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  "title": "राजस्थान में सरकारी नौकरियों की कमान अब रिटायर्ड फौजी अफसरों के हाथ, आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड में बड़े बदलाव",
  "summary": "राजस्थान सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए राज्य के दो सबसे बड़े भर्ती बोर्डों की जिम्मेदारी सेना की पृष्ठभूमि वाले अनुभवी सैन्य अधिकारियों को सौंपी है।",
  "content": "राजस्थान की सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं में अब अनुशासन और कड़ा पहरा देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रदेश की दो सबसे बड़ी भर्ती संस्थाओं, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की कमान अब सेना की पृष्ठभूमि से आने वाले रिटायर्ड अधिकारियों के सुपुर्द कर दी गई है। इस बड़े बदलाव के बाद अब प्रदेश के लाखों युवाओं की उम्मीदें इन फौजी अफसरों पर टिकी हुई हैं।\n\n \n\nआरपीएससी में बड़ा बदलाव और नए सदस्यों की एंट्री\n\nहालिया घटनाक्रम में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के कार्यवाहक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को सौंपी गई है। इसके साथ ही आयोग में कामकाज को रफ्तार देने के लिए दो नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। प्रोफेसर संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को RPSC में नया सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर संतोष आनंद इससे पहले भीलवाड़ा के एमएलवी कॉलेज के प्रिंसिपल रह चुके हैं और उन्होंने विद्याभारती के चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वहीं, डॉ. दीपक कुमार शर्मा की बात करें तो वे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री रहने के साथ-साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं।\n\n \n\nपेपर लीक विवाद के बीच सरकार की नई रणनीति\n\nराजस्थान में पिछले कुछ समय में हुए पेपर लीक मामलों ने भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इससे पिछली कांग्रेस सरकार की साख पर भी गहरा असर पड़ा था। विधानसभा चुनावों से ऐन पहले इस छवि को सुधारने और परीक्षा माफियाओं पर कड़ा प्रहार करने के लिए सरकार ने यह अहम रणनीति तैयार की। सेना के पूर्व अधिकारियों को कमान सौंपने के पीछे मुख्य विचार यह था कि उनका अनुशासित और सख्त रवैया परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाएगा। इसी रणनीति के तहत अगस्त 2023 में रिटायर्ड मेजर जनरल आलोक राज को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2023 में लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की नियुक्ति RPSC सदस्य के रूप में हुई थी। यह दोनों महत्वपूर्ण निर्णय चुनाव की घोषणा से ठीक पहले लिए गए थे।\n\n \n\nसैन्य अधिकारियों का अब तक का सफर और भविष्य की तैयारी\n\nरिटायर्ड मेजर जनरल आलोक राज के नेतृत्व में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उनके दो साल के कार्यकाल में बोर्ड ने सफलतापूर्वक 130 परीक्षाओं का आयोजन संपन्न कराया है। अब इसी तर्ज पर RPSC में भी बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है, जहां लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यभार संभाल चुके हैं।\n\n \n\nकार्यवाहक अध्यक्ष केसरी सिंह के सामने परीक्षाएं और चुनौतियां\n\nलेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह के लिए RPSC की बागडोर संभालना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है। यदि वे अपने इस कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कराने, पारदर्शिता बढ़ाने और नए सुधार लागू करने में सफल होते हैं, तो उन्हें स्थायी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना भी बढ़ सकती है। वह साल 2029 तक RPSC के सदस्य बने रह सकते हैं। ऐसे में अगर उन्हें स्थायी अध्यक्ष का जिम्मा मिलता है, तो वे आगामी तीन वर्षों तक आयोग का नेतृत्व कर पाएंगे। हालांकि, उनका सफर आसान नहीं रहने वाला है। पूर्व में सदस्य के तौर पर उनकी नियुक्ति को लेकर कई तरह के विवाद और सवाल उठे थे। अब कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में उनका कामकाज ही उनके आलोचकों को जवाब देगा।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अन्य राज्यों के युवाओं के लिए भी यह एक उदाहरण है कि किस प्रकार भर्ती प्रक्रियाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।\n• राजस्थान में: राज्य के लाखों सरकारी नौकरी उम्मीदवारों के लिए यह खबर राहत देने वाली है, क्योंकि सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में परीक्षाओं के समय पर होने और पेपर लीक मुक्त आयोजन की संभावना काफी बढ़ गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राजस्थान के किन दो बड़े भर्ती बोर्डों की कमान सैन्य अधिकारियों के पास है?\nराजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की जिम्मेदारी सेना की पृष्ठभूमि वाले अनुभवी सैन्य अधिकारियों के पास है।\n\n2. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष कौन हैं और उनका अब तक का प्रदर्शन कैसा रहा है?\nचयन बोर्ड के अध्यक्ष रिटायर्ड मेजर जनरल आलोक राज हैं। उनके दो साल के कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने सफलतापूर्वक 130 परीक्षाओं का आयोजन किया है।\n\n3. RPSC के नए कार्यवाहक अध्यक्ष कौन बने हैं और उनका कार्यकाल कब तक है?\nलेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को आरपीएससी का नया कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आयोग के सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल वर्ष 2029 तक है।\n\n4. RPSC में हाल ही में नियुक्त किए गए दो नए सदस्य कौन हैं?\nप्रोफेसर संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को आरपीएससी का नया सदस्य नियुक्त किया गया है।\n\n5. भर्ती बोर्डों की कमान सैन्य अधिकारियों को सौंपने के पीछे मुख्य उद्देश्य क्या था?\nइसका मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में सैन्य अनुशासन और पारदर्शिता लाना था, ताकि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर लगाम लगाई जा सके।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-06-20",
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