राजस्थान पर पश्चिमी विक्षोभ का प्रकोप: टोंक में बिजली तंत्र ध्वस्त, 14 जिलों में रेड अलर्ट और जयपुर में सुबह झमाझम बारिश एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान के 14 जिलों में IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि टोंक में 24 घंटे के तूफान ने दर्जनों बिजली पोल और ट्रांसफार्मर गिरा दिए और जयपुर में सुबह तेज बारिश हुई। राजस्थान इस समय एक बेहद ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ की चपेट में है, जिसका असर अब बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने राज्य में अचानक बिगड़े हालात को देखते हुए अगले 3 घंटों के लिए भीषण तूफान का हाई अलर्ट घोषित किया है। पिछले 24 घंटों में बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई, और अब विभाग का कहना है कि बादलों की तीव्र हलचल के चलते राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से में आंधी, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली का खतरा मंडरा रहा है। किन 14 जिलों पर सबसे बड़ा खतरा सबसे गंभीर श्रेणी का रेड अलर्ट जिन 14 जिलों के लिए जारी हुआ है, उनमें झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, अलवर, कोटपूतली बहरोड़, खैरथल-तिजारा, दौसा और चूरू शामिल हैं। यहां तेज मेघगर्जन के साथ 80 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार की झंझावाती हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में हल्की से भारी ओलावृष्टि और मध्यम से तेज बारिश के पूरे आसार हैं। भरतपुर, अलवर, दौसा, करौली, धौलपुर और सवाई माधोपुर के प्रशासन को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। टोंक: 24 घंटे के तूफान ने बिजली व्यवस्था चरमरा दी तूफान की सबसे भारी मार टोंक जिले पर पड़ी, जहां बीते 24 घंटों में आई तेज आंधी ने बड़ा नुकसान किया। जिले के अलग-अलग इलाकों में करीब 80 से 90 बिजली पोल टूट गए और 20 से 25 सिंगल फेज ट्रांसफार्मर गिर पड़े। सोप क्षेत्र में 33 केवी लाइन के 22 पोल धराशायी हो गए, जबकि उनियारा क्षेत्र के कई फीडर बंद होने से बिजली आपूर्ति ठप रही। टोडारायसिंह, बन का खेड़ा और मोर रीको समेत कई इलाकों में पोल गिरने से लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। बिजली विभाग को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। हालांकि विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत में जुट गईं और अधिकांश इलाकों में आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली विभाग के एसई के.एल. पटेल लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। जयपुर में सुबह बदला मिजाज, गर्मी से राहत राजधानी जयपुर में मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित हुई। आज सुबह-सुबह जयपुर और आसपास के इलाकों में अचानक काले घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे शहरवासियों के लिए यह बारिश बड़ी राहत लेकर आई। महातूफान के रेड अलर्ट के बीच हुई इस तेज बारिश से पूरे शहर का तापमान काफी गिर गया और मौसम सुहावना हो गया। 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के सीमावर्ती हिस्सों में भी कुदरत के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। मौसम केंद्र जयपुर ने हनुमानगढ़, बीकानेर, श्रीगंगानगर, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, बूंदी और कोटा — इन 7 प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार यहां हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। तेज धूलभरी आंधी से जनजीवन और यातायात के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है, साथ ही गरज-चमक, ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। 6 जिलों में येलो अलर्ट तुलनात्मक रूप से थोड़ी राहत वाले पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के फलोदी, नागौर, ब्यावर, भीलवाड़ा, झालावाड़ और बारां जिलों के लिए येलो अलर्ट रखा गया है। यहां मौसम कुछ कम आक्रामक रहेगा, फिर भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। क्या-क्या टूट सकता है, क्या बरतें सावधानी विभाग की चेतावनी है कि अत्यधिक तेज आंधी और बारिश से बड़े व पुराने पेड़, बिजली के खंभे, सोलर पैनल, विज्ञापन होर्डिंग्स और कमजोर कच्चे ढांचे पूरी तरह ढह सकते हैं। धूलभरी आंधी से दृश्यता बेहद कम हो जाएगी, जिससे सड़कों पर सफर जानलेवा साबित हो सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को ओलावृष्टि से भारी नुकसान का खतरा है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मेघगर्जन और अंधड़ के समय पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे कतई शरण न लें, बल्कि तुरंत किसी पक्के मकान के अंदर चले जाएं। वाहन चालकों को आंधी के दौरान गाड़ी किसी सुरक्षित जगह रोकने की सलाह दी गई है। घर के भीतर मौजूद लोग वज्रपात से बचाव के लिए अपने बिजली उपकरण तुरंत अनप्लग कर दें, खिड़कियों-दरवाजों से दूरी बनाएं और धातु की वस्तुओं या पानी के नलों को छूने से बचें। रेड अलर्ट का मतलब और इसकी समय-सीमा रेड अलर्ट का अर्थ है कि मौसम बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और जान-माल का नुकसान हो सकता है। IMD ने यह अलर्ट अगले 3 घंटों के लिए अत्यंत तीव्र महातूफान को देखते हुए जारी किया है, जिसके तहत 14 जिलों में विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-para-pashchimi-vikshobha-ka-prakopa-tonka-men-bijali-tntra-dhvasta-14--541 TrendKia — Har trend, sabse pehle.