# राजस्थान के धौलपुर में शारदीय नवरात्रि पर शक्ति सुरक्षा अभियान शुरू, गरबा पंडालों में सादे कपड़ों में रहेगी कालिका टीम

> धौलपुर में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में घटस्थापना और पूजा-अर्चना के बीच पुलिस ने महिला सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। गरबा स्थलों पर कालिका टीम सादे कपड़ों में तैनात रहेगी और हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-police-launch-shakti-suraksha-drive-for-navratri-in-dholpur-deploy-plainclothes-kalika-units-at-garba-venues-46350 · **Language:** Hindi
**Tags:** धौलपुर, शारदीय नवरात्रि, राजस्थान पुलिस, शक्ति सुरक्षा अभियान, कालिका टीम, गरबा सुरक्षा, घटस्थापना

धौलपुर में शारदीय नवरात्रि के आरंभ के साथ ही पूरे इलाके में धार्मिक उल्लास देखा जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन भक्तों ने विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री का पूजन किया और शक्ति की आराधना की शुरुआत की। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों से लेकर स्थानीय बाजारों तक श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जिससे हर तरफ त्योहार की हलचल बनी हुई है।

## मंदिरों में भव्य सजावट और बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी
पर्व के स्वागत के लिए धौलपुर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया है। धार्मिक स्थलों को आकर्षक प्राकृतिक फूलों, लंबी लड़ियों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। वहीं त्योहार को लेकर बाजारों में भी सुबह से रौनक छाई हुई है। श्रद्धालु पूजा अनुष्ठान के लिए चुनरी, नारियल, पारंपरिक श्रृंगार की वस्तुएं और अन्य जरूरी सामान लेने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक पूजा पंडालों में कलश की स्थापना की जा रही है, जहां महिला और पुरुष श्रद्धालु व्रत रखकर अनुष्ठान पूरा कर रहे हैं।

## घटस्थापना, अखंड ज्योत और दुर्गा सप्तशती का पाठ
नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत उपासना की परंपरा निभाई जाएगी। सवेरे से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन के लिए लग गईं। कई मंदिरों में पुरोहितों और भक्तों ने मिलकर दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का पाठ शुरू किया, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बन गया है। अधिकांश घरों में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई है, जो पूरे नौ दिनों तक निरंतर जलती रहेगी।

## गरबा और डांडिया स्थलों पर सुरक्षा के लिए शक्ति सुरक्षा अभियान
त्योहार के दौरान आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया उत्सवों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन की ओर से विशेष तौर पर **शक्ति सुरक्षा अभियान** की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत भीड़भाड़ वाले गरबा स्थलों और उत्सव परिसरों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। किसी भी तरह की छेड़खानी या अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रख रही हैं।

## सादे कपड़ों में कालिका टीम और डिजिटल सहायता के इंतजाम
उत्सव को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस की विशेष **कालिका टीम** को सादे कपड़ों में डिकॉय के रूप में तैनात किया गया है। यह टीम पंडालों के भीतर और उनके आसपास निगरानी रखेगी। बड़े आयोजन स्थलों पर युवतियों और महिलाओं की तत्काल सहायता के लिए महिला हेल्प डेस्क बनाई गई हैं, हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और डिजिटल मदद के लिए क्यूआर कोड लगाए गए हैं। आयोजनों के प्रवेश द्वार, वाहन पार्किंग और आसपास की गलियों में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक या भय के उत्सव का हिस्सा बन सकें।

## इसका आप पर असर
गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में शामिल होने वाली महिलाओं और आम श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा और त्वरित सहायता की सुविधा मिलेगी।

- **राजस्थान में:** त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है ताकि आयोजनों में अनुशासन बना रहे। पुलिस की मौजूदगी से त्योहार के दौरान अनहोनी की आशंका कम होगी।
- **धौलपुर में:** गरबा पंडालों में महिला हेल्प डेस्क, हेल्पलाइन और क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं। किसी भी असहज स्थिति या परेशानी में युवतियां और महिलाएं तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
- **आयोजकों के लिए:** पंडालों, प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों पर निगरानी व्यवस्था सख्त रखी गई है। इससे कार्यक्रम स्थलों पर अनियंत्रित भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण रखने में आसानी होगी।
- **श्रद्धालुओं के लिए:** सादे कपड़ों में तैनात कालिका टीम असामाजिक तत्वों पर सीधी नजर रखेगी। इसके चलते परिवार और युवतियां बिना किसी झिझक के देर शाम तक आयोजनों में भाग ले सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
नवरात्रि के दौरान भारी भीड़, गरबा आयोजनों और बाजारों में हलचल को देखते हुए प्रशासन ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की है।

- **भीड़ और सांस्कृतिक आयोजन:** शारदीय नवरात्रि के मौके पर मंदिरों और गरबा मैदानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। देर रात तक चलने वाले इन आयोजनों में सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होती है।
- **छेड़छाड़ की रोकथाम:** सार्वजनिक उत्सवों में असामाजिक तत्वों और मनचलों द्वारा की जाने वाली हरकतों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी की जरूरत महसूस की गई। इसके चलते महिला पुलिसकर्मियों और सादे कपड़ों वाली टीम को तैनात किया गया है।
- **त्वरित सहायता की आवश्यकता:** बड़ी भीड़ के बीच पारंपरिक पुलिसिंग के अलावा डिजिटल और सीधी सहायता के विकल्प जरूरी होते हैं। इसी कारण पंडालों पर क्यूआर कोड, हेल्पलाइन और सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. धौलपुर में नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा की गई?
नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की।

### 2. गरबा और डांडिया स्थलों पर सुरक्षा के लिए कौन सा अभियान शुरू किया गया है?
राजस्थान पुलिस द्वारा गरबा स्थलों की सुरक्षा के लिए शक्ति सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है।

### 3. पंडालों में सादे कपड़ों में कौन सी पुलिस टीम तैनात रहेगी?
महिलाओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस की कालिका टीम सादे कपड़ों में तैनात रहेगी।

### 4. बड़े गरबा पंडालों में महिलाओं की सहायता के लिए क्या सुविधाएं दी गई हैं?
बड़े पंडालों में महिला हेल्प डेस्क, हेल्पलाइन नंबर और डिजिटल सहायता के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है।

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