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  "type": "article",
  "title": "राजस्थान में शारीरिक शिक्षक मंदोदरी चौधरी को मिली पुरुष के रूप में पहचान, अब सरकारी दस्तावेजों में दर्ज हुआ रुद्र जाट",
  "summary": "कोटा के बालिका विद्यालय में तैनात शारीरिक शिक्षक मंदोदरी चौधरी का नाम और जेंडर बदलने के आवेदन को शिक्षा विभाग ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। बीकानेर निदेशालय के आदेश के बाद अब सभी सरकारी सेवा रिकॉर्ड्स में उनकी पहचान रुद्र जाट के रूप में दर्ज की जाएगी।",
  "content": "कोटा जिले के एक सरकारी स्कूल में तैनात शारीरिक शिक्षक ने अपनी स्वाभाविक पहचान को कानूनी जामा पहनाते हुए सरकारी कागजों में अपना नाम और लिंग बदलवा लिया है। लंबे समय से मंदोदरी चौधरी के तौर पर पहचानी जाने वाली यह शिक्षक अब आधिकारिक तौर पर रुद्र जाट कहलाएंगे। महिला से पुरुष वर्ग में खुद को दर्ज कराने के उनके आवेदन को राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। विभाग के इस फैसले के साथ ही अब उनके सेवा अभिलेखों, सर्विस बुक और भविष्य के सभी प्रशासनिक पत्राचारों में नई पहचान को ही दर्ज किया जाएगा।\n\nबीकानेर निदेशालय ने नियमों के तहत जारी किया औपचारिक आदेश\nशिक्षा महकमे से जुड़े इस बड़े प्रशासनिक फैसले पर बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अपनी मुहर लगाई है। निदेशालय द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को एक कार्यालय आदेश जारी किया गया, जिसमें इस बदलाव को विधिवत मंजूरी दी गई। इस आदेश के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि आवेदक का नाम अब सेवा पुस्तिका में रुद्र जाट के रूप में ही मान्य होगा। विभागीय स्वीकृति पत्र में राजस्थान सेवा नियम 1951 के अंतर्गत आने वाले नियम 8एफ और राज्य के आधिकारिक राजपत्र में छपे आवश्यक दिशा-निर्देशों का हवाला दिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 तथा संबंधित 2020 की नियमावली में तय की गई कानूनी प्रक्रियाओं की कसौटी पर परखने के बाद ही यह प्रशासनिक आदेश पारित हुआ है।\n\nनान्ता महल के बालिका विद्यालय में पहले की तरह जारी रहेगी तैनाती\nपहचान बदलने के इस बड़े घटनाक्रम के बावजूद कार्यक्षेत्र के स्तर पर कोई फेरबदल नहीं किया गया है। रुद्र जाट कोटा जिले में स्थित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय नान्ता महल में शारीरिक शिक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और आगे भी इसी स्कूल में बच्चों को खेलकूद का प्रशिक्षण देते रहेंगे। शिक्षा विभाग के आदेश में उनके मौजूदा पदस्थापन या विद्यालय में किसी तरह के स्थानांतरण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इसका अर्थ यह है कि विद्यालय परिसर, उनके दैनिक दायित्व और अध्यापन का कार्य पहले जैसा ही बना रहेगा, जबकि केवल उनकी व्यक्तिगत पहचान और सेवा रिकॉर्ड्स में नाम व जेंडर पुरुष के तौर पर अद्यतन किया जाएगा।\n\nप्रशासनिक पत्राचार और सर्विस रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई नई पहचान\nविभाग द्वारा लिए गए निर्णय के लागू होने के बाद अब संबंधित कर्मचारी से जुड़ा कोई भी पत्राचार पुराने नाम से नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ शासन उप सचिव स्तर से 9 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्राचार का संदर्भ लेते हुए इस पूरी प्रक्रिया को विधिसम्मत ठहराया गया है। सर्विस बुक, वार्षिक मूल्यांकन, वेतन बिल और अन्य विभागीय अभिलेखों में अब मंदोदरी चौधरी का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर रुद्र जाट कर दिया गया है। यह प्रशासनिक कदम सिर्फ एक कर्मचारी के नाम का संशोधन भर नहीं है, बल्कि यह सरकारी तंत्र में किसी कार्मिक के आत्मसम्मान और स्वयं चुनी गई लैंगिक पहचान को दी गई औपचारिक वैधानिक स्वीकृति का प्रतीक भी है।\n\nइसका आप पर असर\nयह प्रशासनिक आदेश सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अपनी वास्तविक लैंगिक पहचान को कानूनी रूप से दर्ज कराने की प्रक्रिया को स्पष्ट और सुगम बनाता है।\n\n• राजस्थान में: राज्य सरकार के महकमों में सेवा नियमों के तहत नाम और लिंग संशोधन की औपचारिक व्यवस्था मजबूत हुई है। सरकारी सेवा में तैनात अन्य कर्मचारी भी आवश्यक नियमों का पालन कर आधिकारिक सेवा अभिलेखों में अपनी पहचान संशोधित करा सकते हैं।\n• कोटा में: राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय नान्ता महल में खेलकूद और शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के जारी रहेंगी। स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रशासन और छात्रों के लिए शिक्षक की नई पहचान को सामान्य रूप से स्वीकार करने का स्पष्ट मार्गदर्शन मिला है।\n• दस्तावेजीकरण पर: सेवा पुस्तिका और वेतन अभिलेखों में संशोधन के लिए राजपत्र और सेवा नियमावली के नियमों का पालन करना अनिवार्य रहता है। किसी भी कर्मचारी को ऐसे बदलाव के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व प्रशासनिक मंजूरी लेनी होती है।\n• कानूनी अधिकारों पर: ट्रांसजेंडर व्यक्ति संरक्षण कानून के प्रावधानों का व्यावहारिक क्रियान्वयन सरकारी तंत्र में दिखाई दे रहा है। इससे सार्वजनिक संस्थानों में लैंगिक पहचान को लेकर कर्मचारियों के नागरिक और संवैधानिक अधिकारों को मजबूती मिलती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nशारीरिक शिक्षक मंदोदरी चौधरी द्वारा अपनी आत्म-पहचान के आधार पर महिला से पुरुष के रूप में पहचान दर्ज कराने की कानूनी अर्जी के चलते यह प्रशासनिक कदम उठाया गया।\n\n• व्यक्तिगत आवेदन: शिक्षक ने अपनी स्वाभाविक लैंगिक पहचान के अनुरूप महिला से पुरुष बनने की औपचारिक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार के शिक्षा महकमे में सेवा अभिलेखों में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा।\n• कानूनी प्रावधान: ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 तथा संबंधित नियम 2020 नागरिकों को अपनी चुनी हुई पहचान दर्ज कराने का कानूनी अधिकार प्रदान करते हैं। इसी कानून के तहत निर्धारित औपचारिकताओं को पूरा किया गया।\n• सेवा नियमावली की अनुमति: राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 8एफ और सरकारी राजपत्र में प्रकाशित नियमों के तहत सेवा पुस्तिका में परिवर्तन का स्पष्ट प्रावधान है। वरिष्ठ शासन उप सचिव के 9 सितंबर 2026 के पत्र के बाद बीकानेर निदेशालय ने 28 अक्टूबर 2026 को यह औपचारिक आदेश निकाला।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोटा के शारीरिक शिक्षक का बदला हुआ नया नाम क्या है?\nकोटा के शारीरिक शिक्षक मंदोदरी चौधरी का नया परिवर्तित नाम अब सरकारी रिकॉर्ड में रुद्र जाट दर्ज किया गया है।\n\n2. नाम और लिंग परिवर्तन का यह आधिकारिक आदेश किस विभाग ने जारी किया?\nयह आदेश बीकानेर स्थित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।\n\n3. रुद्र जाट किस विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं?\nवे कोटा जिले के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय नान्ता महल में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।\n\n4. क्या पहचान बदलने के बाद उनका तबादला किसी अन्य विद्यालय में किया गया है?\nनहीं, विभागीय आदेश के अनुसार उनके पद या स्कूल में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वे उसी बालिका विद्यालय में शिक्षक रहेंगे।\n\n5. इस प्रशासनिक मंजूरी के लिए किन कानूनी नियमों का हवाला दिया गया है?\nआदेश में राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 8एफ, राज्य राजपत्र और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 का संदर्भ दिया गया है।",
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  "publishedAt": "2026-10-31",
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    "राजस्थान शिक्षा विभाग",
    "रुद्र जाट",
    "मंदोदरी चौधरी",
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