# राजस्थान से पहली बार अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य मंच पर पहुंचीं निहारिका राठौड़, थाइलैंड में संभालेंगी भारत का मोर्चा

> जयपुर की 22 वर्षीय निहारिका राठौड़ को 'द मिस ग्लोब इंडिया' का खिताब सौंपा गया है, जिसके बाद वह थाइलैंड के फुकेत में आयोजित होने वाली वैश्विक सौंदर्य प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-se-pahali-bara-antararashtriya-saundarya-mncha-para-pahunchin-niharika-rathore-thailand-men-snbhalengi-india-ka-morcha-43093 · **Language:** Hindi
**Tags:** निहारिका राठौड़, द मिस ग्लोब इंडिया, जयपुर, राजस्थान, मिस फ्यूजन इंडिया, थाईलैंड, फुकेत

राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली निहारिका राठौड़ ने सौंदर्य प्रतियोगिताओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। राष्ट्रीय स्तर के सौंदर्य पेजेंट 'मिस फ्यूजन इंडिया' द्वारा निहारिका को 'द मिस ग्लोब इंडिया' का ताज सौंपा गया है। यह अहम जिम्मेदारी उन्हें पूर्व विजेता अदिति भटनागर के हटने के बाद मिली है, क्योंकि पेजेंट नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में फर्स्ट रनर-अप को यह उपाधि दी जाती है। इस उपलब्धि के साथ ही वह राजस्थान की ऐसी पहली प्रतिभागी बन गई हैं, जिन्होंने 'द मिस ग्लोब' के मुख्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह पक्की की है।

## थाइलैंड के फुकेत में वैश्विक चुनौती और खास तैयारियां
राष्ट्रीय खिताब जीतने के बाद अब निहारिका 24 अक्टूबर से 6 नवंबर, 2026 तक थाइलैंड के फुकेत में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता 'द मिस ग्लोब' में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी। दुनिया भर के दर्जनों देशों से आने वाली शीर्ष सुंदरियों के साथ कड़े मुकाबले को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वह मुख्य रूप से अपनी स्टेज प्रेजेंस, संवाद कौशल और व्यक्तित्व निखारने के सत्रों पर विशेष ध्यान दे रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक शैली का प्रदर्शन करने के लिए जयपुर के प्रमुख फैशन डिजाइनर्स उनके कॉस्ट्यूम और गाउन राउंड के खास परिधान तैयार करने में जुटे हैं। इस प्रतियोगिता के इतिहास में भारत को बड़ी सफलता साल 2016 में मिली थी, जब डिंपल चेतन पटेल ने 'द मिस ग्लोब' का खिताब अपने नाम किया था। पूरे एक दशक बाद अब सबकी निगाहें निहारिका के प्रदर्शन पर टिकी हैं।

## चोट से उबरकर राज्य से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
अंतरराष्ट्रीय पटल तक पहुंचने का निहारिका का यह सफर चुनौतियों और कड़े संघर्षों से भरा रहा है। इससे पहले उन्होंने 'मिस राजस्थान' प्रतियोगिता में भी शिरकत की थी, लेकिन पैर में गंभीर चोट लगने के कारण वह उस समय खिताब जीतने से चूक गई थीं। इस शारीरिक परेशानी और निराशा के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखा। इसके बाद उन्होंने 'मिस फ्यूजन इंडिया' के मंच पर दमदार वापसी की और फर्स्ट रनर-अप बनकर अपनी मजबूत दावेदारी साबित की।

## कानून की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मात्र 22 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने जा रही निहारिका वर्तमान में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से एलएलबी फर्स्ट ईयर की छात्रा हैं। उच्च शिक्षा के साथ-साथ सौंदर्य और फैशन की दुनिया में संतुलन बैठाना उनकी प्रमुख विशेषता रही है। कानून की पढ़ाई से पहले वह लगातार दो वर्षों तक यूपीएससी परीक्षा की गंभीर तैयारी भी कर चुकी हैं।

जब वह मिस राजस्थान की फाइनलिस्ट बनीं, तब उन्होंने अपने करियर की दिशा को पूरी तरह फैशन और मॉडलिंग की ओर मोड़ने का फैसला किया। पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पिता अजीत सिंह राठौड़ प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी मां मीनाक्षी राठौड़ एक गृहिणी हैं। परिवार के निरंतर सहयोग के दम पर ही वह अपने सपनों को साकार करने में सफल रही हैं।

## इसका आप पर असर
निहारिका राठौड़ की यह उपलब्धि सौंदर्य और फैशन उद्योग में क्षेत्रीय प्रतिभाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर खोलती है।

- **भारत में:** देश को एक दशक बाद 'द मिस ग्लोब' का खिताब दोबारा जीतने का मजबूत मौका मिला है। इससे राष्ट्रीय सौंदर्य मंचों पर छोटे शहरों और क्षेत्रीय पृष्ठभूमियों से आने वाले प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ेगा।
- **जयपुर में:** राजस्थान और जयपुर के स्थानीय फैशन डिजाइनरों और परिधान कारीगरों के काम को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। इसके अलावा राज्य की अन्य युवतियों के लिए मॉडलिंग और शिक्षा को साथ लेकर चलने का नया मार्ग प्रशस्त होगा।
- **छात्रों और युवाओं के लिए:** यह सफलता दर्शाती है कि गंभीर पढ़ाई और अन्य करियर रुचियों को एक साथ साधा जा सकता है। एलएलबी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ मॉडलिंग में मिली यह कामयाबी संतुलन का व्यावहारिक उदाहरण पेश करती है।
- **फैशन उद्योग के लिए:** जयपुर के स्थानीय डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉस्ट्यूम और गाउन तैयार करने का सीधा अवसर मिला है। इससे स्थानीय टेक्सटाइल और डिजाइनिंग उद्योग में पेशेवर मांग में तेजी आएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह अवसर राष्ट्रीय पेजेंट के उत्तराधिकार नियमों और पिछली विजेता के प्रतियोगिता से हटने के कारण बना है।

- **पेजेंट के नियम और पदत्याग:** पूर्व विजेता अदिति भटनागर के खिताब छोड़ने के बाद आयोजकों ने नियमानुसार फर्स्ट रनर-अप रहीं निहारिका राठौड़ को 'द मिस ग्लोब इंडिया' का ताज सौंपा। सौंदर्य प्रतियोगिताओं में विजेता के हटने पर उप-विजेता को अंतरराष्ट्रीय दायित्व सौंपने की स्थापित परंपरा रही है।
- **पूर्व विफलता से सबक:** 'मिस राजस्थान' में पैर की चोट के कारण पिछड़ने के बाद निहारिका ने निरंतर अभ्यास जारी रखा। इसी कड़ी मेहनत की बदौलत वह 'मिस फ्यूजन इंडिया' में शीर्ष दावेदार बनकर उभरीं।
- **राजस्थान से ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व:** राज्य से पहले कभी कोई प्रतिभागी 'द मिस ग्लोब' के मुख्य वैश्विक मंच तक नहीं पहुंच पाई थी। निहारिका की निरंतरता ने आयोजकों को उन्हें इस प्रतिष्ठित मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रेरित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. निहारिका राठौड़ को 'द मिस ग्लोब इंडिया' का ताज कैसे मिला?
राष्ट्रीय पेजेंट 'मिस फ्यूजन इंडिया' में फर्स्ट रनर-अप रहने के बाद पूर्व विजेता अदिति भटनागर के हटने पर उन्हें यह उपाधि सौंपी गई।

### 2. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'द मिस ग्लोब' प्रतियोगिता कब और कहां होगी?
यह प्रतियोगिता 24 अक्टूबर से 6 नवंबर, 2026 तक थाइलैंड के फुकेत में आयोजित की जाएगी।

### 3. क्या भारत ने पहले कभी 'द मिस ग्लोब' प्रतियोगिता जीती है?
हां, भारत की डिंपल चेतन पटेल ने साल 2016 में 'द मिस ग्लोब' का खिताब जीता था।

### 4. निहारिका राठौड़ वर्तमान में क्या पढ़ाई कर रही हैं?
वह जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से एलएलबी फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही हैं और इससे पहले दो साल तक यूपीएससी की तैयारी भी कर चुकी हैं।

### 5. निहारिका के माता-पिता क्या करते हैं?
उनके पिता अजीत सिंह राठौड़ प्रॉपर्टी के व्यवसाय में हैं और उनकी मां मीनाक्षी राठौड़ एक गृहिणी हैं।

## प्रेरणा और सबक
चोट और असफलताओं के बावजूद अपने लक्ष्य पर अडिग रहने की यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

- **असफलता को अंतिम न मानना:** पैर में चोट के चलते 'मिस राजस्थान' न जीत पाने के बाद भी उन्होंने अभ्यास बंद नहीं किया। असफलता से निराश होने के बजाय उन्होंने अगले बड़े मंच की तैयारी शुरू की।
- **शिक्षा और पैशन में संतुलन:** एलएलबी की नियमित पढ़ाई के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी यह सिखाती है कि अनुशासन से दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव है। उन्होंने अपनी शिक्षा को दांव पर लगाए बिना अपने सपने को पूरा किया।
- **दृढ़ संकल्प और फोकस:** यूपीएससी परीक्षा की तैयारी से मॉडलिंग की दुनिया में बदलाव करते समय उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा नए लक्ष्य पर केंद्रित की। सही समय पर सही निर्णय लेना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

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