# राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का ऐलान, कोटा समेत चार जिलों में दिसंबर के बाद होगा मतदान

> राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के 2026 चुनाव की तारीखें घोषित कर दी हैं, लेकिन कोटा, बारां, करौली और श्रीगंगानगर में मतदान का समय अलग रहेगा।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-pnchayati-raja-chunava-ka-ailana-kota-sameta-chara-jilon-men-disnbara-ke-bada-hoga-matadana-42452 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान पंचायत चुनाव, पंचायती राज 2026, राज्य निर्वाचन आयोग, राजेश्वर सिंह, कोटा, बारां, श्रीगंगानगर, करौली

राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान की पंचायती राज संस्थाओं में वर्ष 2026 के आम चुनावों की औपचारिक घोषणा कर दी है। निर्वाचन आयोग की योजना के तहत पूरे राज्य में मतदान की प्रक्रिया कुल चार अलग चरणों में पूरी कराई जाएगी। हालांकि, इस चुनावी व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव भी शामिल किया गया है, जिसके चलते प्रदेश के चार जिलों को मुख्य चुनावी कैलेंडर में शामिल नहीं किया गया है। बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा में जिला परिषद और संबंधित स्थानीय निकायों के चुनाव बाकी क्षेत्रों के साथ नहीं कराए जाएंगे।

## चार जिलों के लिए अलग से तय होंगी तारीखें
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनावी रूपरेखा स्पष्ट करते हुए जानकारी दी कि प्रदेश भर में कुल 41 जिला परिषदें मौजूद हैं। इनमें से कोटा, करौली, बारां तथा श्रीगंगानगर की परिषदों की वर्तमान कार्यावधि दिसंबर 2026 के अंत में समाप्त हो रही है। इसी प्रशासनिक स्थिति को देखते हुए इन चार जिलों को वर्तमान घोषित चरणों से बाहर रखा गया है। आयोग का कहना है कि इन चार क्षेत्रों के मतदाताओं को अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनने के लिए दिसंबर का महीना बीतने तक प्रतीक्षा करनी होगी। इसके बाद निर्वाचन आयोग इन विशिष्ट परिषदों के लिए बिल्कुल नया चुनावी कार्यक्रम घोषित करेगा।

## संबद्ध पंचायत समितियों पर भी लागू होगा नया नियम
यह स्थगन केवल जिला परिषदों तक सीमित नहीं है, बल्कि इन चारों जिलों के दायरे में आने वाली पंचायत समितियों की चुनावी समय-सारिणी भी पूरी तरह अलग रखी जाएगी। राज्य के अन्य इलाकों के लिए जो विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया है, वह कोटा, बारां, करौली और श्रीगंगानगर की पंचायत समितियों पर मान्य नहीं होगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि इन चारों जिलों के ग्रामीण अंचलों में स्थानीय शासन के प्रतिनिधियों के चयन की संपूर्ण प्रक्रिया मुख्य धारा के चुनावों के काफी बाद में संचालित होगी।

## अन्य क्षेत्रों में अक्टूबर और नवंबर में वोटिंग
राजस्थान के शेष हिस्सों में ग्रामीण चुनाव प्रक्रिया तय समय पर शुरू होगी। बाकी सभी जिलों में जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए चार चरणों का मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर तथा 14 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इसके समानांतर, पंच और सरपंच के पदों के लिए वोट डालने की तिथियां 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर निर्धारित की गई हैं। इन चरणों के संपन्न होने से अधिकांश गांवों में नई पंचायतें गठित हो जाएंगी, किंतु कोटा, बारां, श्रीगंगानगर एवं करौली के नागरिकों को नई घोषणा का इंतजार बना रहेगा।

## कार्यकाल समाप्ति के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
निर्वाचन आयोग के अनुसार इस रणनीतिक फेरबदल का एकमात्र आधार मौजूदा परिषदों का तय कार्यकाल है। जब तक संबंधित परिषदों की दिसंबर 2026 की अवधि पूरी नहीं हो जाती, तब तक वहां नए सिरे से चुनाव कराना कानूनी दृष्टि से उपयुक्त नहीं था। पंचायती राज चुनाव 2026 की इस पूरी व्यवस्था के तहत राज्य का एक बड़ा भूभाग नवंबर मध्य तक अपना जनमत दर्ज कर चुका होगा, जबकि इन चार विशिष्ट जिलों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अगला अध्याय साल के अंतिम महीने के बाद ही गति पकड़ेगा।

## इसका आप पर असर
राजस्थान के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में अक्टूबर और नवंबर में नई पंचायतें बन जाएंगी, जबकि चार जिलों के ग्रामीणों को थोड़ा इंतजार करना होगा।

- **राजस्थान के अधिकांश जिलों में:** ग्रामीण मतदाता 23 अक्टूबर से 16 नवंबर 2026 के बीच अपने नए सरपंच, पंच और परिषद प्रतिनिधियों को चुन सकेंगे। इससे गांवों में विकास कार्यों और स्थानीय योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी।
- **कोटा, बारां, करौली और श्रीगंगानगर में:** इन चार जिलों के ग्रामीण मतदाताओं को अपनी नई स्थानीय सरकार चुनने के लिए दिसंबर 2026 के बाद तक रुकना होगा। तब तक वर्तमान जनप्रतिनिधि ही अपने निर्धारित कार्यकाल के तहत पद पर बने रहेंगे।
- **चुनावी उम्मीदवारों के लिए:** शेष जिलों में चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को तुरंत तैयारी शुरू करनी होगी। वहीं चार अलग रखे गए जिलों के दावेदारों को अपनी प्रचार रणनीति आयोग की अगली घोषणा तक टालनी होगी।
- **स्थानीय प्रशासन के लिए:** जिला अधिकारियों को दो अलग-अलग चरणों में मतदान कराने के लिए प्रशासनिक मशीनरी और सुरक्षा प्रबंधों को विभाजित करना होगा। इससे संसाधनों का बेहतर और क्रमबद्ध प्रबंधन संभव हो सकेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
राज्य के चार जिलों में चुनाव की तारीखों को अलग करने का मुख्य कारण वहां के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल शेष होना है।

- **मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति:** राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार कोटा, बारां, करौली और श्रीगंगानगर की जिला परिषदों का निर्धारित कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा हो रहा है। इसलिए समय से पहले इन स्थानों पर चुनाव प्रक्रिया को समाप्त नहीं किया जा सकता था।
- **संबद्ध संस्थाओं की एकरूपता:** जिला परिषदों के साथ ही उनसे जुड़ी पंचायत समितियों का चुनाव भी एक साथ कराने की आवश्यकता थी। इसी वजह से आयोग ने इन जिलों की पंचायत समितियों की तारीखें भी मुख्य कार्यक्रम से अलग रखने का फैसला लिया।
- **आगामी प्रक्रिया:** निर्वाचन आयोग इन चार जिलों के लिए मतदान का पूरा कार्यक्रम दिसंबर 2026 के बाद एक अलग अधिसूचना जारी करके घोषित करेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 कितने चरणों में आयोजित होंगे?
राज्य के अधिकांश हिस्सों में चुनाव चार चरणों में संपन्न कराए जाएंगे।

### 2. किन चार जिलों के लिए चुनाव का कार्यक्रम अलग रखा गया है?
बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा जिलों के लिए चुनावी तारीखें अलग से जारी होंगी।

### 3. इन चार जिलों में मुख्य चरणों के साथ मतदान क्यों नहीं कराया जा रहा?
इन जिलों की जिला परिषदों का वर्तमान कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है।

### 4. राजस्थान में कुल कितनी जिला परिषदें हैं?
राज्य में कुल 41 जिला परिषदें मौजूद हैं।

### 5. बाकी जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान कब होगा?
इनके लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा।

### 6. शेष जिलों में पंच और सरपंच चुनने के लिए किन तारीखों पर वोट डाले जाएंगे?
पंच और सरपंच के चुनाव 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को आयोजित होंगे।

### 7. चार अलग किए गए जिलों में मतदान कब कराया जाएगा?
इन चारों जिलों में मतदान दिसंबर 2026 के बाद कराया जाएगा।

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