राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 162 निकायों में 9 सितंबर को पहले चरण का मतदान, सीएम भजनलाल शर्मा का तूफानी चुनाव प्रचार और बागी नेताओं पर गिरी गाज राजस्थान में नगर निकाय आम चुनाव 2026 के प्रथम चरण के तहत 9 सितंबर को 162 नगरीय निकायों के 5,425 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए मतदान दलों की रवानगी, अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा और शराब बिक्री पर पाबंदी लागू कर दी गई है। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 के पहले चरण का चुनावी बिगुल बज चुका है और 9 सितंबर को प्रदेश के 162 नगरीय निकायों के कुल 5,425 वार्डों में मतदान आयोजित किया जाएगा। इस चरण में 4 नगर निगम, 24 नगर परिषद और 134 नगर पालिकाएं शामिल हैं, जहां सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासनों ने मतदान दलों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के साथ रवाना करना शुरू कर दिया है। इधर राजनीतिक पारे को चढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली और कोटा में ताबड़तोड़ रोड शो तथा जनसभाएं की हैं, तो वहीं अनुशासनहीनता पर लगाम लगाने के लिए भाजपा ने दर्जनों बागी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पाली और कोटा में चुनाव प्रचार निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पाली और कोटा का विस्तृत दौरा किया। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर द्वारा पाली पहुंचे, जहां श्रीमती गुमान बाई पन्नालाल भंशाली राजकीय कन्या महाविद्यालय के हेलीपैड पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और सांसद पी.पी. चौधरी ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री सूरजपोल पहुंचे और स्थानीय भाजपा उम्मीदवारों से बातचीत कर वृहद रोड शो का शुभारंभ किया। पाली में सीएम का रोड शो सूरजपोल से आरंभ होकर सोमनाथ मंदिर पहुंचा, जहां उन्होंने भगवान महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद यह चुनावी जुलूस सर्राफा बाजार, फतेहपुरिया बाजार और पानी दरवाजा क्षेत्रों से गुजरते हुए सिंधी कॉलोनी में संपन्न हुआ। सिंधी कॉलोनी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री ने सिंधु भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक रणनीति पर समीक्षा बैठक की। पाली का कार्यक्रम पूरा करने के उपरांत मुख्यमंत्री दोपहर में कोटा के लिए रवाना हुए, जहां कैथूनीपोल क्षेत्र में उन्होंने विशाल रैली को संबोधित किया और कैथूनीपोल थाना क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर घंटे भर लंबा रोड शो निकालकर भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगा। जयपुर, भरतपुर और बांसवाड़ा में सुरक्षा व मतदान दलों की रवानगी जयपुर जिले के अंतर्गत आने वाले 18 नगरीय निकायों में प्रथम चरण के तहत 9 सितंबर को वोट डाले जाएंगे, जिनमें 2 नगर परिषद और 16 नगर पालिकाएं शामिल हैं। मतदान दलों को चुनाव सामग्री और पोलिंग किट के साथ सीकर रोड पर स्थित श्री भवानी निकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी से दो अलग-अलग पारियों में केंद्रों के लिए भेजा गया। जयपुर जिले के कुल 565 पोलिंग बूथों में से 152 बूथों को क्रिटिकल यानी अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार चौमूं निकाय में सर्वाधिक 23, शाहपुरा में 20 और चाकसू में 13 क्रिटिकल बूथ बनाए गए हैं। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में दूसरे चरण के तहत 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में 9 सितंबर को होने वाले चुनाव के लिए राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतदान कर्मियों को अंतिम चरण का प्रशिक्षण दिया गया। भरतपुर के कुल 201 मतदान केंद्रों में से 50 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। इसी तरह बांसवाड़ा नगर परिषद के 60 वार्डों में मतदान कराने के लिए 99 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें से 25 संवेदनशील बूथों पर कड़ी चौकसी के निर्देश दिए गए हैं। हरिदेव जोशी रंगमंच पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पोलिंग पार्टियां अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गईं। अलवर, टोंक, करौली और बूंदी में चुनावी तैयारियां अलवर शहर और आसपास के इलाकों में शांतिपूर्ण वोटिंग कराने के लिए राजकीय बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय परिसर से मतदान दलों को रवाना किया गया। अलवर नगर निगम क्षेत्र के लिए 249 पोलिंग टीमें बनाई गई हैं, जबकि रामगढ़ में 35, नौगांवा में 20, मालाखेड़ा में 20 और बहादुरपुर में 25 टीमें भेजी गई हैं। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 प्रतिशत टीमों को रिजर्व रखा है। टोंक जिले के 5 निकायों के 135 वार्डों में मतदान कराने की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इसमें निवाई के 40, देवली के 35 और उनियारा, दूनी व पीपलू के 20-20 वार्ड शामिल हैं। वहीं करौली जिले में नगर परिषद करौली के 55 वार्डों के लिए 66 पोलिंग पार्टियां और मंडरायल व सपोटरा के 20-20 वार्डों के लिए 20-20 पार्टियां राजकीय महाविद्यालय करौली से रवाना की गईं। एडीएम जगदीश प्रसाद और रिटर्निंग अधिकारी राकेश कुमार रावत ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बूंदी जिले के बूंदी शहर, देई, केशवराय पाटन और इंद्रगढ़ में भी मंगलवार से ही चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान पूरा कराया जा रहा है। आमेर में हिंसक वारदात, श्रीडूंगरगढ़ में हंगामा और देशनोक में शराब जब्त चुनाव प्रचार के चरम के बीच जयपुर के आमेर कस्बे में गाइड मनीष सोनी की चाकू मारकर हत्या किए जाने की दुखद घटना सामने आई। इस वारदात से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने आमेर के मुख्य बाजार बंद करवाकर धरने पर बैठ गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आमेर मार्ग का ट्रैफिक डायवर्ट किया और भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ अंतर्गत मोमासर बास क्षेत्र में भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत के जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया। विधायक जब अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, तब स्थानीय युवाओं ने मूलभूत जनसमस्याओं पर तीखे सवाल पूछना शुरू कर दिया। बहस बढ़ने पर मौके पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। उधर देशनोक थाना पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक काले रंग की क्रेटा गाड़ी को जब्त किया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 141 पव्वे देशी शराब, 96 पव्वे अंग्रेजी शराब और 12 बोतलें अंग्रेजी शराब बरामद की गईं। गाड़ी से कांग्रेस पार्टी का दुपट्टा और दस्तावेज मिले हैं। यह कार कांग्रेस नेता ओमदान की बताई जा रही है, जिनकी पत्नी देशनोक नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 से कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। बागियों पर भाजपा का बड़ा एक्शन और शुष्क दिवस के कड़े नियम पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय मैदान में उतरने वाले और अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं पर भाजपा संगठन ने कठोर कदम उठाए हैं। पार्टी ने राज्य भर में 41 पदाधिकारियों को 6 साल की अवधि के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है, जिनमें से अकेले जयपुर के 26 नेता शामिल हैं। अजमेर में भी 6 बागी नेताओं को बाहर निकाला गया है, जिनमें वार्ड 4 से निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत, उनके पति व पूर्व मेयर के पति धर्मेंद्र गहलोत, अजमेर भाजपा महामंत्री शंकर सिंह रावत, पूर्व पार्षद हेमलता बंसल, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रकाश बंसल और रेनू यादव के नाम शामिल हैं। नाथद्वारा नगर पालिका के 40 वार्डों में भी प्रचार का शोर पूरी तरह थम चुका है, जहां कुल 29,355 मतदाता (15,244 पुरुष, 14,109 महिला और वार्ड 11 में 2 थर्ड जेंडर) अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान आबकारी विभाग ने शराब बंदी की समय सीमा घोषित कर दी है। राज्य के 309 निकायों में दो चरणों में होने वाली वोटिंग के तहत पहले चरण के लिए 7 सितंबर शाम 6:00 बजे से 9 सितंबर शाम 6:00 बजे तक शराब बिक्री पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। द्वितीय चरण के लिए 9 सितंबर शाम 6:00 बजे से 11 सितंबर शाम 6:00 बजे तक तथा मतगणना के दिन 14 सितंबर को पूरे प्रदेश में सूखा दिवस (ड्राय डे) प्रभावी रहेगा। इसका आप पर असर राजस्थान के 162 नगरीय निकायों में 9 सितंबर को होने जा रहे निकाय चुनाव और संबंधित प्रशासनिक पाबंदियों का आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: लोकतांत्रिक निकायों के इस चुनाव से स्थानीय शहरी प्रशासन, सफाई और नागरिक सुविधाओं के बजट आबंटन पर असर पड़ता है। इससे शहरी विकास की गति तय होती है। • राजस्थान में: 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक राज्य भर में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। शराब की दुकानें, बार और व्यावसायिक आबकारी आउटलेट बंद रहेंगे। • मतदाताओं के लिए: 9 सितंबर को वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी, इसलिए अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर समय से पहुंचकर वोट डालें। फोटो पहचान पत्र या स्वीकृत सरकारी पहचान पत्र साथ ले जाना अनिवार्य है। • यातायात व यात्रा: आमेर और रोड शो वाले क्षेत्रों जैसे पाली व कोटा में ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। यात्री और राहगीर वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। • सार्वजनिक सुरक्षा: 152 क्रिटिकल बूथों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा, जिससे कानून-व्यवस्था सख्त रहेगी। ऐसा क्यों हुआ राजस्थान में 9 सितंबर को 162 नगरीय निकायों के 5,425 वार्डों में प्रथम चरण का मतदान होने जा रहा है, जिसके चलते संपूर्ण राज्य में प्रशासनिक, सुरक्षात्मक और राजनीतिक हलचल तेज हुई है। • संवैधानिक प्रक्रिया: नगरीय निकायों का कार्यकाल पूरा होने के कारण राजस्थान निर्वाचन आयोग द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की समय-सारणी निर्धारित की गई है। • सुरक्षा उपाय: चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए 152 क्रिटिकल बूथों की पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। • शराबबंदी की वजह: चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने या आचार संहिता का उल्लंघन रोकने के लिए 48 घंटे पूर्व से शुष्क दिवस लागू किया गया है। • पार्टी की कार्रवाई: भाजपा द्वारा 41 नेताओं को निष्कासित किया गया ताकि आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। सवाल-जवाब 1. राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के पहले चरण में कब और कितने निकायों में मतदान होगा? पहले चरण का मतदान 9 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा, जिसमें प्रदेश के 162 नगरीय निकायों के 5,425 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। 2. जयपुर में कितने क्रिटिकल मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं? जयपुर जिले में कुल 565 मतदान केंद्रों में से 152 बूथों को क्रिटिकल चिन्हित किया गया है, जिसमें चौमूं में सबसे ज्यादा 23 क्रिटिकल बूथ हैं। 3. चुनाव के दौरान ड्राई डे यानी शराबबंदी की समय सीमा क्या रहेगी? प्रथम चरण के लिए 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक, द्वितीय चरण के लिए 9 सितंबर शाम 6 बजे से 11 सितंबर शाम 6 बजे तक और मतगणना के दिन 14 सितंबर को शुष्क दिवस रहेगा। 4. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किन शहरों में चुनाव प्रचार और रोड शो किया? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली और कोटा शहरों में विशाल रोड शो और जनसभाएं करके भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगा। 5. अनुशासनहीनता के मामले में भाजपा ने कितने नेताओं पर निष्कासन की कार्रवाई की है? भाजपा ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले 41 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है, जिसमें जयपुर से 26 और अजमेर से 6 नेता शामिल हैं। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-nikay-chunav-2026-first-phase-voting-sept-9-cm-bhajan-lal-sharma-campaign-bjp-action-29492 TrendKia — Har trend, sabse pehle.