राजस्थान निकाय चुनावों का सियासी पारा हाई, धौलपुर में मारपीट और कांग्रेस का जेन-जी अभियान राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जयपुर में कांग्रेस युवाओं को जोड़ने के लिए नया अभियान शुरू कर रही है, जबकि जोधपुर और धौलपुर जैसी जगहों पर विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें सामने आई हैं। राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच घमासान तेज होता जा रहा है। जयपुर से लेकर धौलपुर और जोधपुर तक विभिन्न घटनाओं ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के दौर के बीच कांग्रेस पार्टी ने युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए विशेष रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। वहीं, कई जिलों में टिकट बंटवारे को लेकर अंतर्कलह और विरोध प्रदर्शनों का दौर भी जारी है, जिससे चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। धौलपुर और जोधपुर में बढ़ते विवाद और धरने धौलपुर नगर परिषद के वार्ड 26 में चुनावी रंजिश का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां विरोधी गुट ने कथित तौर पर एक पार्षद प्रत्याशी के पति पर हमला कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने कोतवाली थाने में मारपीट, धारदार हथियार के इस्तेमाल और हवाई फायरिंग की शिकायत दर्ज कराई है। इस हमले में घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे पुराने विवाद के चलते ही इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस ने किसी को टिकट नहीं दिया था। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। उधर, जोधपुर की मथानिया नगर पालिका में भी नामांकन के बाद से राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि तय समय के बाद भी भाजपा विधायक भेराराम सियोल रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में मौजूद थे। इस बात से नाराज होकर उन्होंने रातभर धरना दिया और बाद में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों की मध्यवार्ता के बाद मामला शांत हुआ। कांग्रेस का युवा मतदाताओं पर विशेष फोकस युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक नया कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग द्वारा एक विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत युवा वर्ग तक पहुंच बनाई जाएगी। जयपुर के मालवीय नगर में आयोजित होने वाली एक विशेष प्रेस वार्ता में इस युवा समिति की घोषणा की जाएगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके युवा मतदाताओं को सीधे संवाद से जोड़ना और उन्हें चुनावी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर पार्टी का जनाधार मजबूत होगा। जयपुर और सिरोही में नामांकन के आंकड़े और टिकट वितरण का घमासान जयपुर जिले में निकाय चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अंतिम दिन हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने अपने पर्चे दाखिल किए। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए सबसे अधिक नामांकन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा शाहपुरा, चाकसू, चौमूं और अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक के अनुसार, आगामी दिनों में नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी और उसके बाद चुनाव चिह्न बांटे जाएंगे। दूसरी ओर, सिरोही जिले में भी सभी छह नगरीय निकायों के लिए बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल किए गए हैं। हालांकि, सिरोही और शिवगंज जैसे इलाकों में टिकट वितरण को लेकर भाजपा के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है, जहां पार्टी के बड़े नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद की खबरें हैं। विपक्ष का सत्ताधारी दल पर तीखा हमला जयपुर में निकाय चुनावों के नामांकन के दौरान विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जयपुर शहर की मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है और जनता को सड़क, पानी, बिजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वे सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में अभियान चलाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि उनके अधिकांश उम्मीदवार युवा और शिक्षित हैं जो शहर के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। इसका आप पर असर राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के दौरान हो रही राजनीतिक गतिविधियों का सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और स्थानीय प्रशासन पर पड़ता है। • भारत में: स्थानीय चुनावों से जुड़े घटनाक्रम देश भर के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को सीधे प्रभावित करते हैं। • राजस्थान में: राज्य के विभिन्न जिलों में चल रही चुनावी प्रक्रिया और विरोध प्रदर्शनों के कारण आम जनता को यातायात डायवर्जन और प्रशासनिक कामकाज में देरी का सामना करना पड़ सकता है। • मतदाताओं के लिए: चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदाताओं को बिना किसी प्रलोभन के अपने मताधिकार का स्वतंत्र उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। • सुरक्षा व्यवस्था: चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। सवाल-जवाब 1. राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव क्यों चर्चा में हैं? राज्य के विभिन्न जिलों में नामांकन प्रक्रिया, राजनीतिक दलों की रैलियों, टिकट वितरण को लेकर असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के कारण ये चुनाव चर्चा में हैं। 2. धौलपुर में किस घटना ने विवाद खड़ा किया? धौलपुर के वार्ड 26 में एक पार्षद प्रत्याशी के पति पर विरोधी पक्ष द्वारा कथित तौर पर हमला करने और फायरिंग का मामला सामने आया है। 3. जोधपुर के मथानिया में पूर्व विधायक ने धरना क्यों दिया? पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी भाजपा विधायक रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में मौजूद थे। 4. कांग्रेस पार्टी युवा मतदाताओं के लिए क्या कर रही है? कांग्रेस का सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक नया अभियान और जेन-जी समिति शुरू कर रहा है। 5. जयपुर में कितने नामांकन पत्र दाखिल किए गए? जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों के लिए हजारों की संख्या में नामांकन पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें अकेले जयपुर नगर निगम के लिए बड़ी संख्या में पर्चे भरे गए। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-nikay-chunav-dholpur-aur-congress-gen-z-abhiyan-25594 TrendKia — Har trend, sabse pehle.