# राजस्थान में मौसम का यूटर्न, 28 सितंबर को झमाझम बारिश और आंधी का अलर्ट

> राजस्थान में 28 सितंबर को एक बार फिर बारिश का दौर लौटने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/rajasthan-weather-update-fresh-spell-of-rain-and-thunderstorms-predicted-for-september-28-39540 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान मौसम, जयपुर वेदर, राजस्थान बारिश, मौसम अपडेट, पश्चिमी विक्षोभ, मानसून विदाई

राजस्थान के मौसम मिजाज में एक बार फिर बदलाव दर्ज किया जा रहा है। राज्य के कई जिलों में आगामी 28 सितंबर को वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। विशेष तौर पर पूर्वी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम फुहारें गिरने के आसार हैं। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने का खतरा भी बना रहेगा।

## पूर्वी और शेखावाटी संभाग में बरसेंगे बदरा
पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के साथ शेखावाटी बेल्ट में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आएगा। इन इलाकों में मेघगर्जन के साथ बौछारें पड़ने की पूरी उम्मीद है। स्थानीय निवासियों को तेज हवाओं के झोंकों का सामना करना पड़ सकता है, जो जनजीवन को थोड़ा प्रभावित कर सकते हैं। किसानों और बाहर निकलने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि अचानक मौसम खराब हो सकता है।

## पश्चिमी और दक्षिणी जिलों का हाल
पश्चिमी राजस्थान की बात करें तो एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बीकानेर संभाग के गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जैसे क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है। हालांकि, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे सुदूर पश्चिमी इलाकों में मौसम के मुख्यतः शुष्क बने रहने की संभावना है। दूसरी ओर, दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के आसपास आसमान साफ रहने या आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं, जहां बारिश की संभावना अभी कम है। पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के दायरे में दर्ज किया जा सकता है।

## प्रमुख शहरों का तापमान और पूर्वानुमान
राज्य के बड़े शहरों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिलेगा। राजधानी जयपुर में आंशिक बादलों के बीच हल्की बौछारें या थंडरशॉवर आने के संकेत हैं, जहां अधिकतम पारा 33 से 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। भरतपुर में तापमान 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम 23 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जहां वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। अलवर में अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री के बीच और न्यूनतम 23 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बीकानेर में पारा 36 से 37 डिग्री और न्यूनतम 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द घूम सकता है, जबकि सीकर में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम 23 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है जहां तेज हवाएं चल सकती हैं।

## मानसून की विदाई और तापमान से जुड़े अहम बिंदु
राज्यभर में मौसम को लेकर कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं। जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में भी छिटपुट पानी गिर सकता है जबकि जैसलमेर और बाड़मेर में सूखा मौसम बना रहेगा। राजस्थान से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आगामी 2-3 दिनों में यह राज्य के अन्य हिस्सों से भी पूरी तरह विदा हो जाएगा जिसके बाद पूरी तरह शुष्क मौसम की शुरुआत होगी। इसके अलावा अलवर और सीकर जैसे क्षेत्रों में 1 से 3 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है जहां बिजली गिरने को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी।

## इसका आप पर असर
राजस्थान में मौसम बदलने और बारिश की वापसी से आम जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **तापमान में राहत:** अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने से भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में फसलों को इस हल्की बारिश से फायदा पहुंच सकता है।
- **यात्रा और आवागमन:** जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण सड़क और रेल यात्रा के दौरान सतर्क रहना होगा।
- **वज्रपात से सावधानी:** आकाशीय बिजली चमकने और थंडरस्टॉर्म की चेतावनी के चलते खुले मैदानों या खेतों में काम कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी चाहिए।
- **मानसून की स्थिति:** अगले 2-3 दिनों में मानसून की पूर्ण विदाई से पहले यह अंतिम दौर माना जा रहा है, जिसके बाद शुष्क मौसम शुरू होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे एक नया पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की विदाई की प्रक्रिया मुख्य वजह है।

- **पश्चिमी विक्षोभ का असर:** राज्य के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में एक नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से बीकानेर और शेखावाटी बेल्ट में नमी आई है।
- **मानसून की वापसी:** वर्तमान में मानसूनी रेखा राज्य के ऊपर से गुजरते हुए वापसी के अंतिम चरण में है, जिससे स्थानीय स्तर पर बादलों का निर्माण हो रहा है।
- **हवाओं का टकराव:** अलग-अलग दिशाओं से आ रही हवाओं के मिलने के कारण पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान में बारिश का नया दौर कब शुरू होने की संभावना है?
राज्य के कई इलाकों में 28 सितंबर को बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

### 2. किन संभागों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है?
जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के साथ शेखावाटी के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है।

### 3. पश्चिमी राजस्थान में कौन से जिले प्रभावित हो सकते हैं?
बीकानेर संभाग के साथ गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में हल्की बारिश हो सकती है।

### 4. राज्य में तापमान का अनुमान क्या है?
अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

### 5. मानसून की विदाई को लेकर क्या अपडेट है?
अगले 2-3 दिनों में राज्य के शेष हिस्सों से मानसून के पूरी तरह विदा होने की संभावना है।

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