राजस्थानी मंगोड़ी की सब्जी: सर्दियों के मौसम में ऐसे बनाएं लहसुन और मसालों से भरपूर यह पारंपरिक देसी डिश सर्दियों के दिनों में राजस्थान की पारंपरिक मंगोड़ी की सब्जी का स्वाद बेहद पसंद किया जाता है। बहुत कम समय और सामान्य सामग्री के साथ तैयार होने वाली यह डिश खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है। सर्दियों का मौसम आते ही भारतीय घरों में तरह-तरह के पकवान और पौष्टिक व्यंजन बनने शुरू हो जाते हैं। इस सुहाने मौसम में जहां एक तरफ हरी पत्तेदार सब्जियों की मांग काफी बढ़ जाती है, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के पारंपरिक देसी व्यंजन भी लोगों की पहली पसंद बने रहते हैं। ऐसी ही एक बेहद खास और लोकप्रिय राजस्थानी रेसिपी मंगोड़ी की सब्जी है, जिसे कई इलाकों में बड़िया की सब्जी के नाम से भी जाना जाता है। दाल से तैयार होने वाली मंगोड़ी, ताजा लहसुन, हरे प्याज और घर में आसानी से मिलने वाले मसालों के मेल से बनने वाली यह डिश स्वाद के मामले में बेजोड़ होती है। इस पारंपरिक रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बनाने के लिए न तो बहुत ज्यादा सामान जुटाने की जरूरत होती है और न ही रसोई में घंटों पसीना बहाना पड़ता है। मंगोड़ी की सब्जी बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले दाल की मंगोड़ी लेकर उन्हें अपने हाथों या फिर बेलन की सहायता से छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लिया जाता है। इसके बाद ताजे हरे पत्ते वाले प्याज, तीखी हरी मिर्च और हरा धनिया को बारीक काट कर अलग रख लिया जाता है। साथ ही लहसुन की कुछ कलियां छीलकर उन्हें अच्छी तरह कूट लिया जाता है, क्योंकि लहसुन ही इस पूरी सब्जी के स्वाद को एक अलग स्तर पर ले जाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इस तरह तैयार करें पारंपरिक राजस्थानी मंगोड़ी की सब्जी सब्जी बनाने के सबसे पहले चरण में एक कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें टुकड़े की हुई मंगोड़ियां डाली जाती हैं और मध्यम आंच पर उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भुना जाता है। इस दौरान यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि मंगोड़ियां जल न जाएं, बल्कि वे अच्छी तरह भुनकर हल्की कुरकुरी हो जानी चाहिए। इसके बाद कूटे हुए लहसुन को थोड़े से पानी में मिलाकर कड़ाही में डाला जाता है। अब इसमें स्वादानुसार नमक और रसोई में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले अन्य मसाले मिलाए जाते हैं। फिर इसमें कटा हुआ हरा प्याज और हरी मिर्च डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह आपस में मिलाया जाता है। आवश्यकतानुसार पानी डाला जाता है ताकि मंगोड़ियां नरम हो सकें और मसालों के स्वाद को अच्छी तरह सोख लें। सब्जी को धीमी आंच पर पकने दिया जाता है और दो-तीन उबाल आने का इंतजार किया जाता है। जब मंगोड़ियां पूरी तरह नरम हो जाती हैं और मसालों का जायका उनमें रच-बस जाता है, तब अंत में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया छिड़क दिया जाता है। इस प्रकार बेहद स्वादिष्ट और चटपटी राजस्थानी मंगोड़ी की सब्जी बनकर पूरी तरह तैयार हो जाती है। बाजरे की रोटी के साथ इसका स्वाद हो जाता है कई गुना बेहतर मंगोड़ी की सब्जी सर्दियों के ठंडे दिनों में भोजन के लिए एक बेहतरीन और पौष्टिक देसी विकल्प साबित होती है। इस लजीज डिश को गरमा-गरम गेहूं की साधारण रोटियों या फिर राजस्थान की पारंपरिक बाजरे की रोटी के साथ बड़े चाव से परोसा जा सकता है। भुने हुए लहसुन की सौंधी खुशबू, हरे प्याज का खास स्वाद और बुनियादी देसी मसालों का मेल इसे बेहद खास बना देता है। बहुत ही कम सामग्री और बेहद आसान तरीके से झटपट तैयार होने वाली यह पारंपरिक राजस्थानी रेसिपी आपके रोजाना के खाने में एक नया और शानदार देसी स्वाद जोड़ने का काम करती है। सवाल-जवाब 1. मंगोड़ी की सब्जी मुख्य रूप से किस राज्य की पारंपरिक डिश है? यह राजस्थान की एक प्रसिद्ध पारंपरिक रेसिपी है जिसे सर्दियों में बहुत चाव से खाया जाता है। 2. मंगोड़ी की सब्जी में कौन-सी मुख्य सामग्रियां डलती हैं? इसमें दाल से बनी मंगोड़ी, लहसुन, हरे प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और घर के मसाले डाले जाते हैं। 3. सब्जी बनाने से पहले मंगोड़ी का क्या किया जाता है? मंगोड़ी को हाथ या बेलन की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है और फिर तेल में भूना जाता है। 4. इस सब्जी को किस चीज के साथ परोसा जाता है? इसे गरमा-गरम गेहूं की रोटी या पारंपरिक बाजरे की रोटी के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/rajasthan/rajasthani-mangodi-sabzi-sardiyon-ke-mausama-men-aise-banaen-lahasuna-aura-masalon-se-bharapura-yaha-parnparika-desi-disha-51935 TrendKia — Har trend, sabse pehle.