकती है?
पार्टी सूत्रों के अनुसार पहली सूची 12 अक्टूबर को जारी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

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