राजस्थान में उन्नत खेती और नवाचार करने वाले किसानों को मिलेगा 50 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार, जानिए आवेदन प्रक्रिया राजस्थान में आत्मा योजना 2026-27 के तहत नवाचार, जैविक खेती और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तय की गई है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तौर-तरीकों, नई तकनीकों और सतत पद्धतियों को अपनाने वाले अन्नदाताओं को सम्मानित करने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। राजस्थान में पारंपारिक खेती से आगे बढ़कर डेयरी, बागवानी, जैविक उत्पादकता और नए अनुसंधानों के जरिए मिसाल कायम करने वाले काश्तकारों को आत्मा योजना 2026-27 के जरिए नकद राशि और सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि इसका दायरा केवल राज्य मुख्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्तर की पंचायत समितियों से लेकर जिले और अंततः प्रदेश स्तर तक चयन की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। पांच प्रमुख श्रेणियों में परखा जाएगा किसानों का प्रदर्शन इस प्रोत्साहन योजना में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच अलग-अलग कार्यक्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। इन श्रेणियों में मुख्य फसल कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन, प्राकृतिक व जैविक खेती तथा कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार शामिल हैं। जो किसान पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को आधुनिक वैज्ञानिक सोच के साथ जोड़ रहे हैं अथवा कम लागत में अधिक उत्पादकता देने वाले नए प्रयोग सफलतापूर्वक लागू कर चुके हैं, वे अपनी वास्तविक उपलब्धियों के प्रमाण के साथ इन श्रेणियों में अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। पंचायत समिति से राज्य स्तर तक चयन का पूरा प्रारूप प्रोत्साहन चयन की शुरुआत सबसे पहले जमीनी स्तर पर पंचायत समितियों के माध्यम से होगी। प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र से सभी पांचों निर्धारित गतिविधियों में से एक-एक उत्कृष्ट किसान को चुना जाएगा, जिसका अर्थ है कि एक समिति से कुल 5 प्रतिभागियों का चयन होगा। इसके पश्चात इन पंचायत स्तरीय विजेताओं की उपलब्धियों का मूल्यांकन जिला स्तर पर किया जाएगा। प्रत्येक जिले में पांचों गतिविधियों के अंतर्गत दो-दो किसानों को चुना जाएगा, जिससे जिला स्तर पर कुल 10 सफल कृषकों का सम्मान तय होगा। राज्य स्तर पर भी यही पारदर्शी व्यवस्था लागू रहेगी। सभी जिलों से चयनित उत्कृष्ट काश्तकारों में से प्रत्येक गतिविधि में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों का चयन होगा। इस प्रकार प्रदेश भर से कुल 10 किसानों को सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना जाएगा। इस त्रिस्तरीय रूपरेखा का सीधा लाभ यह है कि दूरदराज के गांवों में काम करने वाले मेहनती किसानों को भी क्रमशः विकास खंड से लेकर राज्य की राजधानी तक पहचान बनाने का सीधा अवसर मिलता है। तीन स्तरों पर तय की गई पुरस्कार राशि चयनित किसानों को मिलने वाली सम्मान राशि भी प्रशासनिक स्तर के अनुसार विभाजित की गई है। विकास खंड यानी पंचायत समिति स्तर पर चयनित होने वाले प्रत्येक किसान को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर उत्कृष्ट पाए जाने वाले किसानों को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। सर्वोच्च स्तर यानी राज्य स्तर पर चुने जाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये के नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। यह वित्तीय प्रोत्साहन किसानों को खेती की नई पद्धतियों में आगे निवेश करने और अन्य ग्रामीणों को प्रेरित करने का संबल देता है। पात्रता नियम और पूर्व पुरस्कार विजेताओं के लिए शर्तें योजना के नियमों के तहत सभी किसान इस पुरस्कार के लिए आवेदन करने के हकदार नहीं होंगे। कृषि विभाग द्वारा तय किए गए मापदंडों के मुताबिक, वर्ष 2009-10 से लेकर वर्ष 2025-26 के दौरान किसी भी सरकारी योजना के तहत पंचायत, जिला या राज्य स्तर पर पहले पुरस्कार प्राप्त कर चुके किसान इस वर्ष आवेदन नहीं कर सकते। विभाग का उद्देश्य नए और अब तक अनदेखे रहे परिश्रमी किसानों को मंच प्रदान करना है। इसलिए कृषकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पूर्व प्राप्तियों और पात्रता शर्तों की भली-भांति पुष्टि करने के बाद ही फार्म भरें, ताकि बाद में छंटनी प्रक्रिया के दौरान आवेदन निरस्त न हो। आवेदन की समय सीमा और फार्म जमा करने का स्थान इस पूरी चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए 30 अक्टूबर की तारीख अंतिम समय सीमा के रूप में तय की गई है। इच्छुक काश्तकारों के लिए आवेदन पत्र पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसान अपने भरे हुए आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी अथवा संबंधित ब्लॉक व जिला स्तर के सहायक निदेशक कृषि कार्यालय में सीधे जमा करवा सकते हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक शिवाजी राम कटारिया ने काश्तकारों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी प्रविष्टियां जमा करें, ताकि नवाचार और विशेष उपलब्धियों का उचित मूल्यांकन हो सके। इसका आप पर असर यह योजना राजस्थान के ग्रामीण किसानों को अपनी नई तकनीकों और प्रयोगों के बल पर पहचान और वित्तीय मदद पाने का सीधा अवसर प्रदान करती है। • राजस्थान में: प्रगतिशील किसानों को ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर 10,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का सीधा नकद पुरस्कार जीतने का मौका मिलेगा। इच्छुक किसान 30 अक्टूबर तक अपने नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय में निशुल्क फार्म जमा कर सकते हैं। • कृषि नवाचार पर प्रभाव: रासायनिक खादों की जगह जैविक खेती और उन्नत डेयरी तकनीक अपनाने वाले काश्तकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर अन्य किसानों को भी आधुनिक और कम लागत वाली तकनीकें सीखने की प्रेरणा मिलेगी। • नए काश्तकारों को मौका: वर्ष 2009-10 से 2025-26 तक पहले पुरस्कृत हो चुके किसान बाहर रहेंगे, जिससे नए प्रयोगधर्मी किसानों के चयन की संभावना बढ़ जाएगी। जो किसान पहले कभी सम्मानित नहीं हुए, वे बिना किसी पुराने विजेताओं की प्रतिस्पर्धा के अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। • आर्थिक संबल: पुरस्कार राशि से छोटे और मध्यम किसान अपनी खेती में उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई या जैविक खाद जैसे संसाधनों में निवेश कर सकेंगे। इससे ग्रामीण स्तर पर खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ कृषि विभाग ने पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़कर तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आत्मा योजना 2026-27 के तहत इस पुरस्कार कार्यक्रम का खाका तैयार किया है। • नवाचार को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता: जलवायु परिवर्तन और बढ़ती लागत के बीच पारंपरिक खेती कम मुनाफे का सौदा बनती जा रही है। ऐसे में नई तकनीकों, जैविक खाद और बागवानी जैसे बहुआयामी प्रयोगों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी हो गया था। • ग्रामीण प्रतिभाओं की पहचान का अभाव: कई दूरदराज के किसान व्यक्तिगत स्तर पर शानदार वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं लेकिन उन्हें मंच नहीं मिल पाता। पंचायत समिति स्तर से चयन शुरू करने की व्यवस्था इसीलिए बनाई गई ताकि जमीनी काश्तकारों को राज्य स्तर तक पहचान मिल सके। • समान अवसर सुनिश्चित करने की नीति: पूर्व में अक्सर वही स्थापित किसान बार-बार पुरस्कार जीतते रहे हैं। इस असंतुलन को समाप्त करने के लिए विभाग ने 2009-10 से 2025-26 तक पुरस्कृत किसानों पर प्रतिबंध लगाकर नए चेहरों के लिए दरवाजे खोले हैं। सवाल-जवाब 1. आत्मा योजना 2026-27 के तहत अधिकतम कितनी पुरस्कार राशि मिल सकती है? राज्य स्तर पर चयनित होने वाले किसानों को अधिकतम 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। 2. पंचायत समिति और जिला स्तर पर चयनित किसानों को कितनी राशि मिलेगी? पंचायत समिति स्तर पर 10 हजार रुपये और जिला स्तर पर चयनित किसानों को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। 3. इस योजना के तहत किन गतिविधियों या श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे? कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, जैविक खेती और नवाचार खेती जैसी पांच श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान आवेदन कर सकते हैं। 4. आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है? इस पुरस्कार योजना के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। 5. आवेदन पत्र कहां से प्राप्त किए जा सकते हैं और कहां जमा कराने होंगे? आवेदन पत्र निशुल्क उपलब्ध हैं, जिन्हें भरकर कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी या सहायक निदेशक कृषि कार्यालय में जमा किया जा सकता है। 6. कौन से किसान इस योजना के तहत आवेदन करने के पात्र नहीं हैं? वर्ष 2009-10 से लेकर 2025-26 तक किसी भी सरकारी योजना में किसी भी स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर चुके किसान आवेदन के लिए पात्र नहीं हैं। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-men-unnata-kheti-aura-navachara-karane-vale-kisanon-ko-milega-50-hajara-rupaye-taka-ka-nakada-puraskara-janie-avedana-pr-41746 TrendKia — Har trend, sabse pehle.